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  • राष्ट्रीय सहारा : 25/04/2017 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योगी ने कहा कि जिन गांवों में बिजली चोरी रुकेगी, उन गांवों को 2018 से 24 घंटे बिजली दी जाएगी। बिजली को लेकर यूपी में वीआईपी कल्चर खत्म होगा। अब तक केवल चार जिलों को बिजली मिलती थी, क्या बाकी 71 जिलों ने वोट नहीं दिया। ये लोकतंत्र का उपहास है। हम सभी 75 जिलों को समान रूप से बिजली देंगे। जिलों को बिजली देने में भेदभाव नहीं किया जाएगा। 2018 तक हर गरीब के घर तक बिजली पहुंचाना लक्ष्य है। योगी ने ‘‘स्मार्ट सिटी’ की ही तरह ‘‘ स्मार्ट गांव’ बनाने पर जोर देते हुए सोमवार को कहा कि स्वच्छ भारत अभियान से जुड़कर हमारा लक्ष्य 2018 तक प्रदेश की सभी 59 हजार ग्राम पंचायतों को ‘‘खुले में शौच से मुक्त’ घोषित करना है। योगी ने यहां ‘‘राष्ट्रीय पंचायत राज दिवस’ के मौके पर आयोजित कार्यक्र म में कहा, प्रधानमंत्री ने कहा है कि स्मार्ट सिटी की बात करें तो स्मार्ट गांव की भी बात करें। ग्राम पंचायतों के आधुनिकीकरण और उन्हें स्मार्ट बनाने की जो प्रक्रिया आज प्रारंभ हुई है। प्रदेश की सभी 59 हजार ग्राम पंचायतों को उस प्रक्रिया से जोड़ेंगे। योगी ने हर न्याय पंचायत में ‘‘ चंद्रशेखर आजाद ग्रामीण विकास सचिवालय’ स्थापित करने का ऐलान किया। कैशलेस मामले में कृष्ण-सुदामा का उदाहरण दिया : मुख्यमंत्री ने कहा कि कैशलेस लेनदेन से ही भ्रष्टाचार समाप्त होगा और कहा, हमें कैशलेस की प्रेरणा कृष्ण और सुदामा से लेनी चाहिए। सुदामा कृष्ण से मिलने गए तो कृष्ण ने उन्हें कोई पैसे नहीं दिए लेकिन जब सुदामा अपने घर पहुंचे तो घर की कायापलट हो चुकी थी। जब 5000 साल पहले कैशलेस व्यवस्था हो सकती है तो हम आज इसे क्यों ना अपनाएं।
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    चोरी नहीं तो 24 घंटे मिलेगी बिजली
    राष्ट्रीय सहारा 25/04/2017
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योगी ने कहा कि जिन गांवों में बिजली चोरी रुकेगी, उन गांवों को 2018 से 24 घंटे बिजली दी जाएगी। बिजली को लेकर यूपी में वीआईपी कल्चर खत्म होगा। अब तक केवल चार जिलों को बिजली मिलती थी, क्या बाकी 71 जिलों ने वोट नहीं दिया। ये लोकतंत्र का उपहास है। हम सभी 75 जिलों को समान रूप से बिजली देंगे। जिलों को बिजली देने में भेदभाव नहीं किया जाएगा। 2018 तक हर गरीब के घर तक बिजली पहुंचाना लक्ष्य है। योगी ने ‘‘स्मार्ट सिटी’ की ही तरह ‘‘ स्मार्ट गांव’ बनाने पर जोर देते हुए सोमवार को कहा कि स्वच्छ भारत अभियान से जुड़कर हमारा लक्ष्य 2018 तक प्रदेश की सभी 59 हजार ग्राम पंचायतों को ‘‘खुले में शौच से मुक्त’ घोषित करना है। योगी ने यहां ‘‘राष्ट्रीय पंचायत राज दिवस’ के मौके पर आयोजित कार्यक्र म में कहा, प्रधानमंत्री ने कहा है कि स्मार्ट सिटी की बात करें तो स्मार्ट गांव की भी बात करें। ग्राम पंचायतों के आधुनिकीकरण और उन्हें स्मार्ट बनाने की जो प्रक्रिया आज प्रारंभ हुई है। प्रदेश की सभी 59 हजार ग्राम पंचायतों को उस प्रक्रिया से जोड़ेंगे। योगी ने हर न्याय पंचायत में ‘‘ चंद्रशेखर आजाद ग्रामीण विकास सचिवालय’ स्थापित करने का ऐलान किया। कैशलेस मामले में कृष्ण-सुदामा का उदाहरण दिया : मुख्यमंत्री ने कहा कि कैशलेस लेनदेन से ही भ्रष्टाचार समाप्त होगा और कहा, हमें कैशलेस की प्रेरणा कृष्ण और सुदामा से लेनी चाहिए। सुदामा कृष्ण से मिलने गए तो कृष्ण ने उन्हें कोई पैसे नहीं दिए लेकिन जब सुदामा अपने घर पहुंचे तो घर की कायापलट हो चुकी थी। जब 5000 साल पहले कैशलेस व्यवस्था हो सकती है तो हम आज इसे क्यों ना अपनाएं।


  • राष्ट्रीय सहारा : 24/04/2017 मुख्यमंत्री ने समग्र ग्राम विकास विभाग के ग्राम्य विकास विभाग में विलय के निर्देश भी दिए उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों के समय पर कार्यालय पहुंचने पर खास जोर दे रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास खंड स्तर के कर्मियों के दफ्तर में आने-जाने के समय पर नजर रखने के लिये बायोमेट्रिक पण्राली के इस्तेमाल के निर्देश दिए हैं।मुख्यमंत्री ने यह निर्देश शनिवार रात लखनऊ में ग्राम्य विकास विभाग के प्रस्तुतिकरण के दौरान देते हुए कहा कि हर ग्राम पंचायत स्तर पर एक बोर्ड लगाया जाए, जिसमें महत्वपूर्ण सूचनाएं तथा ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव तथा रोजगार सेवक के मोबाइल नम्बर तथा कराए जा रहे कायरे की सूची और योजनाओं का विवरण उपलब्ध रहे। उन्होंने कहा कि विकास खंड स्तर तक कर्मियों की बायोमेट्रिक अटेन्डेंस सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने समग्र ग्राम विकास विभाग के ग्राम्य विकास विभाग में विलय किए जाने के निर्देश भी दिए।उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा ग्रामीण पेयजल कार्यक्र म की समीक्षा की। योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लक्ष्यों की पूर्ति की जाए। सभी लक्षित 5.73 लाख परिवारों का पंजीकरण, फोटो अपलोडिंग, आवासों की स्वीकृति का कार्य शीघ्रता से किया जाए। छूटे हुए ऐसे पात्र परिवार जिनका नाम वर्तमान सूची में नहीं है, उन्हें सम्मिलित करने के लिए केन्द्र सरकार से अनुरोध किया जाए। उन्होंने मनरेगा से संबंधित कायरे में पारदर्शिता लाये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि क्रि याशील श्रमिकों को ‘‘आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम’ से जोड़ने की कार्रवाई की जाए।योगी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गत वर्ष की अवशेष 118 सड़कों के निर्माण को 15 जून, 2017 तक पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि 2016-17 में स्वीकृत सभी 680 सड़कों को जनवरी, 2018 तक पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्र म और विश्व बैंक सहायतित ‘‘नीर निर्मल परियोजना’ के साथ-साथ राज्य ग्रामीण पेयजल योजना की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के साथ-साथ प्रदेश के अन्य हिस्सों में पाइप पेयजल योजनाओं को पूरा कराया जाए। भाषा हर ग्राम पंचायत स्तर पर एक बोर्ड लगाया जाए, जिसमें महत्वपूर्ण सूचनाएं तथा ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव तथा रोजगार सेवक के मोबाइल नम्बर तथा कराए जा रहे कायरे की सूची और योजनाओं का विवरण उपलब्ध रहे।-योगी आदित्यनाथ, सीएम
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    यूपी में अब ब्लॉक तक बायोमेट्रिक हाजिरी
    राष्ट्रीय सहारा 24/04/2017
    मुख्यमंत्री ने समग्र ग्राम विकास विभाग के ग्राम्य विकास विभाग में विलय के निर्देश भी दिए उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों के समय पर कार्यालय पहुंचने पर खास जोर दे रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास खंड स्तर के कर्मियों के दफ्तर में आने-जाने के समय पर नजर रखने के लिये बायोमेट्रिक पण्राली के इस्तेमाल के निर्देश दिए हैं।मुख्यमंत्री ने यह निर्देश शनिवार रात लखनऊ में ग्राम्य विकास विभाग के प्रस्तुतिकरण के दौरान देते हुए कहा कि हर ग्राम पंचायत स्तर पर एक बोर्ड लगाया जाए, जिसमें महत्वपूर्ण सूचनाएं तथा ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव तथा रोजगार सेवक के मोबाइल नम्बर तथा कराए जा रहे कायरे की सूची और योजनाओं का विवरण उपलब्ध रहे। उन्होंने कहा कि विकास खंड स्तर तक कर्मियों की बायोमेट्रिक अटेन्डेंस सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने समग्र ग्राम विकास विभाग के ग्राम्य विकास विभाग में विलय किए जाने के निर्देश भी दिए।उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा ग्रामीण पेयजल कार्यक्र म की समीक्षा की। योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लक्ष्यों की पूर्ति की जाए। सभी लक्षित 5.73 लाख परिवारों का पंजीकरण, फोटो अपलोडिंग, आवासों की स्वीकृति का कार्य शीघ्रता से किया जाए। छूटे हुए ऐसे पात्र परिवार जिनका नाम वर्तमान सूची में नहीं है, उन्हें सम्मिलित करने के लिए केन्द्र सरकार से अनुरोध किया जाए। उन्होंने मनरेगा से संबंधित कायरे में पारदर्शिता लाये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि क्रि याशील श्रमिकों को ‘‘आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम’ से जोड़ने की कार्रवाई की जाए।योगी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गत वर्ष की अवशेष 118 सड़कों के निर्माण को 15 जून, 2017 तक पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि 2016-17 में स्वीकृत सभी 680 सड़कों को जनवरी, 2018 तक पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्र म और विश्व बैंक सहायतित ‘‘नीर निर्मल परियोजना’ के साथ-साथ राज्य ग्रामीण पेयजल योजना की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के साथ-साथ प्रदेश के अन्य हिस्सों में पाइप पेयजल योजनाओं को पूरा कराया जाए। भाषा हर ग्राम पंचायत स्तर पर एक बोर्ड लगाया जाए, जिसमें महत्वपूर्ण सूचनाएं तथा ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव तथा रोजगार सेवक के मोबाइल नम्बर तथा कराए जा रहे कायरे की सूची और योजनाओं का विवरण उपलब्ध रहे।-योगी आदित्यनाथ, सीएम


  • दैनिक जागरण : 23/04/2017 लखनऊ में शनिवार को शास्त्री भवन में बाढ़ नियंत्रण परिषद स्थायी समिति की बैठक करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।राज्य ब्यूरो, लखनऊ : योगी सरकार बनने के बाद शनिवार को 21 साल बाद बाढ़ नियंत्रण परिषद स्थायी समिति की बैठक हुई। इसमें पुरानी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पूरी करने के निर्देश दिये गए। अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अनावश्यक राजकीय धनराशि का व्यय रोक कर पूर्व में संचालित परियोजनाओं को पहले पूरा किया जाए। सभी अधूरी परियोजनाओं को 15 जून तक पूरा कराया जाए। 1शास्त्री भवन में हुई इस बैठक में बताया गया कि बाढ़ नियंत्रण के लिए पहले से संचालित 189 परियोजनाएं अधूरी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे में पुन: 107 नई परियोजनाएं शुरू करने का कोई औचित्य नहीं है। नई परियोजनाओं का व्यापक परीक्षण कराकर उनकी उपयोगिता को परखा जाए। इसके प्रस्ताव रखे जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार आवश्यक परियोजनाओं के लिए धनराशि की कमी नहीं होने देगी, लेकिन अनावश्यक परियोजनाओं को कतई चलने नहीं देगी।1मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में यह बैठक हर हाल में दिसंबर तक सुनिश्चित करायी जाए, जिससे समय से धनराशि की व्यवस्था बजट में की जा सके। उन्होंने काफी दिनों से तटबंधों की जरूरी मरम्मत न होने पर असंतोष जताया। आगाह किया कि इस प्रवृत्ति को आगे नहीं चलने दिया जाएगा और यदि कोई तटबंध मरम्मत के अभाव में टूटता है तो इसके लिए संबंधित अभियंता की जिम्मेदारी तय होगी। उन्होंने बाढ़ की दृष्टि से सर्वाधिक संवेदनशील 23 जनपदों की परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही गत वित्तीय वर्ष के अंत में जिन 28 परियोजनाओं की शेष धनराशि अवमुक्त की गई थी, उच्चस्तरीय अधिकारियों की टीम गठित कर इनका निरीक्षण कराने को भी कहा। बैठक में सिंचाई मंत्री धर्म पाल सिंह, बाढ़ नियंत्रण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाति सिंह, सिंचाई राज्य मंत्री बलदेव ओलख सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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    21 साल बाद हुई बाढ़ नियंत्रण की बैठक
    दैनिक जागरण 23/04/2017
    लखनऊ में शनिवार को शास्त्री भवन में बाढ़ नियंत्रण परिषद स्थायी समिति की बैठक करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।राज्य ब्यूरो, लखनऊ : योगी सरकार बनने के बाद शनिवार को 21 साल बाद बाढ़ नियंत्रण परिषद स्थायी समिति की बैठक हुई। इसमें पुरानी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पूरी करने के निर्देश दिये गए। अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अनावश्यक राजकीय धनराशि का व्यय रोक कर पूर्व में संचालित परियोजनाओं को पहले पूरा किया जाए। सभी अधूरी परियोजनाओं को 15 जून तक पूरा कराया जाए। 1शास्त्री भवन में हुई इस बैठक में बताया गया कि बाढ़ नियंत्रण के लिए पहले से संचालित 189 परियोजनाएं अधूरी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे में पुन: 107 नई परियोजनाएं शुरू करने का कोई औचित्य नहीं है। नई परियोजनाओं का व्यापक परीक्षण कराकर उनकी उपयोगिता को परखा जाए। इसके प्रस्ताव रखे जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार आवश्यक परियोजनाओं के लिए धनराशि की कमी नहीं होने देगी, लेकिन अनावश्यक परियोजनाओं को कतई चलने नहीं देगी।1मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में यह बैठक हर हाल में दिसंबर तक सुनिश्चित करायी जाए, जिससे समय से धनराशि की व्यवस्था बजट में की जा सके। उन्होंने काफी दिनों से तटबंधों की जरूरी मरम्मत न होने पर असंतोष जताया। आगाह किया कि इस प्रवृत्ति को आगे नहीं चलने दिया जाएगा और यदि कोई तटबंध मरम्मत के अभाव में टूटता है तो इसके लिए संबंधित अभियंता की जिम्मेदारी तय होगी। उन्होंने बाढ़ की दृष्टि से सर्वाधिक संवेदनशील 23 जनपदों की परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही गत वित्तीय वर्ष के अंत में जिन 28 परियोजनाओं की शेष धनराशि अवमुक्त की गई थी, उच्चस्तरीय अधिकारियों की टीम गठित कर इनका निरीक्षण कराने को भी कहा। बैठक में सिंचाई मंत्री धर्म पाल सिंह, बाढ़ नियंत्रण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाति सिंह, सिंचाई राज्य मंत्री बलदेव ओलख सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


  • दैनिक जागरण : 22/04/2017 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग का प्रेजेंटेशन लेकर आए अफसरों और डॉक्टरों को दो टूक चेताया कि अस्पतालों में डॉक्टर और दवाओं की मौजूदगी न मिली तो माफी भी नहीं मिलेगी। उन्होंने स्वास्थ्य महकमे में जड़ें जमा चुकीं समस्याएं भी अधिकारियों को गिना दीं। साथ ही बड़े पैमाने पर सुधार के निर्देश भी दिए। शास्त्री भवन में प्रस्तुतिकरण के दौरान मुख्यमंत्री ने गांव, गरीब और समाज के अंतिम व्यक्ति तक हर हाल में यह सेवाएं पहुंचना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों सहित प्रदेश की संपूर्ण चिकित्सा व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार दिखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने जन औषधि केंद्रों का संचालन करने और लोगों को चिकित्सा स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं की सूचना हेल्थ एप के जरिये देने को कहा। उन्होंने ओपीडी व आपातकालीन सेवाओं को भी मजबूत करने को कहा। मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य, मुख्य सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव वित्त, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, प्रमुख सचिव नियोजन तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। डीएम-सीएमओ होंगे जवाबदेह: मुख्यमंत्री ने समय रहते वेक्टर जनित रोगों के नियंत्रण और बचाव के लिए युद्धस्तर पर कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने डेंगू, जापानी व एक्यूट इंसेफ्लाइटिस और चिकनगुनिया से प्रभावित रोगियों की समय से जांच व उपचार करने के साथ रोग से बचाव के लिए लोगों में जागरुकता लाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इन रोगों से प्रभावित जिलों में साफ-सफाई की व्यवस्था के लिए जिलाधिकारी और दवाओं व चिकित्सकों की उपलब्धता के लिए सीएमओ को जवाबदेह बनाने को कहा। इन रोगों से निजात पाने के लिए उन्होंने पंचायती राज, ग्राम्य विकास और स्वास्थ्य व चिकित्सा विभाग से समन्वय बनाकर काम करने और इसमें विद्यालयों व स्वयंसेवी संगठनों की मदद लेने को कहा। अधिकारियों को गिनायीं समस्याएं: मुख्यमंत्री ने प्रस्तुतिकरण के दौरान अधिकारियों को चिकित्सालयों में साफ-सफाई में कमी, चिकित्सीय और विशेषज्ञ सेवा के अभाव, रोगियों को अधिकारों की जानकारी का अभाव, सुदूर क्षेत्रों में चिकित्सीय सेवाओं की अनुपलब्धता, ओपीडी एवं इमरजेन्सी सेवाओं में अव्यवस्था जैसी समस्याएं गिनायीं। उन्होंने चिकित्सकों की कमी पर नियुक्ति के उपाय तलाशे जाने, संविदा पर भर्ती, सेवानिवृत्त चिकित्सकों के पुनर्योजन, सायंकालीन ओपीडी के संचालन और इसके लिए चिकित्सकों को प्रोत्साहन राशि दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निजी चिकित्सकों से भी विचार-विमर्श और समन्वय कर ओपीडी का संचालन किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने चिकित्सीय इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी वाले स्थानों पर टेलीमेडिसिन और मोबाइल यूनिट के माध्यम से चिकित्सा व्यवस्था करने को कहा। साथ ही औषधियों व उपकरणों की खरीद में ई-टेंडरिंग प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए। रोस्टर से तैनात हों डॉक्टर:मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों व विशेषज्ञों को दो-तीन चिकित्सालयों व केंद्रों पर सेवा प्रदान करने के लिए रोस्टर व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा है। उन्होंने सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों के विवरण प्रदर्शित करने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना, वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य बीमा योजना तथा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को स्वास्थ्य व चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इन योजनाओं में भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती हैं, इसलिए पारदर्शितापूर्ण ढंग से लाभार्थियों का चयन करते हुए उन्हें सुविधाएं प्रदान की जाएं। सुदूर क्षेत्रों तक पहुंचे एंबुलेंस: मुख्यमंत्री ने कहा कि एंबुलेंस सेवा का लाभ सुदूर क्षेत्र के निवासियों और गरीबों को बड़े पैमाने और बेहतर ढंग से मिलना चाहिए। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में पैथोलॉजी सहित अन्य जांचों के सभी प्रकार के उपकरणों को हमेशा क्रियाशील रखने, ट्रॉमा सेंटर में सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध रखने और निर्माणाधीन भवनों को गुणवत्ता के साथ समय से पूरा करने के निर्देश दिए।लखनऊ में शुक्रवार को शास्त्री भवन में रात 11:25 बजे बैठक के बाद बाहर आते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ’
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    अस्पतालों में मौजूद रहें डॉक्टर व दवाएं : योगी
    दैनिक जागरण 22/04/2017
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग का प्रेजेंटेशन लेकर आए अफसरों और डॉक्टरों को दो टूक चेताया कि अस्पतालों में डॉक्टर और दवाओं की मौजूदगी न मिली तो माफी भी नहीं मिलेगी। उन्होंने स्वास्थ्य महकमे में जड़ें जमा चुकीं समस्याएं भी अधिकारियों को गिना दीं। साथ ही बड़े पैमाने पर सुधार के निर्देश भी दिए। शास्त्री भवन में प्रस्तुतिकरण के दौरान मुख्यमंत्री ने गांव, गरीब और समाज के अंतिम व्यक्ति तक हर हाल में यह सेवाएं पहुंचना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों सहित प्रदेश की संपूर्ण चिकित्सा व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार दिखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने जन औषधि केंद्रों का संचालन करने और लोगों को चिकित्सा स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं की सूचना हेल्थ एप के जरिये देने को कहा। उन्होंने ओपीडी व आपातकालीन सेवाओं को भी मजबूत करने को कहा। मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य, मुख्य सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव वित्त, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, प्रमुख सचिव नियोजन तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। डीएम-सीएमओ होंगे जवाबदेह: मुख्यमंत्री ने समय रहते वेक्टर जनित रोगों के नियंत्रण और बचाव के लिए युद्धस्तर पर कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने डेंगू, जापानी व एक्यूट इंसेफ्लाइटिस और चिकनगुनिया से प्रभावित रोगियों की समय से जांच व उपचार करने के साथ रोग से बचाव के लिए लोगों में जागरुकता लाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इन रोगों से प्रभावित जिलों में साफ-सफाई की व्यवस्था के लिए जिलाधिकारी और दवाओं व चिकित्सकों की उपलब्धता के लिए सीएमओ को जवाबदेह बनाने को कहा। इन रोगों से निजात पाने के लिए उन्होंने पंचायती राज, ग्राम्य विकास और स्वास्थ्य व चिकित्सा विभाग से समन्वय बनाकर काम करने और इसमें विद्यालयों व स्वयंसेवी संगठनों की मदद लेने को कहा। अधिकारियों को गिनायीं समस्याएं: मुख्यमंत्री ने प्रस्तुतिकरण के दौरान अधिकारियों को चिकित्सालयों में साफ-सफाई में कमी, चिकित्सीय और विशेषज्ञ सेवा के अभाव, रोगियों को अधिकारों की जानकारी का अभाव, सुदूर क्षेत्रों में चिकित्सीय सेवाओं की अनुपलब्धता, ओपीडी एवं इमरजेन्सी सेवाओं में अव्यवस्था जैसी समस्याएं गिनायीं। उन्होंने चिकित्सकों की कमी पर नियुक्ति के उपाय तलाशे जाने, संविदा पर भर्ती, सेवानिवृत्त चिकित्सकों के पुनर्योजन, सायंकालीन ओपीडी के संचालन और इसके लिए चिकित्सकों को प्रोत्साहन राशि दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निजी चिकित्सकों से भी विचार-विमर्श और समन्वय कर ओपीडी का संचालन किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने चिकित्सीय इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी वाले स्थानों पर टेलीमेडिसिन और मोबाइल यूनिट के माध्यम से चिकित्सा व्यवस्था करने को कहा। साथ ही औषधियों व उपकरणों की खरीद में ई-टेंडरिंग प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए। रोस्टर से तैनात हों डॉक्टर:मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों व विशेषज्ञों को दो-तीन चिकित्सालयों व केंद्रों पर सेवा प्रदान करने के लिए रोस्टर व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा है। उन्होंने सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों के विवरण प्रदर्शित करने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना, वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य बीमा योजना तथा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को स्वास्थ्य व चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इन योजनाओं में भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती हैं, इसलिए पारदर्शितापूर्ण ढंग से लाभार्थियों का चयन करते हुए उन्हें सुविधाएं प्रदान की जाएं। सुदूर क्षेत्रों तक पहुंचे एंबुलेंस: मुख्यमंत्री ने कहा कि एंबुलेंस सेवा का लाभ सुदूर क्षेत्र के निवासियों और गरीबों को बड़े पैमाने और बेहतर ढंग से मिलना चाहिए। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में पैथोलॉजी सहित अन्य जांचों के सभी प्रकार के उपकरणों को हमेशा क्रियाशील रखने, ट्रॉमा सेंटर में सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध रखने और निर्माणाधीन भवनों को गुणवत्ता के साथ समय से पूरा करने के निर्देश दिए।लखनऊ में शुक्रवार को शास्त्री भवन में रात 11:25 बजे बैठक के बाद बाहर आते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ’


  • राष्ट्रीय सहारा : 21/04/2017 झांसी (एसएनबी)।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुंदेलखंड को देश की राजधानी से जोड़ने के लिये सिक्स लेन परियोजना शुरू की जायेगी, जिससे उद्योग मिलने के साथ ही लोगों के पलायन पर भी रोक लग सकेगी। उन्होंने कहा कि गरीबों का खाद्यान्न बाजार में बिका तो अधिकारियों की खैर नहीं। अब निलम्बन नहीं सीधे बर्खास्तगी की कार्रवाई की जायेगी। कालाबजारी किसी भी हालत में नहीं होनी चाहिये। राशन काडोर्ं का पुनरीक्षण करा लिया जाये। किसी भी घटना की सूचना विधायक, सांसद या सम्बंधित अधिकारी को फोन पर दें। कानून हाथ में न लें। पैरामेडिकल कालेज में गुरुवार को आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जायेगी। बड़ी योजनाओं से सम्बंधित सभी समस्याओं की सूचना विधायक, क्षेत्रीय सांसद को दी जाये, जिनके द्वारा सम्बंधित मंत्री को अवगत कराया जायेगा। क्योंकि यह पैसा सरकार व जनता का है किसी नेता का नहीं। इसे जनता के उपयोग में ही खर्च किया जायेगा। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड को देश की राजधानी से जोड़ने के लिये सिक्स लेन परियोजना शुरू की जायेगी, जिससे लोगों को उद्योग मिलने के साथ ही पलायन पर भी रोक लग सकेगी। प्रदेश की बागडोर संभालने के बाद पहली बार बुंदेलखंड की हृदयस्थली झांसी आये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां जिला चिकित्सालय, मंडी व टाकोरी स्थित विद्यालय का निरीक्षण करने के बाद विकास भवन में अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके उपरान्त पैरामेडिकल कालेज में विधायकों, सांसदों व अन्य पार्टीजनों के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग के लोग स्वयं घर आकर संयोजन करायेंगे। परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने पार्टी के विधायकों व सांसदों को कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करने की सीख देते हुये कहा कि धरना-प्रदर्शन न किया जाये। यह काम विपक्ष का है। अपनी समस्याओं को विधायकों व सांसदों के जरिये मंत्रियों तक पहुंचायें। झांसी के जिला अस्पताल में महिला का हाल पूछते मुख्यमंत्री।
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    बुंदेलखंड-दिल्ली सड़क सिक्स लेन होगी : योगी
    राष्ट्रीय सहारा 21/04/2017
    झांसी (एसएनबी)।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुंदेलखंड को देश की राजधानी से जोड़ने के लिये सिक्स लेन परियोजना शुरू की जायेगी, जिससे उद्योग मिलने के साथ ही लोगों के पलायन पर भी रोक लग सकेगी। उन्होंने कहा कि गरीबों का खाद्यान्न बाजार में बिका तो अधिकारियों की खैर नहीं। अब निलम्बन नहीं सीधे बर्खास्तगी की कार्रवाई की जायेगी। कालाबजारी किसी भी हालत में नहीं होनी चाहिये। राशन काडोर्ं का पुनरीक्षण करा लिया जाये। किसी भी घटना की सूचना विधायक, सांसद या सम्बंधित अधिकारी को फोन पर दें। कानून हाथ में न लें। पैरामेडिकल कालेज में गुरुवार को आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जायेगी। बड़ी योजनाओं से सम्बंधित सभी समस्याओं की सूचना विधायक, क्षेत्रीय सांसद को दी जाये, जिनके द्वारा सम्बंधित मंत्री को अवगत कराया जायेगा। क्योंकि यह पैसा सरकार व जनता का है किसी नेता का नहीं। इसे जनता के उपयोग में ही खर्च किया जायेगा। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड को देश की राजधानी से जोड़ने के लिये सिक्स लेन परियोजना शुरू की जायेगी, जिससे लोगों को उद्योग मिलने के साथ ही पलायन पर भी रोक लग सकेगी। प्रदेश की बागडोर संभालने के बाद पहली बार बुंदेलखंड की हृदयस्थली झांसी आये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां जिला चिकित्सालय, मंडी व टाकोरी स्थित विद्यालय का निरीक्षण करने के बाद विकास भवन में अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके उपरान्त पैरामेडिकल कालेज में विधायकों, सांसदों व अन्य पार्टीजनों के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग के लोग स्वयं घर आकर संयोजन करायेंगे। परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने पार्टी के विधायकों व सांसदों को कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करने की सीख देते हुये कहा कि धरना-प्रदर्शन न किया जाये। यह काम विपक्ष का है। अपनी समस्याओं को विधायकों व सांसदों के जरिये मंत्रियों तक पहुंचायें। झांसी के जिला अस्पताल में महिला का हाल पूछते मुख्यमंत्री।


  • दैनिक जागरण : 20/04/2017 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने पर जोर देते हुए दो टूक कहा है कि पुलिस अपनी कार्यशैली और व्यवहार में बदलाव लाए। योगी ने पुलिस थानों और यूपी-100 की कार्यप्रणाली को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की अपेक्षा की है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एसीओ) की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर करते हुए योगी ने पुलिस से संबंधित सभी महकमों में भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए। एसीओ का पुनर्गठन करने के निर्देश के साथ कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए जनता को एक टोल फ्री नंबर उपलब्ध कराया जाए। योगी बुधवार की देर शाम शास्त्री भवन में गृह, सतर्कता और कारागार विभाग के प्रस्तुतीकरण के बाद अफसरों को हिदायत दे रहे थे। एसीओ मुख्यालय में अविलंब टोल फ्री नंबर उपलब्ध कराने की हिदायत दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के अंदर पुलिस की छवि में सुधार लाना होगा। पुलिस की छवि ऐसी होनी चाहिए कि अपराधियों में भय व्याप्त हो और जनता को सुरक्षा का अहसास हो। उन्होंने पुलिस से संबंधित सभी संगठनों में आपस में समन्वय पर जोर दिया ताकि कार्यो में अवरोध न हो। पुलिस को जनता से सीधा संवाद की हिदायत देते हुए उन्होंने छोटी से छोटी घटनाओं का संज्ञान लेने को कहा। योगी ने कहा कि अभिसूचना तंत्र को इतना सशक्त बनाया जाए कि किसी भी घटना के घटित होने से पहले प्रभावी कार्रवाई की जा सके। प्रस्तुतीकरण के दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा, मुख्य सचिव राहुल भटनागर, प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पंडा, प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी व डीजीपी जावीद अहमद समेत कई प्रमुख अधिकारी मौजूद थे। नए थानों के लिए केंद्र को भेजें प्रस्ताव : मुख्यमंत्री ने नए थानों के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। यह प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा। केंद्र के सहयोग से थानों के निर्माण की योजना को फिर से चलाने के लिए उन्होंने अफसरों की जिम्मेदारी तय की। भ्रष्टाचार से मुक्त होगी भर्ती प्रक्रिया : पर्याप्त पुलिस बल के लिए सूबे में करीब सवा लाख भर्ती की जानी है। मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया को भेदभाव और भ्रष्टाचार से मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी कि भर्तियों में कोई शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। खामियों की वजह से ही कई विवाद उत्पन्न होते हैं।
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    भ्रष्टाचार की शिकायत को होगा टोल फ्री नंबर
    दैनिक जागरण 20/04/2017
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने पर जोर देते हुए दो टूक कहा है कि पुलिस अपनी कार्यशैली और व्यवहार में बदलाव लाए। योगी ने पुलिस थानों और यूपी-100 की कार्यप्रणाली को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की अपेक्षा की है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एसीओ) की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर करते हुए योगी ने पुलिस से संबंधित सभी महकमों में भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए। एसीओ का पुनर्गठन करने के निर्देश के साथ कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए जनता को एक टोल फ्री नंबर उपलब्ध कराया जाए। योगी बुधवार की देर शाम शास्त्री भवन में गृह, सतर्कता और कारागार विभाग के प्रस्तुतीकरण के बाद अफसरों को हिदायत दे रहे थे। एसीओ मुख्यालय में अविलंब टोल फ्री नंबर उपलब्ध कराने की हिदायत दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के अंदर पुलिस की छवि में सुधार लाना होगा। पुलिस की छवि ऐसी होनी चाहिए कि अपराधियों में भय व्याप्त हो और जनता को सुरक्षा का अहसास हो। उन्होंने पुलिस से संबंधित सभी संगठनों में आपस में समन्वय पर जोर दिया ताकि कार्यो में अवरोध न हो। पुलिस को जनता से सीधा संवाद की हिदायत देते हुए उन्होंने छोटी से छोटी घटनाओं का संज्ञान लेने को कहा। योगी ने कहा कि अभिसूचना तंत्र को इतना सशक्त बनाया जाए कि किसी भी घटना के घटित होने से पहले प्रभावी कार्रवाई की जा सके। प्रस्तुतीकरण के दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा, मुख्य सचिव राहुल भटनागर, प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पंडा, प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी व डीजीपी जावीद अहमद समेत कई प्रमुख अधिकारी मौजूद थे। नए थानों के लिए केंद्र को भेजें प्रस्ताव : मुख्यमंत्री ने नए थानों के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। यह प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा। केंद्र के सहयोग से थानों के निर्माण की योजना को फिर से चलाने के लिए उन्होंने अफसरों की जिम्मेदारी तय की। भ्रष्टाचार से मुक्त होगी भर्ती प्रक्रिया : पर्याप्त पुलिस बल के लिए सूबे में करीब सवा लाख भर्ती की जानी है। मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया को भेदभाव और भ्रष्टाचार से मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी कि भर्तियों में कोई शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। खामियों की वजह से ही कई विवाद उत्पन्न होते हैं।


  • राष्ट्रीय सहारा : 19/04/2017 लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने गोरखपुर हवाई अड्डे का नाम महायोगी गोरखनाथ टर्मिनल करने व किसानों को 21 दिन में फसल बीमा का पैसा देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिमण्डल की आज यहां हुई बैठक में इस आशय का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके साथ ही आगरा हवाई अड्डे को दीन दयाल उपाध्याय के नाम से रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। मंत्रिमण्डल ने राजमाता विजया राजे सिंधिया की पुस्तक राजपथ से लोकपथ पर बनी फिल्म ‘‘एक थी रानी’ को टैक्स फ्री करने का निर्णय लिया। मंत्रिमण्डल ने विकलांगजन कल्याण विभाग का नाम बदलकर दिव्यांगजन सशक्तिकरण करने का भी फैसला लिया। राज्य में 20 कृषि विज्ञान केन्द्र खोले जाएंगे।
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    गोरखपुर एयरपोर्ट अब हुआ महायोगी गोरखनाथ टर्मिनल
    राष्ट्रीय सहारा 19/04/2017
    लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने गोरखपुर हवाई अड्डे का नाम महायोगी गोरखनाथ टर्मिनल करने व किसानों को 21 दिन में फसल बीमा का पैसा देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिमण्डल की आज यहां हुई बैठक में इस आशय का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके साथ ही आगरा हवाई अड्डे को दीन दयाल उपाध्याय के नाम से रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। मंत्रिमण्डल ने राजमाता विजया राजे सिंधिया की पुस्तक राजपथ से लोकपथ पर बनी फिल्म ‘‘एक थी रानी’ को टैक्स फ्री करने का निर्णय लिया। मंत्रिमण्डल ने विकलांगजन कल्याण विभाग का नाम बदलकर दिव्यांगजन सशक्तिकरण करने का भी फैसला लिया। राज्य में 20 कृषि विज्ञान केन्द्र खोले जाएंगे।


  • दैनिक जागरण : 18/04/2017 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में तीन तलाक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो टूक के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कड़े तेवर दिखाए। तीन तलाक को चीरहरण जैसा बताते हुए उन्होंने इस पर मौन रहने वालों को अपराधी करार दिया। योगी ने कहा कि इस देश में कॉमन सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) लागू होना चाहिए। सोमवार को योगी विधानसभा के सेंट्रल हाल में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की 91वीं जयंती पर ‘राष्ट्रपुरुष चंद्रशेखर, संसद में दो टूक’ पुस्तक के लोकार्पण के बाद आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। कहा, कॉमन सिविल कोड के बारे में चंद्रशेखर की धारणा बहुत स्पष्ट थी और उन्होंने बहुत बेबाकी से कहा था कि जब देश एक है, फौजदारी के कानून एक हैं तो शादी-ब्याह के कानून एक क्यों नहीं हो सकते। चंद्रशेखर के साथ जुड़े संस्मरण और अपने निजी अनुभवों को सुनाते हुए मुख्यमंत्री ने कई ज्वलंत सवाल उठाए। कहा, तीन तलाक महिलाओं के अधिकार पर हमला है। इस पर चुप रहने वालों को समाज कभी माफ नहीं करेगा। सही मायने में समाजवादी थे चंद्रशेखर : योगी : मुख्यमंत्री ने कहा कि चंद्रशेखर सही मायने में समाजवादी विचारधारा को मानने वाले थे। उन्होंने कोई भी काम वोट के लिए नहीं किया। कश्मीर, पंजाब, श्रीलंका और नेपाल की समस्या पर भी उन्होंने मौलिक विचार दिए। चंद्रशेखर संसद में अकेले होते थे लेकिन, कई विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व करते थे।’ चीरहरण जैसा है टिपल तलाक इस पर मौन रहने वाले अपराधीदेश के लोग जब एक ज्वलंत समस्या पर मुंह बंद किए हैं तो मुङो महाभारत की सभा याद आती है, जब द्रोपदी का चीरहरण हो रहा था। तब द्रोपदी ने भरी सभा से पूछा था कि आखिर इस घटना का दोषी कौन है। कोई बोल नहीं पाया सिर्फ विदुर जवाब दे पाए- तिहाई दोषी अपराधी हैं, तिहाई दोषी उसके सहयोगी हैं और तिहाई दोषी मौन रहने वाले हैं। तीन तलाक देश की सबसे बड़ी समस्या है और इस देश का राजनीतिक क्षितिज मौन बना है।
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    पूरे देश में लागू हो कॉमन सिविल कोड
    दैनिक जागरण 18/04/2017
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में तीन तलाक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो टूक के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कड़े तेवर दिखाए। तीन तलाक को चीरहरण जैसा बताते हुए उन्होंने इस पर मौन रहने वालों को अपराधी करार दिया। योगी ने कहा कि इस देश में कॉमन सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) लागू होना चाहिए। सोमवार को योगी विधानसभा के सेंट्रल हाल में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की 91वीं जयंती पर ‘राष्ट्रपुरुष चंद्रशेखर, संसद में दो टूक’ पुस्तक के लोकार्पण के बाद आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। कहा, कॉमन सिविल कोड के बारे में चंद्रशेखर की धारणा बहुत स्पष्ट थी और उन्होंने बहुत बेबाकी से कहा था कि जब देश एक है, फौजदारी के कानून एक हैं तो शादी-ब्याह के कानून एक क्यों नहीं हो सकते। चंद्रशेखर के साथ जुड़े संस्मरण और अपने निजी अनुभवों को सुनाते हुए मुख्यमंत्री ने कई ज्वलंत सवाल उठाए। कहा, तीन तलाक महिलाओं के अधिकार पर हमला है। इस पर चुप रहने वालों को समाज कभी माफ नहीं करेगा। सही मायने में समाजवादी थे चंद्रशेखर : योगी : मुख्यमंत्री ने कहा कि चंद्रशेखर सही मायने में समाजवादी विचारधारा को मानने वाले थे। उन्होंने कोई भी काम वोट के लिए नहीं किया। कश्मीर, पंजाब, श्रीलंका और नेपाल की समस्या पर भी उन्होंने मौलिक विचार दिए। चंद्रशेखर संसद में अकेले होते थे लेकिन, कई विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व करते थे।’ चीरहरण जैसा है टिपल तलाक इस पर मौन रहने वाले अपराधीदेश के लोग जब एक ज्वलंत समस्या पर मुंह बंद किए हैं तो मुङो महाभारत की सभा याद आती है, जब द्रोपदी का चीरहरण हो रहा था। तब द्रोपदी ने भरी सभा से पूछा था कि आखिर इस घटना का दोषी कौन है। कोई बोल नहीं पाया सिर्फ विदुर जवाब दे पाए- तिहाई दोषी अपराधी हैं, तिहाई दोषी उसके सहयोगी हैं और तिहाई दोषी मौन रहने वाले हैं। तीन तलाक देश की सबसे बड़ी समस्या है और इस देश का राजनीतिक क्षितिज मौन बना है।


  • दैनिक जागरण : 16/04/2017 लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह लोगों की समस्याएं सुनें और तेजी से उनका हल निकालें। वह रोज की तरह शनिवार को भी मुख्यमंत्री आवास पर लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। एटा से आए लाखन सिंह की गुहार की कि सरकार उनके लड़के की हत्या करने वालों को सजा दिलाएं। बाराबंकी की रजिया का आवेदन पुत्री के लिए शादी अनुदान को लेकर था। बहराइच के प्रमोद सिंह ने इलाज के लिए मदद मांगी। अन्य फरियादियों के आवेदन भी आर्थिक मदद, आवास आवंटन, पेयजल, अवैध कब्जे, पेंशन, राजस्व, भू-अभिलेखों में अनियमितता, शादी, फर्जी मुकदमे, नौकरी और इलाज आदि के बारे में थे। मुख्यमंत्री ने सबकी सुनी और प्रभावी कार्रवाई के जरिये हल का भरोसा भी दिया।
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    तेजी से लोगों की समस्याएं हल कराएं अधिकारी
    दैनिक जागरण 16/04/2017
    लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह लोगों की समस्याएं सुनें और तेजी से उनका हल निकालें। वह रोज की तरह शनिवार को भी मुख्यमंत्री आवास पर लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। एटा से आए लाखन सिंह की गुहार की कि सरकार उनके लड़के की हत्या करने वालों को सजा दिलाएं। बाराबंकी की रजिया का आवेदन पुत्री के लिए शादी अनुदान को लेकर था। बहराइच के प्रमोद सिंह ने इलाज के लिए मदद मांगी। अन्य फरियादियों के आवेदन भी आर्थिक मदद, आवास आवंटन, पेयजल, अवैध कब्जे, पेंशन, राजस्व, भू-अभिलेखों में अनियमितता, शादी, फर्जी मुकदमे, नौकरी और इलाज आदि के बारे में थे। मुख्यमंत्री ने सबकी सुनी और प्रभावी कार्रवाई के जरिये हल का भरोसा भी दिया।


  • राष्ट्रीय सहारा : 15/04/2017 सहारा न्यूज ब्यूरोलखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महापुरु षों के जन्मदिन के नाम पर ज्यादा छुट्टियां होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अब स्कूलों को बंद करने के स्थान पर महापुरु षों के बारे में बच्चों को विशेष जानकारी देने का प्रयास किया जाए। मुख्यमंत्री शुक्रवार को यहां बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर महासभा में डॉ. अम्बेडकर की 126वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरु षों के नाम पर छुट्टियां ज्यादा होने से स्कूलों में पढ़ाई के दिन काफी कम हो गए हैं। व्यवस्था है कि स्कूल 220 दिन खुलें। अत्यधिक छुट्टियों के कारण ऐसा सम्भव नहीं हो पाता है, इसलिए राज्य सरकार महापुरु षों के नाम पर होने वाली छुट्टियों के स्थान पर ऐसे दिवसों पर स्कूलों में सम्बन्धित महापुरु षों के बारे में विद्यार्थियों को घण्टे-दो घण्टे विशेष तौर से जानकारी देने की व्यवस्था करेगी, जिससे विद्यार्थी महापुरु ष के बारे में जानकर उनसे प्रेरणा प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर के दलितों को मुख्य धारा से जोड़ने के सपने को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार कटिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की कीमत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। जाति, मत, मजहब के नाम पर राजनीति करने वालों के लिए डॉ. अम्बेडकर का संदेश साफ है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खुशी की बात है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा डॉ. अम्बेडकर की स्मृति में भीम ऐप शुरू किया गया है। यह ऐप देश के दलित, गरीब, वंचित और कमजोर लोगों को सशक्त बनाने का एक माध्यम साबित होगा। उन्होने कहा कि सरकार सभी को आवास देने की कार्य योजना पर कार्य कर रही है। ऐसे गरीब और दलित, जिनके पास भूमि नहीं है, उन्हें भूमि देने की व्यवस्था की जाएगी। दलित छात्रों के पढ़ने के लिए राज्य सरकार प्राथमिक, उच्च, तकनीकी तथा चिकित्सा शिक्षा में स्कॉलरशिप देगी। प्रदेश सरकार 30 जनपदों का चयन करके 31 दिसम्बर 2017 तक उन्हें खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) करने का काम करेगी। अगले तीन वर्ष में प्रदेश के सभी जनपदों को खुले में शौच से मुक्त किया जाएगा। कार्यक्रम को बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी प्रसाद निर्मल तथा प्रदेश अध्यक्ष रामनरेश चौधरी ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष दलितों के उत्थान के लिए संस्था की ओर से कुछ मांगे भी रखी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले छह महानुभावों डॉ. वीरेन्द्र कुमार, डॉ. जिलेदार रावत, पत्रकार राजेन्द्र के. गौतम, प्रो. सुरेश कुमार, राजकुमार सिंह तथा मनोज कुमार सेन को सम्मानित किया।
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    विभूतियों के नाम पर छुट्टियां खत्म होंगी
    राष्ट्रीय सहारा 15/04/2017
    सहारा न्यूज ब्यूरोलखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महापुरु षों के जन्मदिन के नाम पर ज्यादा छुट्टियां होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अब स्कूलों को बंद करने के स्थान पर महापुरु षों के बारे में बच्चों को विशेष जानकारी देने का प्रयास किया जाए। मुख्यमंत्री शुक्रवार को यहां बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर महासभा में डॉ. अम्बेडकर की 126वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरु षों के नाम पर छुट्टियां ज्यादा होने से स्कूलों में पढ़ाई के दिन काफी कम हो गए हैं। व्यवस्था है कि स्कूल 220 दिन खुलें। अत्यधिक छुट्टियों के कारण ऐसा सम्भव नहीं हो पाता है, इसलिए राज्य सरकार महापुरु षों के नाम पर होने वाली छुट्टियों के स्थान पर ऐसे दिवसों पर स्कूलों में सम्बन्धित महापुरु षों के बारे में विद्यार्थियों को घण्टे-दो घण्टे विशेष तौर से जानकारी देने की व्यवस्था करेगी, जिससे विद्यार्थी महापुरु ष के बारे में जानकर उनसे प्रेरणा प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर के दलितों को मुख्य धारा से जोड़ने के सपने को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार कटिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की कीमत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। जाति, मत, मजहब के नाम पर राजनीति करने वालों के लिए डॉ. अम्बेडकर का संदेश साफ है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खुशी की बात है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा डॉ. अम्बेडकर की स्मृति में भीम ऐप शुरू किया गया है। यह ऐप देश के दलित, गरीब, वंचित और कमजोर लोगों को सशक्त बनाने का एक माध्यम साबित होगा। उन्होने कहा कि सरकार सभी को आवास देने की कार्य योजना पर कार्य कर रही है। ऐसे गरीब और दलित, जिनके पास भूमि नहीं है, उन्हें भूमि देने की व्यवस्था की जाएगी। दलित छात्रों के पढ़ने के लिए राज्य सरकार प्राथमिक, उच्च, तकनीकी तथा चिकित्सा शिक्षा में स्कॉलरशिप देगी। प्रदेश सरकार 30 जनपदों का चयन करके 31 दिसम्बर 2017 तक उन्हें खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) करने का काम करेगी। अगले तीन वर्ष में प्रदेश के सभी जनपदों को खुले में शौच से मुक्त किया जाएगा। कार्यक्रम को बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी प्रसाद निर्मल तथा प्रदेश अध्यक्ष रामनरेश चौधरी ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष दलितों के उत्थान के लिए संस्था की ओर से कुछ मांगे भी रखी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले छह महानुभावों डॉ. वीरेन्द्र कुमार, डॉ. जिलेदार रावत, पत्रकार राजेन्द्र के. गौतम, प्रो. सुरेश कुमार, राजकुमार सिंह तथा मनोज कुमार सेन को सम्मानित किया।


  • दैनिक जागरण : 14/04/2017 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : योगी सरकार की मंशा साफ है। लक्ष्य भी तय है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि अगले पांच वर्षो में हमें उत्तर प्रदेश को देश का श्रेष्ठतम राज्य बनाना है। प्रदेश की आबादी 22 करोड़ से अधिक है। लिहाजा ऐसा करना बड़ी चुनौती भी है। कुछ लोग सरकार की स्पीड पर सवाल खड़े कर रहे हैं। ऐसे लोग जान लें कि हमारे सामने जो चुनौतियां एवं लक्ष्य हैं, उसे पाने के लिए जो स्पीड होनी चाहिए, वही हमारी स्पीड है और रहेगी।1मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच कालीदास मार्ग स्थित अपने आवास पर गुरुवार को एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस सेवा (108) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लक्ष्य के अनुसार बिना भेद-भाव को सबको सस्ती एवं आधुनिक चिकित्सा सेवा मुहैया कराना एक अनिवार्य शर्त है। गंभीर रोगियों के लिए जीवनरक्षक उपकरणों से लैस निश्शुल्क एंबुलेंस सेवा उसी की कड़ी है। यह सेवा पूरी तरह पारदर्शी एवं जवाबदेह होगी। सेवा प्रदाता कंपनी (जीवीके एवं इएमआरआइ) ने हर एंबुलेंस में ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगाया है। इससे न केवल इसकी निगरानी होगी, बल्कि प्रति किमी संचलन के अनुसार भुगतान भी होगा। अगर किसी उपकरण में कोई खराबी मिली तो कंपनी को तय पेनाल्टी भी देनी होगी। यह भी कहा कि आगे हम स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड करेंगे। कुछ जिला अस्पतालों को अपग्रेड कर मेडिकल कालेज का दर्जा देंगे। यकीन दिलाया कि स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में भी प्रदेश नई ऊंचाईयां हासिल करेगा।
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    सरकार की स्पीड वही जो होनी चाहिए : योगी
    दैनिक जागरण 14/04/2017
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : योगी सरकार की मंशा साफ है। लक्ष्य भी तय है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि अगले पांच वर्षो में हमें उत्तर प्रदेश को देश का श्रेष्ठतम राज्य बनाना है। प्रदेश की आबादी 22 करोड़ से अधिक है। लिहाजा ऐसा करना बड़ी चुनौती भी है। कुछ लोग सरकार की स्पीड पर सवाल खड़े कर रहे हैं। ऐसे लोग जान लें कि हमारे सामने जो चुनौतियां एवं लक्ष्य हैं, उसे पाने के लिए जो स्पीड होनी चाहिए, वही हमारी स्पीड है और रहेगी।1मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच कालीदास मार्ग स्थित अपने आवास पर गुरुवार को एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस सेवा (108) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लक्ष्य के अनुसार बिना भेद-भाव को सबको सस्ती एवं आधुनिक चिकित्सा सेवा मुहैया कराना एक अनिवार्य शर्त है। गंभीर रोगियों के लिए जीवनरक्षक उपकरणों से लैस निश्शुल्क एंबुलेंस सेवा उसी की कड़ी है। यह सेवा पूरी तरह पारदर्शी एवं जवाबदेह होगी। सेवा प्रदाता कंपनी (जीवीके एवं इएमआरआइ) ने हर एंबुलेंस में ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगाया है। इससे न केवल इसकी निगरानी होगी, बल्कि प्रति किमी संचलन के अनुसार भुगतान भी होगा। अगर किसी उपकरण में कोई खराबी मिली तो कंपनी को तय पेनाल्टी भी देनी होगी। यह भी कहा कि आगे हम स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड करेंगे। कुछ जिला अस्पतालों को अपग्रेड कर मेडिकल कालेज का दर्जा देंगे। यकीन दिलाया कि स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में भी प्रदेश नई ऊंचाईयां हासिल करेगा।


  • राष्ट्रीय सहारा : 13/04/2017 सहारा न्यूज ब्यूरोलखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में स्थापित गेहूं क्रय केन्द्रों पर किसी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि गेहूं क्रय केन्द्रों पर किसानों को कोई दिक्कत न हो अन्यथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीद की प्रतिदिन मॉनीटरिंग का निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि गेहूं खरीद का भुगतान किसान को 48 से 72 घण्टे में कर दिया जाए। मुख्यमंत्री यहां शास्त्री भवन में खाद्य एवं रसद विभाग के प्रस्तुतिकरण के अवलोकन के दैरान उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद केन्द्र के संचालक खरीद एजेन्सी के साथ समन्वय स्थापित करें। गेहूं खरीद के दौरान किसान को क्वालिटी के नाम पर अनावश्यक परेशान करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। श्री योगी ने पीडीएस में व्यापक सुधारों की आवश्यकता बताते हुए ़एसडीएम से राशन कोटे की दुकान के निलम्बन का अधिकार वापस लेने के निर्देश दिये।उन्होंने कहा कि यह अधिकार सिर्फ जिलाधिकारी को दिया जाए। उन्होंने खाद्य एवं रसद विभाग में लम्बे समय तक एक ही स्थान पर तैनात कार्मिकों को स्थानान्तरित करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने राज्य स्तर पर तृतीय श्रेणी कार्मिकों के स्थानान्तरण की नीति बनाने के भी निर्देश दिये।यहां बताना जरूरी है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत अन्त्योदय तथा पात्र गृहस्थी श्रेणी के लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाता है। सीएम ने कहा कि इन दो श्रेणियों के तहत पात्रों के चिह्नीकरण/चयन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं। यह जानकारी मिलने पर कि अभी काफी बड़ी संख्या में अन्त्योदय कार्डों का वितरण नहीं हुआ है, उन्होंने कहा कि इस बात का पता लगाएं कि उनके हिस्से के आवंटित खाद्यान्न की उठान हो रही है। यदि हां तो वह कहां जा रहा है। उन्होंने बीपीएल परिवारों का नया सर्वे करवाने के निर्देश दिये, ताकि वास्तविक और जरूरतमन्द परिवारों को शामिल कर उन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत लाभान्वित किया जा सके। मुख्यमंत्री को पीडीएस के सम्बन्ध में खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के मॉडल के अध्ययन की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गयी। उन्होंने कहा कि इस मॉडल का विस्तार से अध्ययन कर प्रदेश की व्यवस्था का सुधार समयबद्ध रूप से किया जाए। बैठक में डिप्टी सीएम केशव मौर्य सहित मंत्रिमण्डल के सदस्य मौजूद थे।
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    गेहूं खरीद का भुगतान 72 घंटे में करें
    राष्ट्रीय सहारा 13/04/2017
    सहारा न्यूज ब्यूरोलखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में स्थापित गेहूं क्रय केन्द्रों पर किसी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि गेहूं क्रय केन्द्रों पर किसानों को कोई दिक्कत न हो अन्यथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीद की प्रतिदिन मॉनीटरिंग का निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि गेहूं खरीद का भुगतान किसान को 48 से 72 घण्टे में कर दिया जाए। मुख्यमंत्री यहां शास्त्री भवन में खाद्य एवं रसद विभाग के प्रस्तुतिकरण के अवलोकन के दैरान उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद केन्द्र के संचालक खरीद एजेन्सी के साथ समन्वय स्थापित करें। गेहूं खरीद के दौरान किसान को क्वालिटी के नाम पर अनावश्यक परेशान करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। श्री योगी ने पीडीएस में व्यापक सुधारों की आवश्यकता बताते हुए ़एसडीएम से राशन कोटे की दुकान के निलम्बन का अधिकार वापस लेने के निर्देश दिये।उन्होंने कहा कि यह अधिकार सिर्फ जिलाधिकारी को दिया जाए। उन्होंने खाद्य एवं रसद विभाग में लम्बे समय तक एक ही स्थान पर तैनात कार्मिकों को स्थानान्तरित करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने राज्य स्तर पर तृतीय श्रेणी कार्मिकों के स्थानान्तरण की नीति बनाने के भी निर्देश दिये।यहां बताना जरूरी है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत अन्त्योदय तथा पात्र गृहस्थी श्रेणी के लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाता है। सीएम ने कहा कि इन दो श्रेणियों के तहत पात्रों के चिह्नीकरण/चयन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं। यह जानकारी मिलने पर कि अभी काफी बड़ी संख्या में अन्त्योदय कार्डों का वितरण नहीं हुआ है, उन्होंने कहा कि इस बात का पता लगाएं कि उनके हिस्से के आवंटित खाद्यान्न की उठान हो रही है। यदि हां तो वह कहां जा रहा है। उन्होंने बीपीएल परिवारों का नया सर्वे करवाने के निर्देश दिये, ताकि वास्तविक और जरूरतमन्द परिवारों को शामिल कर उन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत लाभान्वित किया जा सके। मुख्यमंत्री को पीडीएस के सम्बन्ध में खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के मॉडल के अध्ययन की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गयी। उन्होंने कहा कि इस मॉडल का विस्तार से अध्ययन कर प्रदेश की व्यवस्था का सुधार समयबद्ध रूप से किया जाए। बैठक में डिप्टी सीएम केशव मौर्य सहित मंत्रिमण्डल के सदस्य मौजूद थे।


  • दैनिक जागरण : 12/04/2017 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूसरी कैबिनेट की बैठक में भी सरकार ने गांव, किसान, छात्र, नौजवान और आमजन को अहमियत दी। बिजली, पानी की व्यवस्था और घर-गृहस्थी ठीक करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले किए। सरकार ने अवैध खनन पर अंकुश लगाने की दिशा में नई पहल करते हुए अल्पकालिक कार्ययोजना बनाई है वहीं किसानों के जले ट्रांसफार्मर को 48 घंटे में बदलने की व्यवस्था देकर उन्हें राहत देने का काम किया है। बिजली बिल का सरचार्ज माफ कर आम उपभोक्ताओं के हित में बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए मंगलवार को लोकभवन में हुई बैठक में मंत्रियों ने दर्जन भर से ज्यादा प्रस्तावों को मंजूरी दी है। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संकल्प है कि उप्र के हर खेत को पानी, हर घर को बिजली पहुंचे। शर्मा ने कहा कि योगी सरकार आने के बाद यह पहली गर्मी होगी जिसमें आम जनता को बिजली की किल्लत नहीं होगी। ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 20 घंटे, बुंदेलखंड को 20 घंटे और जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जाएगी। सरकार ने एक लाख मीटिक टन आलू खरीद का फैसला करते हुए 487 रुपये प्रति क्विंटल खरीद की दर निर्धारित की है। गन्ना किसानों से किए गए वायदे को निभाते हुए कैबिनेट ने यह भी तय किया है कि वर्तमान सत्र में 14 दिन और पुराने गन्ना मूल्य का भुगतान 120 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए। प्रवक्ताद्वय ने कहा कि भ्रष्टाचार पर मोदी और योगी की सरकार जीरो टालरेंस पर काम कर रही है। विकास प्राधिकरणों को भ्रष्टाचार से मुक्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने तय किया है कि अब इनकी आडिट सीएजी से कराई जाएगी। अवैध खनन से भ्रष्टाचार दूर करने के लिए ई-टेंडरिंग के जरिए डीएम को छह माह के लिए दस-दस एकड़ में खनन पट्टा का अधिकार दिया है। साथ ही दूसरे राज्यों से बालू मौरंग लाने में भी सहूलियत दी है। सरकार ने यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 15 जून तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का फैसला किया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में जापानी बुखार सबसे बड़ी समस्या है। साढ़े तीन दशकों में हजारों बच्चों की मौत इस बीमारी से हुई है। प्रदेश सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए हर अस्पतालों में दस बेड बढ़ाने का फैसला किया है। बुंदेलखंड के लिए पेयजल योजना सुनिश्चित करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी राहत दी है।
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    गांव-किसान पर मेहरबान सरकार
    दैनिक जागरण 12/04/2017
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूसरी कैबिनेट की बैठक में भी सरकार ने गांव, किसान, छात्र, नौजवान और आमजन को अहमियत दी। बिजली, पानी की व्यवस्था और घर-गृहस्थी ठीक करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले किए। सरकार ने अवैध खनन पर अंकुश लगाने की दिशा में नई पहल करते हुए अल्पकालिक कार्ययोजना बनाई है वहीं किसानों के जले ट्रांसफार्मर को 48 घंटे में बदलने की व्यवस्था देकर उन्हें राहत देने का काम किया है। बिजली बिल का सरचार्ज माफ कर आम उपभोक्ताओं के हित में बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए मंगलवार को लोकभवन में हुई बैठक में मंत्रियों ने दर्जन भर से ज्यादा प्रस्तावों को मंजूरी दी है। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संकल्प है कि उप्र के हर खेत को पानी, हर घर को बिजली पहुंचे। शर्मा ने कहा कि योगी सरकार आने के बाद यह पहली गर्मी होगी जिसमें आम जनता को बिजली की किल्लत नहीं होगी। ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 20 घंटे, बुंदेलखंड को 20 घंटे और जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जाएगी। सरकार ने एक लाख मीटिक टन आलू खरीद का फैसला करते हुए 487 रुपये प्रति क्विंटल खरीद की दर निर्धारित की है। गन्ना किसानों से किए गए वायदे को निभाते हुए कैबिनेट ने यह भी तय किया है कि वर्तमान सत्र में 14 दिन और पुराने गन्ना मूल्य का भुगतान 120 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए। प्रवक्ताद्वय ने कहा कि भ्रष्टाचार पर मोदी और योगी की सरकार जीरो टालरेंस पर काम कर रही है। विकास प्राधिकरणों को भ्रष्टाचार से मुक्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने तय किया है कि अब इनकी आडिट सीएजी से कराई जाएगी। अवैध खनन से भ्रष्टाचार दूर करने के लिए ई-टेंडरिंग के जरिए डीएम को छह माह के लिए दस-दस एकड़ में खनन पट्टा का अधिकार दिया है। साथ ही दूसरे राज्यों से बालू मौरंग लाने में भी सहूलियत दी है। सरकार ने यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 15 जून तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का फैसला किया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में जापानी बुखार सबसे बड़ी समस्या है। साढ़े तीन दशकों में हजारों बच्चों की मौत इस बीमारी से हुई है। प्रदेश सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए हर अस्पतालों में दस बेड बढ़ाने का फैसला किया है। बुंदेलखंड के लिए पेयजल योजना सुनिश्चित करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी राहत दी है।


  • दैनिक जागरण : 11/04/2017 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर करीब 16 वर्षो से लंबित चल रहे मामलों के निस्तारण की उम्मीद जगी है। सोमवार को सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के बीच दो घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में लंबित मामलों के निस्तारण पर विमर्श हुआ। आपसी सहमति से तय हुआ कि दोनों राज्यों के मुख्य सचिव तीन माह के भीतर लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए बैठक करेंगे। पांच कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को भरोसा दिया कि अब यह मसला लंबित नहीं रहेगा। उत्तराखंड राज्य के गठन की लंबी अवधि के बावजूद मामलों का निपटारा न होना दोनों राज्यों के हित में नहीं है। योगी ने कहा कि प्राथमिकता पर इसका निस्तारण होगा। इस बैठक के दौरान प्रदेश के सभी संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव को निर्देशित किया कि अपने विभागीय प्रकरण के सिलसिले में शासन की टिप्पणी हर हाल में 10 मई, 2017 से पहले उत्तराखंड सरकार को भेजना सुनिश्चित करें। बैठक में सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सहमति बनी तो उत्तराखंड को मिलेगी 4200 करोड़ रुपये की संपत्ति : सहमति बनी तो उत्तराखंड को 4200 करोड़ रुपये की संपत्ति मिलेगी। अब तक दोनों राज्यों के बीच बंटवारें पर बैठकें तो हुई लेकिन, एक राय नहीं बन सही। डेढ़ दशक बाद फिर उम्मीद जगी है। वैसे परिसंपत्तियों के कुछ मामले अदालत में भी लंबित हैं। सिंचाई, ऊर्जा, परिवहन, वित्त, आवास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, सूचना एवं जनसंपर्क, माध्यमिक शिक्षा, सहकारिता और उत्तराखंड राज्य भंडारागार निगम के प्रकरण भी लंबित हैं। वन, ग्राम्य विकास, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास, माध्यमिक शिक्षा, औद्योगिक विकास भी शामिल हैं। बंटवारे के कुछ प्रमुख बिंदु सिंचाई विभाग : उप्र के कब्जे में 266 आवास, दो अतिथि गृह, 36 नहरें और 214 हेक्टेयर भूमि। 36 नहरों से सिंचाई उत्तराखंड में होती है लेकिन, स्वामित्व उप्र सरकार के पास है। पिछली सरकार में 28 नहरों को उत्तराखंड को सौंपने की सहमति तो बनी लेकिन भौतिक धरातल पर इसे मूर्त रूप नहीं मिला। ग्राम्य विकास : उप्र आवास विकास परिषद पर उत्तराखंड सरकार की ओर से निर्बल आवास योजना के अन्तर्गत ऋण समाधान और ऋण देनदारी। पंचायती राज : उप्र रिवाल्विंग फंड में उत्तराखंड के 13 जिलों की जिला पंचायतों की जमा धनराशि पर अर्जित ब्याज। औद्योगिक विकास : उप्र पर अनुबंध के मुताबिक बकाया ब्याज की 15 करोड़ से अधिक धनराशि। गृह विभाग : पिथौरागढ़ में 140 नाली भूमि। तराई बीज एवं तराई विकास परिषद : करीब नौ करोड़ रुपये की धनराशि। परिवहन निगम : लखनऊ जिला मुख्यालय और दिल्ली स्थित राज्य अतिथि गृह की परिसंपत्ति का बंटवारा। परिवहन निगम की कार्यशालाओं का भी मसला।
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    तीन माह में होगा परिसंपत्तियों का बंटवारा
    दैनिक जागरण 11/04/2017
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर करीब 16 वर्षो से लंबित चल रहे मामलों के निस्तारण की उम्मीद जगी है। सोमवार को सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के बीच दो घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में लंबित मामलों के निस्तारण पर विमर्श हुआ। आपसी सहमति से तय हुआ कि दोनों राज्यों के मुख्य सचिव तीन माह के भीतर लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए बैठक करेंगे। पांच कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को भरोसा दिया कि अब यह मसला लंबित नहीं रहेगा। उत्तराखंड राज्य के गठन की लंबी अवधि के बावजूद मामलों का निपटारा न होना दोनों राज्यों के हित में नहीं है। योगी ने कहा कि प्राथमिकता पर इसका निस्तारण होगा। इस बैठक के दौरान प्रदेश के सभी संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव को निर्देशित किया कि अपने विभागीय प्रकरण के सिलसिले में शासन की टिप्पणी हर हाल में 10 मई, 2017 से पहले उत्तराखंड सरकार को भेजना सुनिश्चित करें। बैठक में सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सहमति बनी तो उत्तराखंड को मिलेगी 4200 करोड़ रुपये की संपत्ति : सहमति बनी तो उत्तराखंड को 4200 करोड़ रुपये की संपत्ति मिलेगी। अब तक दोनों राज्यों के बीच बंटवारें पर बैठकें तो हुई लेकिन, एक राय नहीं बन सही। डेढ़ दशक बाद फिर उम्मीद जगी है। वैसे परिसंपत्तियों के कुछ मामले अदालत में भी लंबित हैं। सिंचाई, ऊर्जा, परिवहन, वित्त, आवास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, सूचना एवं जनसंपर्क, माध्यमिक शिक्षा, सहकारिता और उत्तराखंड राज्य भंडारागार निगम के प्रकरण भी लंबित हैं। वन, ग्राम्य विकास, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास, माध्यमिक शिक्षा, औद्योगिक विकास भी शामिल हैं। बंटवारे के कुछ प्रमुख बिंदु सिंचाई विभाग : उप्र के कब्जे में 266 आवास, दो अतिथि गृह, 36 नहरें और 214 हेक्टेयर भूमि। 36 नहरों से सिंचाई उत्तराखंड में होती है लेकिन, स्वामित्व उप्र सरकार के पास है। पिछली सरकार में 28 नहरों को उत्तराखंड को सौंपने की सहमति तो बनी लेकिन भौतिक धरातल पर इसे मूर्त रूप नहीं मिला। ग्राम्य विकास : उप्र आवास विकास परिषद पर उत्तराखंड सरकार की ओर से निर्बल आवास योजना के अन्तर्गत ऋण समाधान और ऋण देनदारी। पंचायती राज : उप्र रिवाल्विंग फंड में उत्तराखंड के 13 जिलों की जिला पंचायतों की जमा धनराशि पर अर्जित ब्याज। औद्योगिक विकास : उप्र पर अनुबंध के मुताबिक बकाया ब्याज की 15 करोड़ से अधिक धनराशि। गृह विभाग : पिथौरागढ़ में 140 नाली भूमि। तराई बीज एवं तराई विकास परिषद : करीब नौ करोड़ रुपये की धनराशि। परिवहन निगम : लखनऊ जिला मुख्यालय और दिल्ली स्थित राज्य अतिथि गृह की परिसंपत्ति का बंटवारा। परिवहन निगम की कार्यशालाओं का भी मसला।


  • दैनिक जागरण : 10/04/2017 नई दिल्ली विशेष संवाददाता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान पूर्वांचल और बुंदेलखंड के लिए पैकेज पर चर्चा की। करीब 45 मिनट की मुलाकात के दौरान यूपी ने इन क्षेत्रों के विकास पर बात की। पीएम मोदी ने भी उन्हें भरोसा दिया कि राज्य सरकार प्रस्ताव भेजती है तो केंद्र मदद देगा। ज्यादा धन आवंटन की मांग:मुख्यमंत्री ने अंतरराज्यीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में हिस्सा लिया। इसमें उन्होंने राज्यों को विकास के लिए अधिक धनराशि आवंटित करने की वकालत की। इसके बाद वे यूपी सदन पहुंचे और अफसरों से मिले। इसके बाद योगी ने केंद्रीय बिजली मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की। यूपी सरकार ने दो दिन पहले ही वर्ष 2018 तक राज्य के हर घर को बिजली मुहैया कराने का लक्ष्य तय किया है। साथ ही केंद्र के साथ ‘पावर फॉर ऑल’ योजना पर भी हस्ताक्षर कर सकती है। पुलिस अफसरों पर बात:गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भेंट के दौरान योगी ने प्रदेश में पुलिस अफसरों के बदलाव पर चर्चा की। केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी भी मुख्यमंत्री योगी से मिलने यूपी सदन पहुंचीं। दोनों के बीच केंद्र की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने पर चर्चा हुई।
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    योगी ने पीएम से मांगा पूर्वाचल के लिए पैकेज
    दैनिक जागरण 10/04/2017
    नई दिल्ली विशेष संवाददाता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान पूर्वांचल और बुंदेलखंड के लिए पैकेज पर चर्चा की। करीब 45 मिनट की मुलाकात के दौरान यूपी ने इन क्षेत्रों के विकास पर बात की। पीएम मोदी ने भी उन्हें भरोसा दिया कि राज्य सरकार प्रस्ताव भेजती है तो केंद्र मदद देगा। ज्यादा धन आवंटन की मांग:मुख्यमंत्री ने अंतरराज्यीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में हिस्सा लिया। इसमें उन्होंने राज्यों को विकास के लिए अधिक धनराशि आवंटित करने की वकालत की। इसके बाद वे यूपी सदन पहुंचे और अफसरों से मिले। इसके बाद योगी ने केंद्रीय बिजली मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की। यूपी सरकार ने दो दिन पहले ही वर्ष 2018 तक राज्य के हर घर को बिजली मुहैया कराने का लक्ष्य तय किया है। साथ ही केंद्र के साथ ‘पावर फॉर ऑल’ योजना पर भी हस्ताक्षर कर सकती है। पुलिस अफसरों पर बात:गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भेंट के दौरान योगी ने प्रदेश में पुलिस अफसरों के बदलाव पर चर्चा की। केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी भी मुख्यमंत्री योगी से मिलने यूपी सदन पहुंचीं। दोनों के बीच केंद्र की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने पर चर्चा हुई।


  • राष्ट्रीय सहारा : 09/04/2017 सहारा न्यूज ब्यूरोलखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश में जहां एक ओर आबादी का बड़ा हिस्सा बुनियादी सुविधाओं से वंचित है, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक धन का अपव्यय हैरान करने वाला है। योगी ने आवास राज्यमंत्री सुरेश पासी से जयप्रकाश नारायण अन्तरराष्ट्रीय केन्द्र व हुसैनाबाद क्षेत्र के सुन्दरीकरण और खेल मंत्री चेतन चौहान से गोमतीनगर विस्तार में अन्तरराष्ट्रीय क्रि केट स्टेडियम का निरीक्षण कर रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे की लूट और बर्बादी बर्दाश्त नहीं है। उधर पीडब्ल्यूडी के प्रजेन्टेशन के दौरान योगी ने अफसरों से 100 दिन, छह महीने व एक साल की योजनाओं के प्रस्ताव बनाने पर जोर दिया और केन्द्र को राज्य के 5000 किमी मागरे को नेशनल हाईवे में शामिल किये जाने सम्बंधी प्रस्ताव को शीघ्र भेजने का निर्देश दिया। योगी ने लखनऊ मेट्रो रेल का कॉमर्शियल ऑपरेशन शीघ्र प्रारम्भ करने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने जेएनएनयूआरएम और जल निगम के कायरे की जांच के लिएमंत्री सुरेशखन्ना की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर दी है।मुख्यमंत्री के समक्ष शनिवार को एनेक्सी में लोक निर्माण विभाग, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, सूचना प्रौद्यौगिकी, इलेक्ट्रानिक्स, परिवहन विभाग व नगर विकास विभाग का प्रजेन्टेशन हुआ। प्रमुख सचिवों सदाकांत, आराधना शुक्ला, कुमार कमलेश, के.रविन्द्र नायक ने प्रजेंटेशन दिया। एनेक्सी में शनिवार को प्रजेन्टेशन की शुरुआत लोक निर्माण विभाग से हुई। सीएम योगी ने पीपीपी मॉडल के आधार पर बेहतर सड़कों के निर्माण की सम्भावनाओं को तलाश करने पर जोर देते हुए कहा कि अब आगामी तीन व छह महीने तथा एक वर्ष के विजन को ध्यान में रख योजनाएं बनाये और उन्हें समय से लागू कराया जाए। योगी ने अन्य राज्यों की सड़कों के निर्माण और रख-रखाव के सम्बन्ध में अध्ययन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। योगी ने एक बार फिर 15 जून तक सड़कों को गड्डामुक्त करने पर जोर दिया। इसमें शिथिलता पाए जाने पर सम्बन्धित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी। राज्य में 5000 किमी मागोर्ं को नेशनल हाईवे बनाए जाने के लिए प्रस्ताव केन्द्र सरकार को शीघ्र भेजने, निर्माण कायरे में गुण्डे, माफिया और अपराधी ठेकेदारों पर अंकुश का निर्देश दिया। श्री योगी ने उप्र राज्य राजमार्ग प्राधिकरण, उप्र राज्य सेतु निगम, उप्र राजकीय निर्माण निगम के कायरे की भी समीक्षा की और परियोजनाओं में देरी पर रोष जताते हुए उन्हें शीघ्र पूरा करने की हिदायत दी। परियोजनाओं के पूर्ण होने में देरी से कार्य की लागत बढ़ती है। गरीबों को आवास देना प्राथमिकता में : आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के प्रस्तुतिकरण के दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सर्वोच्च प्राथमिकता से आवास देने हैं। इसके लिए स्लम पुनर्विकास का प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने कहा कि हर गरीब को आवास उपलब्ध कराना है, इसके लिए अब तक आए आवेदनों का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने की कार्रवाई तेज की जाए।आवास एवं विकास परिषद तथा विकास प्राधिकरणों के माध्यम से अवस्थापना विकास, आवास निर्माण तथा शहरों का सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जाए। नगरों के सुनियोजित विकास के लिए योजनाएं तैयार कर प्रस्तुत की जाएं। विकास प्राधिकरणों की योजनाओं में जल व विद्युत आपूत्तर्ि, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेण्ट के साथ-साथ गुणवत्ता व समय का ध्यान रखा जाए। योगी ने लखनऊमेट्रो के कायरे की भी समीक्षा की और कहा कि इसका कॉमर्शियल ऑपरेशन शीघ्र ही प्रारम्भ हो। राज्य में प्रस्तावित अन्य मेट्रो रेल परियोजनाओं में तेजी लायी जाए। मुख्यमंत्री के साथ प्रजेन्टेशन के दौरान दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डा. दिनेश शर्मा के साथ ही वरिष्ठ मंत्री सुरेश खन्ना, गोपाल टण्डन, राज्यमंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मुख्य सचिव, सीएम के प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी, एपीसी के साथ ही मुख्यमंत्री से जुड़े विभागों के राज्यमंत्री भी मौजूद थे।
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    और सख्त हुए योगी
    राष्ट्रीय सहारा 09/04/2017
    सहारा न्यूज ब्यूरोलखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश में जहां एक ओर आबादी का बड़ा हिस्सा बुनियादी सुविधाओं से वंचित है, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक धन का अपव्यय हैरान करने वाला है। योगी ने आवास राज्यमंत्री सुरेश पासी से जयप्रकाश नारायण अन्तरराष्ट्रीय केन्द्र व हुसैनाबाद क्षेत्र के सुन्दरीकरण और खेल मंत्री चेतन चौहान से गोमतीनगर विस्तार में अन्तरराष्ट्रीय क्रि केट स्टेडियम का निरीक्षण कर रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे की लूट और बर्बादी बर्दाश्त नहीं है। उधर पीडब्ल्यूडी के प्रजेन्टेशन के दौरान योगी ने अफसरों से 100 दिन, छह महीने व एक साल की योजनाओं के प्रस्ताव बनाने पर जोर दिया और केन्द्र को राज्य के 5000 किमी मागरे को नेशनल हाईवे में शामिल किये जाने सम्बंधी प्रस्ताव को शीघ्र भेजने का निर्देश दिया। योगी ने लखनऊ मेट्रो रेल का कॉमर्शियल ऑपरेशन शीघ्र प्रारम्भ करने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने जेएनएनयूआरएम और जल निगम के कायरे की जांच के लिएमंत्री सुरेशखन्ना की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर दी है।मुख्यमंत्री के समक्ष शनिवार को एनेक्सी में लोक निर्माण विभाग, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, सूचना प्रौद्यौगिकी, इलेक्ट्रानिक्स, परिवहन विभाग व नगर विकास विभाग का प्रजेन्टेशन हुआ। प्रमुख सचिवों सदाकांत, आराधना शुक्ला, कुमार कमलेश, के.रविन्द्र नायक ने प्रजेंटेशन दिया। एनेक्सी में शनिवार को प्रजेन्टेशन की शुरुआत लोक निर्माण विभाग से हुई। सीएम योगी ने पीपीपी मॉडल के आधार पर बेहतर सड़कों के निर्माण की सम्भावनाओं को तलाश करने पर जोर देते हुए कहा कि अब आगामी तीन व छह महीने तथा एक वर्ष के विजन को ध्यान में रख योजनाएं बनाये और उन्हें समय से लागू कराया जाए। योगी ने अन्य राज्यों की सड़कों के निर्माण और रख-रखाव के सम्बन्ध में अध्ययन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। योगी ने एक बार फिर 15 जून तक सड़कों को गड्डामुक्त करने पर जोर दिया। इसमें शिथिलता पाए जाने पर सम्बन्धित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी। राज्य में 5000 किमी मागोर्ं को नेशनल हाईवे बनाए जाने के लिए प्रस्ताव केन्द्र सरकार को शीघ्र भेजने, निर्माण कायरे में गुण्डे, माफिया और अपराधी ठेकेदारों पर अंकुश का निर्देश दिया। श्री योगी ने उप्र राज्य राजमार्ग प्राधिकरण, उप्र राज्य सेतु निगम, उप्र राजकीय निर्माण निगम के कायरे की भी समीक्षा की और परियोजनाओं में देरी पर रोष जताते हुए उन्हें शीघ्र पूरा करने की हिदायत दी। परियोजनाओं के पूर्ण होने में देरी से कार्य की लागत बढ़ती है। गरीबों को आवास देना प्राथमिकता में : आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के प्रस्तुतिकरण के दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सर्वोच्च प्राथमिकता से आवास देने हैं। इसके लिए स्लम पुनर्विकास का प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने कहा कि हर गरीब को आवास उपलब्ध कराना है, इसके लिए अब तक आए आवेदनों का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने की कार्रवाई तेज की जाए।आवास एवं विकास परिषद तथा विकास प्राधिकरणों के माध्यम से अवस्थापना विकास, आवास निर्माण तथा शहरों का सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जाए। नगरों के सुनियोजित विकास के लिए योजनाएं तैयार कर प्रस्तुत की जाएं। विकास प्राधिकरणों की योजनाओं में जल व विद्युत आपूत्तर्ि, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेण्ट के साथ-साथ गुणवत्ता व समय का ध्यान रखा जाए। योगी ने लखनऊमेट्रो के कायरे की भी समीक्षा की और कहा कि इसका कॉमर्शियल ऑपरेशन शीघ्र ही प्रारम्भ हो। राज्य में प्रस्तावित अन्य मेट्रो रेल परियोजनाओं में तेजी लायी जाए। मुख्यमंत्री के साथ प्रजेन्टेशन के दौरान दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डा. दिनेश शर्मा के साथ ही वरिष्ठ मंत्री सुरेश खन्ना, गोपाल टण्डन, राज्यमंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मुख्य सचिव, सीएम के प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी, एपीसी के साथ ही मुख्यमंत्री से जुड़े विभागों के राज्यमंत्री भी मौजूद थे।


  • दैनिक जागरण : 08/04/2017 आशुतोष शुक्ल ’ लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मानते हैं कि उनके पास समय कम है और चुनौतियां अधिक। इसलिए जल्द से जल्द आमूलचूल बदलाव पर उनका जोर है। वह कहते हैं-‘हमें जो जनादेश मिला है, वह ठहरने की अनुमति नहीं दे रहा। विरासत में अनेक समस्याएं मिली हैं हमें, इसलिए कड़ा परिश्रम करना होगा। वह यह भी कहते हैं कि, ‘उन्हें 2019 में परिणाम देना है।’ शुक्रवार को दैनिक जागरण से हुई बातचीत में मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी सरकार भले ही पांच साल के लिए चुनी गई हो, उनकी पार्टी का लक्ष्य अगला लोकसभा चुनाव है। 2014 के लोकसभा चुनाव में 73 सीटें जीतने वाली भाजपा पर अपने प्रदर्शन को दोहराने का दबाव होगा। इसलिए राज्य सरकार अपने कामकाज की गति तेज रखेगी और उसके फैसले लोकलुभावन भी हो सकते हैं। योगी कहते हैं कि, ‘राज्य में पंद्रह वर्षों में किसान की बहुत उपेक्षा हुई। सपा सरकार ने भ्रष्टाचार का रिकार्ड तोड़ दिया था जिसका असर खजाने पर पड़ा। फिर भी किसानों के लिए हमने कर्जमाफी की है।’ वह आश्वस्त करते हैं कि, ‘भले ही कर्ज माफी का बोझ सरकारी कोष पर पड़ा हो लेकिन, कोई न कोई रास्ता निकालेंगे और वह रास्ता जनता पर टैक्स के रूप में नहीं होगा।’ पूर्वाचल में जेई (मष्तिष्क ज्वर) को वह बड़ा मुद्दा मानते हैं। बीस साल से संसद में इस मुद्दे को उठा रहे योगी आदित्यनाथ कहते हैं कि केंद्र की कई योजनाएं ऐसी हैं जिनके सही अमल से स्वच्छता आएगी और तभी यह बीमारी दूर की जा सकेगी। केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकारें होने का लाभ भी वह जानते हैं और इसका दबाव भी मानते हैं।1हां, मुख्यमंत्री विकास के लिए प्रदेश के विभाजन को जरूरी नहीं मानते। उन्हें लगता है यूपी में इतनी संभावना है कि अच्छे काम के द्वारा उसके सभी अंचलों की प्रगति की जा सकती है। वह मानते हैं कि धर्म का आधार राष्ट्र है और परिवारवाद व जातिवाद की बातें करने वालों के दिन अब लद चुके। योगी को अहसास है कि सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं व इंटरव्यू में सपा सरकार में हुई अनियमितताएं अदालत की चौखट तक पहुंची थीं, इसीलिए वह भर्तियों में पारदर्शिता पर जोर देते हैं।
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    हमें तो 2019 में देना है रिजल्ट
    दैनिक जागरण 08/04/2017
    आशुतोष शुक्ल ’ लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मानते हैं कि उनके पास समय कम है और चुनौतियां अधिक। इसलिए जल्द से जल्द आमूलचूल बदलाव पर उनका जोर है। वह कहते हैं-‘हमें जो जनादेश मिला है, वह ठहरने की अनुमति नहीं दे रहा। विरासत में अनेक समस्याएं मिली हैं हमें, इसलिए कड़ा परिश्रम करना होगा। वह यह भी कहते हैं कि, ‘उन्हें 2019 में परिणाम देना है।’ शुक्रवार को दैनिक जागरण से हुई बातचीत में मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी सरकार भले ही पांच साल के लिए चुनी गई हो, उनकी पार्टी का लक्ष्य अगला लोकसभा चुनाव है। 2014 के लोकसभा चुनाव में 73 सीटें जीतने वाली भाजपा पर अपने प्रदर्शन को दोहराने का दबाव होगा। इसलिए राज्य सरकार अपने कामकाज की गति तेज रखेगी और उसके फैसले लोकलुभावन भी हो सकते हैं। योगी कहते हैं कि, ‘राज्य में पंद्रह वर्षों में किसान की बहुत उपेक्षा हुई। सपा सरकार ने भ्रष्टाचार का रिकार्ड तोड़ दिया था जिसका असर खजाने पर पड़ा। फिर भी किसानों के लिए हमने कर्जमाफी की है।’ वह आश्वस्त करते हैं कि, ‘भले ही कर्ज माफी का बोझ सरकारी कोष पर पड़ा हो लेकिन, कोई न कोई रास्ता निकालेंगे और वह रास्ता जनता पर टैक्स के रूप में नहीं होगा।’ पूर्वाचल में जेई (मष्तिष्क ज्वर) को वह बड़ा मुद्दा मानते हैं। बीस साल से संसद में इस मुद्दे को उठा रहे योगी आदित्यनाथ कहते हैं कि केंद्र की कई योजनाएं ऐसी हैं जिनके सही अमल से स्वच्छता आएगी और तभी यह बीमारी दूर की जा सकेगी। केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकारें होने का लाभ भी वह जानते हैं और इसका दबाव भी मानते हैं।1हां, मुख्यमंत्री विकास के लिए प्रदेश के विभाजन को जरूरी नहीं मानते। उन्हें लगता है यूपी में इतनी संभावना है कि अच्छे काम के द्वारा उसके सभी अंचलों की प्रगति की जा सकती है। वह मानते हैं कि धर्म का आधार राष्ट्र है और परिवारवाद व जातिवाद की बातें करने वालों के दिन अब लद चुके। योगी को अहसास है कि सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं व इंटरव्यू में सपा सरकार में हुई अनियमितताएं अदालत की चौखट तक पहुंची थीं, इसीलिए वह भर्तियों में पारदर्शिता पर जोर देते हैं।


  • दैनिक जागरण : 07/04/2017 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : योगी सरकार ने अखिलेश सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं से समाजवादी शब्द हटाने का फैसला किया है। राज्य की ऐसी सभी योजनाओं को अब मुख्यमंत्री के नाम से चलाया जाएगा। केंद्रीय योजनाओं से भी समाजवादी शब्द हटाकर उन्हें मूल नाम से बनाए रखा जाएगा।1मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष गुरुवार को औद्योगिक विकास सहित ऊर्जा, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग आदि के देर रात तक किए गए प्रस्तुतीकरण के बाद राज्य सरकार के प्रवक्ता व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने मीडिया को बताया कि पूर्व की सपा सरकार द्वारा राज्य व केंद्र की समाजवादी नाम से शुरू की गई योजनाओं से समाजवादी शब्द हटाने का फैसला किया गया है। राज्य की ऐसी सभी योजनाओं को अब मुख्यमंत्री के नाम से चलाया जाएगा। समाजवादी शब्द हटाकर केंद्रीय योजनाओं को उन्हीं नाम से बनाए रखा जाएगा जो केंद्र सरकार ने तय कर रखा है। सिंह ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार कोई योजना बंद नहीं करेगी। जिन योजनाओं में भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही हैं उनकी जांच करायी जा रही है।
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    योजनाओं से हटेगा समाजवादी नाम
    दैनिक जागरण 07/04/2017
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : योगी सरकार ने अखिलेश सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं से समाजवादी शब्द हटाने का फैसला किया है। राज्य की ऐसी सभी योजनाओं को अब मुख्यमंत्री के नाम से चलाया जाएगा। केंद्रीय योजनाओं से भी समाजवादी शब्द हटाकर उन्हें मूल नाम से बनाए रखा जाएगा।1मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष गुरुवार को औद्योगिक विकास सहित ऊर्जा, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग आदि के देर रात तक किए गए प्रस्तुतीकरण के बाद राज्य सरकार के प्रवक्ता व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने मीडिया को बताया कि पूर्व की सपा सरकार द्वारा राज्य व केंद्र की समाजवादी नाम से शुरू की गई योजनाओं से समाजवादी शब्द हटाने का फैसला किया गया है। राज्य की ऐसी सभी योजनाओं को अब मुख्यमंत्री के नाम से चलाया जाएगा। समाजवादी शब्द हटाकर केंद्रीय योजनाओं को उन्हीं नाम से बनाए रखा जाएगा जो केंद्र सरकार ने तय कर रखा है। सिंह ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार कोई योजना बंद नहीं करेगी। जिन योजनाओं में भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही हैं उनकी जांच करायी जा रही है।

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  • बूचड़ खाना बंद करने पर धन्यावाद

    राजेश patodi हम यह चाहते हे की यह नियम पुरे भारत देश शक्ति से लागु किया जाये हम आशा करते हे की आप की यह मेहनत जरूर रंग लाएगी जय हिन्द जय भारत ,राजेश पटौदी म.प. इंदौर
  • शिक्षा

    अभिशेष एक अपील मोदी जी और योगी जी से की प्राइवेट स्कूल की फीस पर कोई लगाम नहीं है और उनके स्कूल मे पढ़ाया जाने वाला कोर्स बाजार भाव से पांच गुना दामों मे बेचा जा रहा है । आपसे निवेदन है कि इन दोनों बातो पर अपना ध्यान दे ।
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