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  • दैनिक जागरण : 17/07/2019 जागरण संवाददाता, गोरखपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि गोरक्षपीठ और गुरु पूर्णिमा का अटूट नाता है क्योंकि गुरु-शिष्य परंपरा पीठ के मूल में है। गुरु परंपरा से ही नाथ परंपरा आगे बढ़ी है। यही वजह है कि गोरक्षपीठ को गुरु परंपरा के प्रतीक के तौर पर पूरी दुनिया में मान्यता मिली है। मुख्यमंत्री मंगलवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में शिष्यों को आशीर्वचन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गुरु परंपरा को भारत की उद्दात परंपरा कहा जाता है। वैदिक काल से समय-समय पर इस परंपरा को अनेक ऋषियों ने ऊंचाई प्रदान की है। महर्षि वेदव्यास इस परंपरा के सबसे प्राचीन गुरु हैं। हर काल में इस परंपरा ने कल्याण का कार्य किया है। इस क्रम में उन्होंने मध्य काल के प्रतिष्ठित गुरु गुरुनानक देव व गुरु गोविंद सिंह और समर्थ गुरु रामदास को याद किया और लोक कल्याण से जुड़े उनके कार्यों पर प्रकाश डाला। कहा कि जब देश, विदेशी आक्रांताओं से जूझ रहा था तो गुरु नानक ओर गुरु गो¨वद सिंह ने गुरु-शिष्य परंपरा की अद्भुत मिसाल पेश की। समर्थ गुरु रामदास ने जिस तरह से छत्रपति शिवाजी को विदेशी आक्रांताओं से मुकाबले की राह दिखाई उसका लोहा सभी ने माना। गोरक्ष पीठ भी गुरु परंपरा को आगे बढ़ाते हुए लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रही है। अपने गुरु ब्रrालीन महंत अवेद्यनाथ को याद करते हुए योगी ने कहा कि उन्होंने पीठ के लोक कल्याणकारी अभियान को गति दी। शिक्षा, चिकित्सा, गो-सेवा सहित सेवा के सभी प्रकल्पों को स्थापित किया और उसमें किसी तरह का भेदभाव न होना सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति आदर्श गुरु या शिष्य बन सकता है लेकिन इसके लिए उसे अपने मन पर नियंत्रण करना होगा। ‘मैं’ और ‘मेरा’ के भाव से ऊपर उठना होगा क्योंकि यही दुख के कारण हैं, जो न तो बेहतर गुरु बनने देंगे और न ही बेहतर शिष्य। योगी ने अपने शिष्यों को सलाह दी कि वह लोक कल्याण के लिए पूरे मन से लगे क्योंकि अधूरे मन से न ही सफलता मिलेगी और न ही अंत:करण को खुशी। गुरु को सूर्य के समतुल्य बताते हुए योगी ने कहा कि जिस तरह सूर्य अपनी ऊर्जा देने में भेदभाव नहीं करता, उसी तरह गुरु भी अपने शिष्यों पर समान रूप से कृपा करता है।
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    गुरु-शिष्य परंपरा का प्रतीक है गोरक्षपीठ : योगी
    दैनिक जागरण 17/07/2019
    जागरण संवाददाता, गोरखपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि गोरक्षपीठ और गुरु पूर्णिमा का अटूट नाता है क्योंकि गुरु-शिष्य परंपरा पीठ के मूल में है। गुरु परंपरा से ही नाथ परंपरा आगे बढ़ी है। यही वजह है कि गोरक्षपीठ को गुरु परंपरा के प्रतीक के तौर पर पूरी दुनिया में मान्यता मिली है। मुख्यमंत्री मंगलवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में शिष्यों को आशीर्वचन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गुरु परंपरा को भारत की उद्दात परंपरा कहा जाता है। वैदिक काल से समय-समय पर इस परंपरा को अनेक ऋषियों ने ऊंचाई प्रदान की है। महर्षि वेदव्यास इस परंपरा के सबसे प्राचीन गुरु हैं। हर काल में इस परंपरा ने कल्याण का कार्य किया है। इस क्रम में उन्होंने मध्य काल के प्रतिष्ठित गुरु गुरुनानक देव व गुरु गोविंद सिंह और समर्थ गुरु रामदास को याद किया और लोक कल्याण से जुड़े उनके कार्यों पर प्रकाश डाला। कहा कि जब देश, विदेशी आक्रांताओं से जूझ रहा था तो गुरु नानक ओर गुरु गो¨वद सिंह ने गुरु-शिष्य परंपरा की अद्भुत मिसाल पेश की। समर्थ गुरु रामदास ने जिस तरह से छत्रपति शिवाजी को विदेशी आक्रांताओं से मुकाबले की राह दिखाई उसका लोहा सभी ने माना। गोरक्ष पीठ भी गुरु परंपरा को आगे बढ़ाते हुए लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रही है। अपने गुरु ब्रrालीन महंत अवेद्यनाथ को याद करते हुए योगी ने कहा कि उन्होंने पीठ के लोक कल्याणकारी अभियान को गति दी। शिक्षा, चिकित्सा, गो-सेवा सहित सेवा के सभी प्रकल्पों को स्थापित किया और उसमें किसी तरह का भेदभाव न होना सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति आदर्श गुरु या शिष्य बन सकता है लेकिन इसके लिए उसे अपने मन पर नियंत्रण करना होगा। ‘मैं’ और ‘मेरा’ के भाव से ऊपर उठना होगा क्योंकि यही दुख के कारण हैं, जो न तो बेहतर गुरु बनने देंगे और न ही बेहतर शिष्य। योगी ने अपने शिष्यों को सलाह दी कि वह लोक कल्याण के लिए पूरे मन से लगे क्योंकि अधूरे मन से न ही सफलता मिलेगी और न ही अंत:करण को खुशी। गुरु को सूर्य के समतुल्य बताते हुए योगी ने कहा कि जिस तरह सूर्य अपनी ऊर्जा देने में भेदभाव नहीं करता, उसी तरह गुरु भी अपने शिष्यों पर समान रूप से कृपा करता है।


  • हिन्दुस्तान : 16/07/2019 लखनऊ | विशेष संवाददाता :- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि नीति आयोग का उत्तर प्रदेश के प्रति सकारात्मक रवैया राज्य को विकास पथ पर आगे ले जाने में सहायक है। राज्य सरकार विकास के लिए नीति आयोग के सुझावों को लागू करेगी। मुख्यमंत्री ने सोमवार को यहां लोक भवन में नीति आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि यह प्रयास किया जाए कि राज्य का प्रत्येक आकांक्षात्मक जिला देश में उच्च स्थान प्राप्त करे। उन्होंने आकांक्षात्मक जिलों से सम्बंधित डेटा समय से फीड करने के निर्देश दिए। आयोग ने सराहा: इसके पहले नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने समग्रता में प्रदेश की प्रगति को सराहा। साथ ही यह भी कहा कि हम चाहते हैं कि यूपीके महत्वाकांक्षी जिले सभी प्रमुख मानकों पर देश के 115 आकांक्षात्मक जिलों में नंबर एक पर आएं। उन्होंने कहा कि जिस तरह मुख्यमंत्री इसमें निजी रुचि ले रहे हैं और योजना शुरू होने से लेकर अब तक की जो प्रगति है, उसके मद्देनजर पूरी उम्मीद है कि अगले तीन-चार माह में प्रदेश के सभी आकांक्षात्मक जिले प्रमुख मानकों पर पूरे देश में नंबर एक पर होंगे। बैठक के दौरान नीति आयोग के अधिकारियों द्वारा प्रदेश के आकांक्षात्मक जिले के विकास के सम्बन्ध में एक प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रदेश में आकांक्षात्मक जिलों की प्रगति की सराहना करते हुए नीति आयोग ने बताया कि इन जिलों का विकास कार्यक्रम लागू करने के बाद एक साल में प्रदेश के चिह्नित आठ जिलों बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र, श्रावस्ती, फतेहपुर, चित्रकूट और चंदौली में व्यापक सुधार हुआ है। प्रदेश के सभी आकांक्षात्मक जिलों में औसतन 33 % सुधार दर्ज किया गया है, जबकि बलरामपुर और सिद्धार्थनगर में 50 % से अधिक सुधार हुआ है। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि प्रदेश के 8 आकांक्षात्मक जिलों में फतेहपुर, सोनभद्र, चन्दौली, चित्रकूट, बलरामपुर ने विभिन्न महीनों में विकास के अलग-अलग मानकों पर देश के आकांक्षात्मक जिलों में अग्रणी स्थान बनाया है। नीति आयोग विभिन्न मानकों पर प्रतिमाह अग्रणी स्थान प्राप्त करने वाले जिलों को प्रोत्साहन स्वरूप अलग से धनराशि दे रहा है। राज्य के कई जिलों में अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहन धनराशि दी गयी है। जिलों में बेसलाइन रैंकिंग 49 संकेतकों के आधार पर की गई है। इसमें स्वास्थ्य और पोषण को 30%, शिक्षा को 30%, कृषि व सिंचाई को 20%, वित्तीय समावेश व कौशल विकास को 10% तथा आधारभूत संचरना को 10% वेटेज दिया गया है।
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    पूरे प्रदेश के कायाकल्प की योजना बने : योगी
    हिन्दुस्तान 16/07/2019
    लखनऊ | विशेष संवाददाता :- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि नीति आयोग का उत्तर प्रदेश के प्रति सकारात्मक रवैया राज्य को विकास पथ पर आगे ले जाने में सहायक है। राज्य सरकार विकास के लिए नीति आयोग के सुझावों को लागू करेगी। मुख्यमंत्री ने सोमवार को यहां लोक भवन में नीति आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि यह प्रयास किया जाए कि राज्य का प्रत्येक आकांक्षात्मक जिला देश में उच्च स्थान प्राप्त करे। उन्होंने आकांक्षात्मक जिलों से सम्बंधित डेटा समय से फीड करने के निर्देश दिए। आयोग ने सराहा: इसके पहले नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने समग्रता में प्रदेश की प्रगति को सराहा। साथ ही यह भी कहा कि हम चाहते हैं कि यूपीके महत्वाकांक्षी जिले सभी प्रमुख मानकों पर देश के 115 आकांक्षात्मक जिलों में नंबर एक पर आएं। उन्होंने कहा कि जिस तरह मुख्यमंत्री इसमें निजी रुचि ले रहे हैं और योजना शुरू होने से लेकर अब तक की जो प्रगति है, उसके मद्देनजर पूरी उम्मीद है कि अगले तीन-चार माह में प्रदेश के सभी आकांक्षात्मक जिले प्रमुख मानकों पर पूरे देश में नंबर एक पर होंगे। बैठक के दौरान नीति आयोग के अधिकारियों द्वारा प्रदेश के आकांक्षात्मक जिले के विकास के सम्बन्ध में एक प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रदेश में आकांक्षात्मक जिलों की प्रगति की सराहना करते हुए नीति आयोग ने बताया कि इन जिलों का विकास कार्यक्रम लागू करने के बाद एक साल में प्रदेश के चिह्नित आठ जिलों बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र, श्रावस्ती, फतेहपुर, चित्रकूट और चंदौली में व्यापक सुधार हुआ है। प्रदेश के सभी आकांक्षात्मक जिलों में औसतन 33 % सुधार दर्ज किया गया है, जबकि बलरामपुर और सिद्धार्थनगर में 50 % से अधिक सुधार हुआ है। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि प्रदेश के 8 आकांक्षात्मक जिलों में फतेहपुर, सोनभद्र, चन्दौली, चित्रकूट, बलरामपुर ने विभिन्न महीनों में विकास के अलग-अलग मानकों पर देश के आकांक्षात्मक जिलों में अग्रणी स्थान बनाया है। नीति आयोग विभिन्न मानकों पर प्रतिमाह अग्रणी स्थान प्राप्त करने वाले जिलों को प्रोत्साहन स्वरूप अलग से धनराशि दे रहा है। राज्य के कई जिलों में अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहन धनराशि दी गयी है। जिलों में बेसलाइन रैंकिंग 49 संकेतकों के आधार पर की गई है। इसमें स्वास्थ्य और पोषण को 30%, शिक्षा को 30%, कृषि व सिंचाई को 20%, वित्तीय समावेश व कौशल विकास को 10% तथा आधारभूत संचरना को 10% वेटेज दिया गया है।


  • राष्ट्रीय सहारा : 15/07/2019 लखनऊ (एसएनबी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या, मिर्जापुर और प्रयागराज में गोवंश की मौत पर नाराजगी जताते हुए आठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने अयोध्या और मिर्जापुर के जिलाधिकारियों व मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। इसी के साथ ही उन्होंने प्रयागराज में आकाशीय बिजली गिरने से हुई गोवंश की मौत के मामले में कमिश्नर को जांच करके रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। प्रदेश के अयोध्या, मिर्जापुर और प्रयागराज में गोवंश की मौत पर मुख्यमंत्री ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।
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    गोवंश मौत के मामले में 8 अफसरों पर गिरी गाज
    राष्ट्रीय सहारा 15/07/2019
    लखनऊ (एसएनबी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या, मिर्जापुर और प्रयागराज में गोवंश की मौत पर नाराजगी जताते हुए आठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने अयोध्या और मिर्जापुर के जिलाधिकारियों व मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। इसी के साथ ही उन्होंने प्रयागराज में आकाशीय बिजली गिरने से हुई गोवंश की मौत के मामले में कमिश्नर को जांच करके रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। प्रदेश के अयोध्या, मिर्जापुर और प्रयागराज में गोवंश की मौत पर मुख्यमंत्री ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।


  • दैनिक जागरण : 13/07/2019 राब्यू, लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चरणवार आठ महत्वाकांक्षी जिलों के हर गांव को आदर्श गांव बनाने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारियों की कार्यशैली और आंकड़ों की ओवर रिपोर्टिग पर उन्होंने नाराजगी जताई। योगी ने स्वास्थ्य एवं पोषण की रैकिंग में गिरावट के लिए चंदौली, फतेहपुर, बहराइच और सिद्धार्थनगर के जिलाधिकारियों को सुधार लाने के निर्देश दिए। सरकार ने शुक्रवार को ही नौ जिलों में नए डीएम भी तैनात किए हैं। मुख्यमंत्री शुक्रवार को लोकभवन में महत्वाकांक्षी जिलों के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में ब्लाक का एक गांव, दूसरे चरण में न्याय पंचायत का एक गांव और तीसरे चरण में हर गांव को आदर्श गांव बनाएं। कहा, अगर नतीजे बेहतर चाहते हैं तो टीम भावना से काम करें और सभी जिले आपस में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा तय मानकों का डीएम अनुपालन करें और मंडलायुक्त उसकी नियमित समीक्षा करें। नीति आयोग ने देश के 115 जिलों का चयन महत्वाकांक्षी जिलों के रूप में किया है जिसमें प्रदेश के सोनभद्र, फतेहपुर, चित्रकूट, चंदौली, बलरामपुर, बहराइच, श्रवस्ती और सिद्धार्थनगर जिले शामिल हैं। मानव विकास सूचकांक, चिकित्सा एवं पोषण, शिक्षा, कृषि, जल संसाधन, वित्तीय समावेश, कौशल विकास एवं आधारभूत संरचना जैसे 49 मानकों के आधार पर इनको चयनित किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अक्सर छुट्टी पर रहने वाले जिलाधिकारियों को फील्ड में तैनाती की कोई जरूरत नहीं है।
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    जिलाधिकारियों की कार्यशैली पर योगी ने जताई नाराजगी
    दैनिक जागरण 13/07/2019
    राब्यू, लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चरणवार आठ महत्वाकांक्षी जिलों के हर गांव को आदर्श गांव बनाने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारियों की कार्यशैली और आंकड़ों की ओवर रिपोर्टिग पर उन्होंने नाराजगी जताई। योगी ने स्वास्थ्य एवं पोषण की रैकिंग में गिरावट के लिए चंदौली, फतेहपुर, बहराइच और सिद्धार्थनगर के जिलाधिकारियों को सुधार लाने के निर्देश दिए। सरकार ने शुक्रवार को ही नौ जिलों में नए डीएम भी तैनात किए हैं। मुख्यमंत्री शुक्रवार को लोकभवन में महत्वाकांक्षी जिलों के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में ब्लाक का एक गांव, दूसरे चरण में न्याय पंचायत का एक गांव और तीसरे चरण में हर गांव को आदर्श गांव बनाएं। कहा, अगर नतीजे बेहतर चाहते हैं तो टीम भावना से काम करें और सभी जिले आपस में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा तय मानकों का डीएम अनुपालन करें और मंडलायुक्त उसकी नियमित समीक्षा करें। नीति आयोग ने देश के 115 जिलों का चयन महत्वाकांक्षी जिलों के रूप में किया है जिसमें प्रदेश के सोनभद्र, फतेहपुर, चित्रकूट, चंदौली, बलरामपुर, बहराइच, श्रवस्ती और सिद्धार्थनगर जिले शामिल हैं। मानव विकास सूचकांक, चिकित्सा एवं पोषण, शिक्षा, कृषि, जल संसाधन, वित्तीय समावेश, कौशल विकास एवं आधारभूत संरचना जैसे 49 मानकों के आधार पर इनको चयनित किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अक्सर छुट्टी पर रहने वाले जिलाधिकारियों को फील्ड में तैनाती की कोई जरूरत नहीं है।


  • हिन्दुस्तान : 12/07/2019 लखनऊ | विशेष संवाददाता :- यमुना एक्सप्रेस-वे हादसे के चार दिन बाद सड़क सुरक्षा को लेकर हुई बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विभागीय अफसरों से खासे नाराज हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हादसे सिर्फ चालकों के मत्थे मढ़कर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। अगस्त में फिर समीक्षा:मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि लोगों की जिंदगी के साथ समझौता कतई सहन नहीं होगा। परिवहन विभाग में युद्ध स्तर पर सुधार की जरूरत है। वह फिर अगस्त में समीक्षा करेंगे। उन्होंने यमुना एक्सप्रेस वे पर टोल टैक्स वसूलने वाली कंपनी के अधिकारियों को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दुर्घटनाएं रोकना आप की भी जिम्मेदारी है। मानकोंका पालन हो:सीएम ने लोकभवन में अधिकारियों की बैठक में कहा कि सभी वाहन चालकों का मेडिकल चेकअप, लाइसेंस की जांच, उनकी पूरी स्क्रीनिंग और चालकों के स्टेयरिंग पर बैठने से पहले और गंतव्य तक पहुंचने पर उनका ब्रेथ एनेलाइजर टेस्ट कराया जाए। रात में 400 किमी या उससे ज्यादा चलने वाली बसों में दो ड्राइवर रहें। अफसरों व मंत्रियों के चालकों का भी मेडिकल चेकअप हो। डग्गामार कबाड़ घोषित होंगे:सीएम ने सड़कों की फिटनेस ऑडिट की स्थाई व्यवस्था करने, पुलिस विभाग को स्पीड गन मुहैया कराने, रोडवेज चालकों को 5 घंटे बाद आराम देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंडम व डग्गामार वाहनों को कबाड़ घोषित कर दें।
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    हादसे की जिम्मेदारी से अफसर बच नहीं सकते
    हिन्दुस्तान 12/07/2019
    लखनऊ | विशेष संवाददाता :- यमुना एक्सप्रेस-वे हादसे के चार दिन बाद सड़क सुरक्षा को लेकर हुई बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विभागीय अफसरों से खासे नाराज हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हादसे सिर्फ चालकों के मत्थे मढ़कर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। अगस्त में फिर समीक्षा:मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि लोगों की जिंदगी के साथ समझौता कतई सहन नहीं होगा। परिवहन विभाग में युद्ध स्तर पर सुधार की जरूरत है। वह फिर अगस्त में समीक्षा करेंगे। उन्होंने यमुना एक्सप्रेस वे पर टोल टैक्स वसूलने वाली कंपनी के अधिकारियों को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दुर्घटनाएं रोकना आप की भी जिम्मेदारी है। मानकोंका पालन हो:सीएम ने लोकभवन में अधिकारियों की बैठक में कहा कि सभी वाहन चालकों का मेडिकल चेकअप, लाइसेंस की जांच, उनकी पूरी स्क्रीनिंग और चालकों के स्टेयरिंग पर बैठने से पहले और गंतव्य तक पहुंचने पर उनका ब्रेथ एनेलाइजर टेस्ट कराया जाए। रात में 400 किमी या उससे ज्यादा चलने वाली बसों में दो ड्राइवर रहें। अफसरों व मंत्रियों के चालकों का भी मेडिकल चेकअप हो। डग्गामार कबाड़ घोषित होंगे:सीएम ने सड़कों की फिटनेस ऑडिट की स्थाई व्यवस्था करने, पुलिस विभाग को स्पीड गन मुहैया कराने, रोडवेज चालकों को 5 घंटे बाद आराम देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंडम व डग्गामार वाहनों को कबाड़ घोषित कर दें।


  • राष्ट्रीय सहारा : 10/07/2019 सहारा न्यूज ब्यूरो लखनऊ :- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पर पहली बार मंगलवार को यहां गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाशोत्सव पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर शबद- कीर्तन एवं लंगर का जहां आयोजन हुआ, वहीं मुख्यमंत्री श्री योगी ने स्वयं मंत्रियों के साथ जमीन पर बैठकर लंगर का प्रसाद ग्रहण किया। श्री योगी ने कहा कि गुरु परंपरा की शुरुआत करने वाले संत से जुड़े स्थलों के योजनाबद्ध विकास के लिये गंभीर विचार की जरूरत है। श्री योगी ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित सिख संगत को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु नानक देव जी के समय से जो परंपरा शुरू हुई थी, वह सिर्फ सिखों की ही नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए थी। आज कोई भी ऐसा भारतीय नहीं है जो गुरु परंपरा का सम्मान नहीं करता है। उन्होंने कहा कि हमें उत्तर प्रदेश में गुरुनानक देव जी से जुड़े उन स्थलों के विकास के लिये सरकार और समाज को मिल कर काम करना होगा। हमे सोचना होगा कि वहां आने वाले श्रद्धालुजनों की बुनियादी सुविधाओं के लिए हम क्या कर सकते हैं। श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित शबद-कीर्तन में श्री योगी ने शिरकत की और गुरु ग्रंथ साहब के समक्ष माथा टेका। श्री योगी ने अपने मंत्रियों के साथ लंगर छकने के बाद कानपुर से आ रही प्रकाश यात्रा को अयोध्या के लिए रवाना किया। यह श्री गुरु नानक देव जी की चरण स्थलीय है। श्री योगी ने कहा कि जब मुगल शासक बाबर के अत्याचार से धरती कांप रही थी, तब गुरु नानक जी ने उसकी बर्बरता के खिलाफ आवाज उठाने में कोई कमी नहीं छोड़ी। गुरुनानक देव जी ने मक्का-मदीना में भी जाकर वहां पर लोगों की आंखों को खोलने वाले चमत्कार करके दिखाए। यह उनके जीवन का हिस्सा नहीं था, लेकिन उन्होंने इसको बखूबी दिखाया। शस्त्र और शास्त्र का ऐसा समन्वय पूरी दुनिया में देखने को नहीं मिलेगा। श्री योगी ने कहा कि जिन लोगों को गुरुनानक देव जी की आध्यात्मिक ताकत का अनुभव नहीं था, वे स्वयं उनके सम्पर्क में आकर प्रभावित होने से नहीं बचते थे। आज से 550 वर्ष पहले साधन नहीं थे। आज उन तमाम पवित्र स्थलों पर जाने के लिए हम लोग आलस्य करते हैं। याद करिए गुरुनानक देव जी के समय में साधन नहीं थे, उस समय संचार के कुछ भी माध्यम नहीं थे, लेकिन उन्होंने कहां-कहां तक की यात्रा की। इसी क्रम में अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख तथा गुरुनानक देव स्टडी सर्किल के चीफ कोलोबरेटर बिजेन्द्र पाल सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किये। श्री औलख ने मुख्यमंत्री को सरोपा भेंट किया।कार्यक्रम में पधारे सभी सिख गुरुओं व संतों बाबा बचन सिंह, श्री बांग्ला साहिब, बाबा तेजा सिंह जी, बाबा राजेन्द्र सिंह जी, बाबा अनूप सिंह जी, बाबा मोहन सिंह जी, बाबा दलजीत सिंह जी, बहन इन्दरजीत कौर खालसा, बाबा अजायब सिंह अभ्यासी, सरदार गुरुदास सिंह जी, बाबा निर्मल सिंह जी, बाबा तरसेम सिंह जी को मुख्यमंत्री योगी ने सम्मानित किया। शबद कीर्तन गायक भूपिंदर सिंह गुरुदासपुरी ने ‘‘महान कीर्तन दरबार’ में कीर्तन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा, केशव प्रसाद मौर्य, नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन, राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, डा. महेन्द्र सिंह, स्वतंत्र देव सिंह, के अलावा अन्य मंत्री मौजूद थे।
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    सीएम आवास पर पहली बार मना गुरु नानक देव जी का 550 वां प्रकाश पर्व
    राष्ट्रीय सहारा 10/07/2019
    सहारा न्यूज ब्यूरो लखनऊ :- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पर पहली बार मंगलवार को यहां गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाशोत्सव पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर शबद- कीर्तन एवं लंगर का जहां आयोजन हुआ, वहीं मुख्यमंत्री श्री योगी ने स्वयं मंत्रियों के साथ जमीन पर बैठकर लंगर का प्रसाद ग्रहण किया। श्री योगी ने कहा कि गुरु परंपरा की शुरुआत करने वाले संत से जुड़े स्थलों के योजनाबद्ध विकास के लिये गंभीर विचार की जरूरत है। श्री योगी ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित सिख संगत को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु नानक देव जी के समय से जो परंपरा शुरू हुई थी, वह सिर्फ सिखों की ही नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए थी। आज कोई भी ऐसा भारतीय नहीं है जो गुरु परंपरा का सम्मान नहीं करता है। उन्होंने कहा कि हमें उत्तर प्रदेश में गुरुनानक देव जी से जुड़े उन स्थलों के विकास के लिये सरकार और समाज को मिल कर काम करना होगा। हमे सोचना होगा कि वहां आने वाले श्रद्धालुजनों की बुनियादी सुविधाओं के लिए हम क्या कर सकते हैं। श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित शबद-कीर्तन में श्री योगी ने शिरकत की और गुरु ग्रंथ साहब के समक्ष माथा टेका। श्री योगी ने अपने मंत्रियों के साथ लंगर छकने के बाद कानपुर से आ रही प्रकाश यात्रा को अयोध्या के लिए रवाना किया। यह श्री गुरु नानक देव जी की चरण स्थलीय है। श्री योगी ने कहा कि जब मुगल शासक बाबर के अत्याचार से धरती कांप रही थी, तब गुरु नानक जी ने उसकी बर्बरता के खिलाफ आवाज उठाने में कोई कमी नहीं छोड़ी। गुरुनानक देव जी ने मक्का-मदीना में भी जाकर वहां पर लोगों की आंखों को खोलने वाले चमत्कार करके दिखाए। यह उनके जीवन का हिस्सा नहीं था, लेकिन उन्होंने इसको बखूबी दिखाया। शस्त्र और शास्त्र का ऐसा समन्वय पूरी दुनिया में देखने को नहीं मिलेगा। श्री योगी ने कहा कि जिन लोगों को गुरुनानक देव जी की आध्यात्मिक ताकत का अनुभव नहीं था, वे स्वयं उनके सम्पर्क में आकर प्रभावित होने से नहीं बचते थे। आज से 550 वर्ष पहले साधन नहीं थे। आज उन तमाम पवित्र स्थलों पर जाने के लिए हम लोग आलस्य करते हैं। याद करिए गुरुनानक देव जी के समय में साधन नहीं थे, उस समय संचार के कुछ भी माध्यम नहीं थे, लेकिन उन्होंने कहां-कहां तक की यात्रा की। इसी क्रम में अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख तथा गुरुनानक देव स्टडी सर्किल के चीफ कोलोबरेटर बिजेन्द्र पाल सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किये। श्री औलख ने मुख्यमंत्री को सरोपा भेंट किया।कार्यक्रम में पधारे सभी सिख गुरुओं व संतों बाबा बचन सिंह, श्री बांग्ला साहिब, बाबा तेजा सिंह जी, बाबा राजेन्द्र सिंह जी, बाबा अनूप सिंह जी, बाबा मोहन सिंह जी, बाबा दलजीत सिंह जी, बहन इन्दरजीत कौर खालसा, बाबा अजायब सिंह अभ्यासी, सरदार गुरुदास सिंह जी, बाबा निर्मल सिंह जी, बाबा तरसेम सिंह जी को मुख्यमंत्री योगी ने सम्मानित किया। शबद कीर्तन गायक भूपिंदर सिंह गुरुदासपुरी ने ‘‘महान कीर्तन दरबार’ में कीर्तन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा, केशव प्रसाद मौर्य, नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन, राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, डा. महेन्द्र सिंह, स्वतंत्र देव सिंह, के अलावा अन्य मंत्री मौजूद थे।


  • दैनिक जागरण : 09/07/2019 जागरण संवाददाता, गोरखपुर : तीन दिवसीय दौरे पर शनिवार को गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अयोध्या रवाना होने से पहले इस दौरे का दूसरा जनता दरबार लगाया। अपनी समस्या सीधे मुख्यमंत्री से मिलकर कहने के लिए बड़ी संख्या में फरियादी गोरखनाथ मंदिर के हंिदूू सेवाश्रम पहुंचे। मुख्यमंत्री ने फरियादियों के पास जाकर उनकी समस्या सुनी और समाधान के लिए आश्वस्त किया। ज्यादातर फरियादी आश्वासन से संतुष्ट नजर आए। मुख्यमंत्री से अपनी समस्या कहने के दौरान जब कई फरियादियों ने समाधान को लेकर अफसरों की लापरवाही की बात कही तो उन्होंने इसपर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि ऐसे अफसर और कर्मचारी चिन्हित कर दंडित किए जाएंगे। वैसे तो फरियादियों की तादाद 500 के करीब थी, लेकिन 200 से अधिक लोगों की फरियाद मुख्यमंत्री ने खुद सुनी और बाकी का समस्या पत्र लेने के लिए कैंप कार्यालय के प्रभारी मोतीलाल सिंह को निर्देशित किया। इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री की दिनचर्या परंपरागत रही। सुबह साढ़े पांच बजे के करीब वह अपने कक्ष से निकले और सबसे पहले गुरु गोरक्षनाथ की प्रतिमा के समक्ष पहुंचकर विधि-विधान से उनकी आराधना की। अपने गुरु अवेद्यनाथ का आशीर्वाद लेने के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का भ्रमण किया और व्यवस्था संबंधी जरूरी निर्देश दिए। हमेशा की तरह सोमवार को भी मुख्यमंत्री ने करीब आधा घंटा गोशाला में गुजारे और गायों को दुलारने के साथ अपने हाथ से उन्हें गुड़-चना खिलाया। परंपरा दिनचर्या और जनता दरबार के बाद तय समय पर सुबह 10:15 बजे मुख्यमंत्री गोरखनाथ मंदिर से अयोध्या के लिए रवाना हो गए।
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    अफसर नहीं सुनते, आप सुन लीजिए महाराज
    दैनिक जागरण 09/07/2019
    जागरण संवाददाता, गोरखपुर : तीन दिवसीय दौरे पर शनिवार को गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अयोध्या रवाना होने से पहले इस दौरे का दूसरा जनता दरबार लगाया। अपनी समस्या सीधे मुख्यमंत्री से मिलकर कहने के लिए बड़ी संख्या में फरियादी गोरखनाथ मंदिर के हंिदूू सेवाश्रम पहुंचे। मुख्यमंत्री ने फरियादियों के पास जाकर उनकी समस्या सुनी और समाधान के लिए आश्वस्त किया। ज्यादातर फरियादी आश्वासन से संतुष्ट नजर आए। मुख्यमंत्री से अपनी समस्या कहने के दौरान जब कई फरियादियों ने समाधान को लेकर अफसरों की लापरवाही की बात कही तो उन्होंने इसपर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि ऐसे अफसर और कर्मचारी चिन्हित कर दंडित किए जाएंगे। वैसे तो फरियादियों की तादाद 500 के करीब थी, लेकिन 200 से अधिक लोगों की फरियाद मुख्यमंत्री ने खुद सुनी और बाकी का समस्या पत्र लेने के लिए कैंप कार्यालय के प्रभारी मोतीलाल सिंह को निर्देशित किया। इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री की दिनचर्या परंपरागत रही। सुबह साढ़े पांच बजे के करीब वह अपने कक्ष से निकले और सबसे पहले गुरु गोरक्षनाथ की प्रतिमा के समक्ष पहुंचकर विधि-विधान से उनकी आराधना की। अपने गुरु अवेद्यनाथ का आशीर्वाद लेने के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का भ्रमण किया और व्यवस्था संबंधी जरूरी निर्देश दिए। हमेशा की तरह सोमवार को भी मुख्यमंत्री ने करीब आधा घंटा गोशाला में गुजारे और गायों को दुलारने के साथ अपने हाथ से उन्हें गुड़-चना खिलाया। परंपरा दिनचर्या और जनता दरबार के बाद तय समय पर सुबह 10:15 बजे मुख्यमंत्री गोरखनाथ मंदिर से अयोध्या के लिए रवाना हो गए।


  • राष्ट्रीय सहारा : 08/07/2019 कुशीनगर (एसएनबी)। जिला मुख्यालय पर आयोजित रही विकास कायरे की समीक्षा बैठक से निपटने के पश्चात कलेक्ट्रेट से सटे स्थित सर्किट हाऊस में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों को भरोसा दिलाया कि कुशीनगर एयरपोर्ट भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण (एयरपोर्ट एथारिटी आफ इण्डिया) को सौंपने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और शीघ्र ही इस एयरपोर्ट से हवाई सेवा शुरू हो जायेगी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि तथागत भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण भूमि कुशीनगर को प्रदेश सरकार पर्यटन के नये हब के रूप में विकसित करने के लिए संकल्पित है और इस दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। एक सवाल के जबाब में उन्होंने कहा कि आमतौर पर बरसात के प्रारम्भिक दिनों में बिजली की आपूर्ति की स्थिति खराब रहती है, जल्द ही इसमें सुधार दिखेगा। उन्होंने कहा कि विद्युत आपूर्ति की स्थिति में सुधार लाने की सरकारी मंशा के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही होगी। एक अन्य प्रश्न के जबाब में उन्होंने कहा कि कुशीनगर जिले में गुड़ उद्योग के विकास की अपार संभावनायें हैं। इस दिशा में सरकार जरूरी कदम उठायेगी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने और बेरोजगारी की स्थिति में सुधार लाने की नई संभावनाओं को तलाश रही है।
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    कुशीनगर बनेगा नया पर्यटन हब : योगी
    राष्ट्रीय सहारा 08/07/2019
    कुशीनगर (एसएनबी)। जिला मुख्यालय पर आयोजित रही विकास कायरे की समीक्षा बैठक से निपटने के पश्चात कलेक्ट्रेट से सटे स्थित सर्किट हाऊस में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों को भरोसा दिलाया कि कुशीनगर एयरपोर्ट भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण (एयरपोर्ट एथारिटी आफ इण्डिया) को सौंपने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और शीघ्र ही इस एयरपोर्ट से हवाई सेवा शुरू हो जायेगी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि तथागत भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण भूमि कुशीनगर को प्रदेश सरकार पर्यटन के नये हब के रूप में विकसित करने के लिए संकल्पित है और इस दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। एक सवाल के जबाब में उन्होंने कहा कि आमतौर पर बरसात के प्रारम्भिक दिनों में बिजली की आपूर्ति की स्थिति खराब रहती है, जल्द ही इसमें सुधार दिखेगा। उन्होंने कहा कि विद्युत आपूर्ति की स्थिति में सुधार लाने की सरकारी मंशा के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही होगी। एक अन्य प्रश्न के जबाब में उन्होंने कहा कि कुशीनगर जिले में गुड़ उद्योग के विकास की अपार संभावनायें हैं। इस दिशा में सरकार जरूरी कदम उठायेगी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने और बेरोजगारी की स्थिति में सुधार लाने की नई संभावनाओं को तलाश रही है।


  • दैनिक जागरण : 07/07/2019 जागरण संवाददाता, गोरखपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जिलों को शहरों और गावों में बेसहारा गोवंश संरक्षण के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करा दी है। सरकार के इस प्रयास से चार लाख बेसहारा गोवंशियों को सहारा मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी शनिवार को शहर के मंडी परिसर में निर्मित कान्हा उपवन व गोशाला का लोकार्पण कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से की गई इस व्यवस्था से जहां आस्थावान लोगों को गोवंश की देखभाल और सेवा का अवसर मिलेगा, वहीं इन पशुओं के चलते बिगड़ रही यातायात व्यवस्था भी दुरुस्त होगी। किसी बुजुर्ग, महिला और बच्चे को इन पशुओं के हमले का शिकार नहीं होना पड़ेगा। इससे गांव में किसानों को फसल का नुकसान भी नहीं झेलना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि गोरखपुर के कान्हा उपवन की क्षमता 1200 से 1500 बेसहारा पशुओं को सहारा देने की है। इस उपवन में गोवंशी पशुओं को चार वर्गो में बांट कर रखा जाएगा। बछड़ों और छोटे बच्चों के लिए अलग इंतजाम होगा तो गर्भवती गायों और अन्य बेसहारा पशुओं के लिए भी अलग से यथोचित व्यवस्था होगी।
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    चार लाख बेसहारा गोवंशियों को मिल रहा सहारा : सीएम
    दैनिक जागरण 07/07/2019
    जागरण संवाददाता, गोरखपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जिलों को शहरों और गावों में बेसहारा गोवंश संरक्षण के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करा दी है। सरकार के इस प्रयास से चार लाख बेसहारा गोवंशियों को सहारा मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी शनिवार को शहर के मंडी परिसर में निर्मित कान्हा उपवन व गोशाला का लोकार्पण कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से की गई इस व्यवस्था से जहां आस्थावान लोगों को गोवंश की देखभाल और सेवा का अवसर मिलेगा, वहीं इन पशुओं के चलते बिगड़ रही यातायात व्यवस्था भी दुरुस्त होगी। किसी बुजुर्ग, महिला और बच्चे को इन पशुओं के हमले का शिकार नहीं होना पड़ेगा। इससे गांव में किसानों को फसल का नुकसान भी नहीं झेलना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि गोरखपुर के कान्हा उपवन की क्षमता 1200 से 1500 बेसहारा पशुओं को सहारा देने की है। इस उपवन में गोवंशी पशुओं को चार वर्गो में बांट कर रखा जाएगा। बछड़ों और छोटे बच्चों के लिए अलग इंतजाम होगा तो गर्भवती गायों और अन्य बेसहारा पशुओं के लिए भी अलग से यथोचित व्यवस्था होगी।


  • हिन्दुस्तान : 06/07/2019 लखनऊ | विशेष संवाददाता :- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोकसभा में पेश हुए वार्षिक बजट का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया और इसे देश को समग्र विकास की ओर ले जाने वाला बताया है। उन्होंने लखनऊ में कहा कि यह भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने के लिहाज से शानदार बजट है। यह देश की देश के हर वर्ग गांव, गरीब और किसान की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट है। इससे समग्र आर्थिक विकास होगा और समाज के हर तबके को आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश के लिए गौरव की बात है कि मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था 2.7 हजार अरब डॉलर की हो गई है। अब इसे पांच हजार अरब डॉलर का बनाने का लक्ष्य है। देश को एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में 55 साल लगे बाकी प्रगति प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट ने पूरी समग्रता के साथ देश की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं की झलक पेश की है। देश जब अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे कर रहा होगा, तब इस देश में हर परिवार के पास अपना मकान होगा। एक करोड़ 95 लाख लोगों को आवास दिलाने, शौचालय, बिजली ,रसोई गैस और वर्ष 2024 तक ‘हर घर नल' योजना की घोषणा किया जाना अहम बात है।
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    देश को समग्र विकास की ओर ले जाएगा यह बजट : योगी
    हिन्दुस्तान 06/07/2019
    लखनऊ | विशेष संवाददाता :- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोकसभा में पेश हुए वार्षिक बजट का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया और इसे देश को समग्र विकास की ओर ले जाने वाला बताया है। उन्होंने लखनऊ में कहा कि यह भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने के लिहाज से शानदार बजट है। यह देश की देश के हर वर्ग गांव, गरीब और किसान की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट है। इससे समग्र आर्थिक विकास होगा और समाज के हर तबके को आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश के लिए गौरव की बात है कि मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था 2.7 हजार अरब डॉलर की हो गई है। अब इसे पांच हजार अरब डॉलर का बनाने का लक्ष्य है। देश को एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में 55 साल लगे बाकी प्रगति प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट ने पूरी समग्रता के साथ देश की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं की झलक पेश की है। देश जब अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे कर रहा होगा, तब इस देश में हर परिवार के पास अपना मकान होगा। एक करोड़ 95 लाख लोगों को आवास दिलाने, शौचालय, बिजली ,रसोई गैस और वर्ष 2024 तक ‘हर घर नल' योजना की घोषणा किया जाना अहम बात है।


  • राष्ट्रीय सहारा : 05/07/2019 लखनऊ (एसएनबी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 की शुरुआत की। इस हेल्पलाइन पर 24 घंटे लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी और मुख्यमंत्री खुद इसकी निगरानी करेंगे। झूठी शिकायत करने पर शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के समक्ष कहा कि हर महीने के अंत में वह स्वयं हेल्पलाइन में आई शिकायतों में से 100 मामलों का शिकायतकर्ता से खुद फीडबैक लेंगे। अगर शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हुआ तो सम्बन्धित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी तथा इसे अधिकारियों के एसीआर से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यहां लोकभवन में बृहस्पतिवार को चिर प्रतीक्षित सीएम हेल्पलाइन 1076 को लांच किया और कहा कि फरियादी को शिकायत लेकर राजधानी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। प्रदेश के किसी भी स्थान से शिकायतकर्ता इस हेल्पलाइन पर फोन कर शिकायत दर्ज करवा सकता है। यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। यह हेल्पलाइन शिकायतकर्ता की परेशानी का जब तक निराकरण नहीं करती, तब तक इसका फॉलोअप किया जाएगा। शिकायत तभी बन्द होगी जब शिकायतकर्ता खुद कहेगा कि उसकी समस्या का समाधान हो गया है। योगी ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन नंबर 1076 की व्यवस्था जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही भी तय करेगी और जनता से संवाद में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन इसका बड़ा साधन बनेगी। उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाकर पता चलता है कि लाभार्थी को सुविधा तो मिली लेकिन वह इस बात से अन्जान होता है कि यह सुविधा उसे सरकार द्वारा मिली है। उन्होंने संवादहीनता को इसका कारण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हेल्पलाइन नंबर में एक दिन में 80 हजार इनबाउण्ड कॉल्स तथा 55 हजार आउटबाउण्ड कॉल्स की क्षमता है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से किसी भी विभाग से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने के 3-4 दिन के भीतर शिकायतकर्ता से पूछा जाएगा कि उसकी शिकायत का निस्तारण हुआ या नहीं। शिकायत का समाधान न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। योगी ने कहा कि अब तक प्रदेश के दूरदराज के इलाकों से लोगों को रुपये खर्च कर अपनी समस्या के हल के लिए लखनऊ आना पड़ता था। हेल्पलाइन शुरू होने से शिकायतकर्ता घर बैठकर अपनी समस्या शासन तक पहुंचा पाएंगे। उन्होंने बताया कि इस हेल्प लाइन के शुरू होने से 500 युवाओं को रोजगार मिला। इस मौके पर सीएम हेल्पलाइन के एप का लोगो डिजायन करने वाले राजवीर को 21 हजार की धनराशि देकर सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा, राज्यमंत्री मोहसिन रजा, मुख्य सचिव अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव आईटी व इलेक्ट्रानिक्स आलोक सिन्हा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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    मुख्यमंत्री ने लांच की सीएम हेल्पलाइन 1076
    राष्ट्रीय सहारा 05/07/2019
    लखनऊ (एसएनबी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 की शुरुआत की। इस हेल्पलाइन पर 24 घंटे लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी और मुख्यमंत्री खुद इसकी निगरानी करेंगे। झूठी शिकायत करने पर शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के समक्ष कहा कि हर महीने के अंत में वह स्वयं हेल्पलाइन में आई शिकायतों में से 100 मामलों का शिकायतकर्ता से खुद फीडबैक लेंगे। अगर शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हुआ तो सम्बन्धित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी तथा इसे अधिकारियों के एसीआर से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यहां लोकभवन में बृहस्पतिवार को चिर प्रतीक्षित सीएम हेल्पलाइन 1076 को लांच किया और कहा कि फरियादी को शिकायत लेकर राजधानी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। प्रदेश के किसी भी स्थान से शिकायतकर्ता इस हेल्पलाइन पर फोन कर शिकायत दर्ज करवा सकता है। यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। यह हेल्पलाइन शिकायतकर्ता की परेशानी का जब तक निराकरण नहीं करती, तब तक इसका फॉलोअप किया जाएगा। शिकायत तभी बन्द होगी जब शिकायतकर्ता खुद कहेगा कि उसकी समस्या का समाधान हो गया है। योगी ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन नंबर 1076 की व्यवस्था जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही भी तय करेगी और जनता से संवाद में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन इसका बड़ा साधन बनेगी। उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाकर पता चलता है कि लाभार्थी को सुविधा तो मिली लेकिन वह इस बात से अन्जान होता है कि यह सुविधा उसे सरकार द्वारा मिली है। उन्होंने संवादहीनता को इसका कारण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हेल्पलाइन नंबर में एक दिन में 80 हजार इनबाउण्ड कॉल्स तथा 55 हजार आउटबाउण्ड कॉल्स की क्षमता है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से किसी भी विभाग से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने के 3-4 दिन के भीतर शिकायतकर्ता से पूछा जाएगा कि उसकी शिकायत का निस्तारण हुआ या नहीं। शिकायत का समाधान न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। योगी ने कहा कि अब तक प्रदेश के दूरदराज के इलाकों से लोगों को रुपये खर्च कर अपनी समस्या के हल के लिए लखनऊ आना पड़ता था। हेल्पलाइन शुरू होने से शिकायतकर्ता घर बैठकर अपनी समस्या शासन तक पहुंचा पाएंगे। उन्होंने बताया कि इस हेल्प लाइन के शुरू होने से 500 युवाओं को रोजगार मिला। इस मौके पर सीएम हेल्पलाइन के एप का लोगो डिजायन करने वाले राजवीर को 21 हजार की धनराशि देकर सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा, राज्यमंत्री मोहसिन रजा, मुख्य सचिव अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव आईटी व इलेक्ट्रानिक्स आलोक सिन्हा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।


  • हिन्दुस्तान : 04/07/2019 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे और माइक लगाने पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा, लेकिन इस पर सिर्फ भजन बजाने की अनुमति होगी। इसके साथ ही प्रतिबंधित श्रेणी के जानवरों को काटने पर रोक लगा दी गई है। कांवड़ यात्रा के दौरान हेलीकाप्टर से निगरानी होगी और पुष्प वर्षा भी कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने बुधवार को लोकभवन में सावन में शुरू होने वाले कांवड़ यात्रा के संबंध में वीडियो कांफ्रेंसिंग कर मंडल व जिले के अफसरों से तैयारियों की जानकारी ली और कहा कि व्यवस्था के बारे में सभी अधिकारी कुंभ से सीख लें। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा में पहले की तरह डीजे और माइक पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। स्थानीय अधिकारी यह सुनिश्चित कराएंगे की इनसे सिर्फ भजन ही बजे, फिल्मी और अश्लील गाने न बजने पाए। इसके साथ ही डीजे की आवाज इतनी ही रहे जितनी कर्ण प्रिय लगे। कुछ लोग माहौल बिगाड़ने की लगातार साजिश रच रहे हैं। अराजकता फैलाने की कोशिश करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई करें। कार्रवाई का दायरा अराजकता फैलाने वालों तक नहीं, बल्कि संरक्षण देने वालों तक होना चाहिए। कुंभ जैसा बड़ा आयोजन सकता है तो कांवड़ यात्रा भी। इसके बाद से ही छठ तक त्योहारों का एक लंबा सिलसिला चलने वाला है। कांवड़ यात्रा का बेहतर संदेश सभी पर्वों व त्योहारों तक जाएगा। शासन और प्रशासन की लोगों में अच्छी छवि बनेगी। उन्होंने डीएम को निर्देश दिया कि प्रमुख शिवालयों की साफ-सफाई के साथ बिजली, पानी, खासकर महिलाओं की सुरक्षा की व्यवस्था समय से कर ली जाए। इसमें जरूरत के आधार पर स्थानीय स्तर पर स्वंयसेवी संगठनों की भी मदद ली जा सकती है। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि शिवालयों के पास मांस-मंदिरा की दुकान नहीं होनी चाहिए। प्लास्टिक, थर्माकोल का प्रयोग नहीं होना चाहिए। मौके पर डस्टबिन रखवाए जाएं। कांवड़ यात्रा वाले स्थानों पर विशेष सफाई की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान बकरीद पड़ने के कारण इसकी संवेदनशीलता बढ़ जाती है। लिहाजा यह सुनिश्चित कराएं की कहीं पर अलग से कोई परंपरा नहीं शुरू होगी। प्रतिबंधित श्रेणी का कोई जानवर नहीं कटने पाएगा। सार्वजनिक क्षेत्रों पर भी जानवर नहीं काटे जाएंगे। संवेदनशील जगहों पर सीसीटीव कैमरा लगवाएं, जर्जर तार और पोलों को ठीक कर लें। डीएम और एसएसपी जेलों का नियमित निरीक्षण करें। आईजी, डीआई और कमिश्नर भी जेलों का औचक निरीक्षण करें। कप्तान प्रतिदिन एक थाने का निरीक्षण करें।
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    कांवड़ यात्रा में डीजे व माइक पर रोक नहीं : योगी
    हिन्दुस्तान 04/07/2019
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे और माइक लगाने पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा, लेकिन इस पर सिर्फ भजन बजाने की अनुमति होगी। इसके साथ ही प्रतिबंधित श्रेणी के जानवरों को काटने पर रोक लगा दी गई है। कांवड़ यात्रा के दौरान हेलीकाप्टर से निगरानी होगी और पुष्प वर्षा भी कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने बुधवार को लोकभवन में सावन में शुरू होने वाले कांवड़ यात्रा के संबंध में वीडियो कांफ्रेंसिंग कर मंडल व जिले के अफसरों से तैयारियों की जानकारी ली और कहा कि व्यवस्था के बारे में सभी अधिकारी कुंभ से सीख लें। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा में पहले की तरह डीजे और माइक पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। स्थानीय अधिकारी यह सुनिश्चित कराएंगे की इनसे सिर्फ भजन ही बजे, फिल्मी और अश्लील गाने न बजने पाए। इसके साथ ही डीजे की आवाज इतनी ही रहे जितनी कर्ण प्रिय लगे। कुछ लोग माहौल बिगाड़ने की लगातार साजिश रच रहे हैं। अराजकता फैलाने की कोशिश करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई करें। कार्रवाई का दायरा अराजकता फैलाने वालों तक नहीं, बल्कि संरक्षण देने वालों तक होना चाहिए। कुंभ जैसा बड़ा आयोजन सकता है तो कांवड़ यात्रा भी। इसके बाद से ही छठ तक त्योहारों का एक लंबा सिलसिला चलने वाला है। कांवड़ यात्रा का बेहतर संदेश सभी पर्वों व त्योहारों तक जाएगा। शासन और प्रशासन की लोगों में अच्छी छवि बनेगी। उन्होंने डीएम को निर्देश दिया कि प्रमुख शिवालयों की साफ-सफाई के साथ बिजली, पानी, खासकर महिलाओं की सुरक्षा की व्यवस्था समय से कर ली जाए। इसमें जरूरत के आधार पर स्थानीय स्तर पर स्वंयसेवी संगठनों की भी मदद ली जा सकती है। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि शिवालयों के पास मांस-मंदिरा की दुकान नहीं होनी चाहिए। प्लास्टिक, थर्माकोल का प्रयोग नहीं होना चाहिए। मौके पर डस्टबिन रखवाए जाएं। कांवड़ यात्रा वाले स्थानों पर विशेष सफाई की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान बकरीद पड़ने के कारण इसकी संवेदनशीलता बढ़ जाती है। लिहाजा यह सुनिश्चित कराएं की कहीं पर अलग से कोई परंपरा नहीं शुरू होगी। प्रतिबंधित श्रेणी का कोई जानवर नहीं कटने पाएगा। सार्वजनिक क्षेत्रों पर भी जानवर नहीं काटे जाएंगे। संवेदनशील जगहों पर सीसीटीव कैमरा लगवाएं, जर्जर तार और पोलों को ठीक कर लें। डीएम और एसएसपी जेलों का नियमित निरीक्षण करें। आईजी, डीआई और कमिश्नर भी जेलों का औचक निरीक्षण करें। कप्तान प्रतिदिन एक थाने का निरीक्षण करें।


  • दैनिक जागरण : 03/07/2019 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : खाद्य पदार्थो के नमूनों की जांच के लिए सरकार अब व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करना चाहती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी मंडलों में छह माह में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पानी की शुद्धता पर गंभीर मुख्यमंत्री ने बोतल बंद और जार के पानी की शुद्धता जांचने और जागरूकता के लिए अभियान चलाने के लिए भी कहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लोकभवन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रसाधन विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हर मंडल में एक अत्याधुनिक प्रयोगशाला छह महीने के अंदर तैयार करें, जिससे नमूनों की नियमित जांच और निगरानी हो सके। बोतल बंद पानी और जार को लेकर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह पानी कितना शुद्ध है, इसकी जांच कराने के लिए व्यापक अभियान चलाएं। लोगों को जागरूक किया जाए कि आखिरकार यह पानी कितने समय तक पीने लायक रहता है, इसकी शुद्धता क्या है। किसी को पानी के नाम पर जहर पिलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अगर आप शुद्ध पानी मुहैया करा देते हैं तो आधी बीमारियां ऐसे ही खत्म हो जाती हैं। मुख्यमंत्री ने औषधि नियंत्रकों के खाली पद जल्द भरने और लंबित वादों के त्वरित निस्तारण के लिए भी कहा। बैठक में विभागीय मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय, अपर मुख्य सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन अनीता भटनागर जैन और अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। एक हफ्ते में लाइसेंस न मिले तो अफसर जवाबदेह : योगी ने थोक एवं फुटकर दवा लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में होने वाली देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है, लेकिन फार्मासिस्ट के अलावा कुछ और चीजें हैं, जिसके नाते व्यापारी परेशान हो रहे हैं। इसको पूरी तरह से पारदर्शी बनाएं। आवेदन के हफ्ते भर बाद लाइसेंस मिल जाना चाहिए।
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    हर मंडल में बनाएं अत्याधुनिक प्रयोगशाला
    दैनिक जागरण 03/07/2019
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : खाद्य पदार्थो के नमूनों की जांच के लिए सरकार अब व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करना चाहती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी मंडलों में छह माह में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पानी की शुद्धता पर गंभीर मुख्यमंत्री ने बोतल बंद और जार के पानी की शुद्धता जांचने और जागरूकता के लिए अभियान चलाने के लिए भी कहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लोकभवन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रसाधन विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हर मंडल में एक अत्याधुनिक प्रयोगशाला छह महीने के अंदर तैयार करें, जिससे नमूनों की नियमित जांच और निगरानी हो सके। बोतल बंद पानी और जार को लेकर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह पानी कितना शुद्ध है, इसकी जांच कराने के लिए व्यापक अभियान चलाएं। लोगों को जागरूक किया जाए कि आखिरकार यह पानी कितने समय तक पीने लायक रहता है, इसकी शुद्धता क्या है। किसी को पानी के नाम पर जहर पिलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अगर आप शुद्ध पानी मुहैया करा देते हैं तो आधी बीमारियां ऐसे ही खत्म हो जाती हैं। मुख्यमंत्री ने औषधि नियंत्रकों के खाली पद जल्द भरने और लंबित वादों के त्वरित निस्तारण के लिए भी कहा। बैठक में विभागीय मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय, अपर मुख्य सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन अनीता भटनागर जैन और अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। एक हफ्ते में लाइसेंस न मिले तो अफसर जवाबदेह : योगी ने थोक एवं फुटकर दवा लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में होने वाली देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है, लेकिन फार्मासिस्ट के अलावा कुछ और चीजें हैं, जिसके नाते व्यापारी परेशान हो रहे हैं। इसको पूरी तरह से पारदर्शी बनाएं। आवेदन के हफ्ते भर बाद लाइसेंस मिल जाना चाहिए।


  • राष्ट्रीय सहारा : 02/07/2019 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संचारी रोगों में उपचार से अधिक बचाव का महत्व है और जल जनित एवं विषाणु जनित रोगों पर नियंतण्रके लिए साफ-सफाई के साथ-साथ स्वच्छता को अपनाया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पूर्व में इंसेफ्लाइटिस से मरने वाले बच्चे गरीबों के थे, इसलिए पिछली सरकारों ने ध्यान नहीं दिया। श्री योगी सोमवार को यहां लोकभवन में ‘‘संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान’ के दूसरे चरण के शुभारम्भ अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जल जनित और विषाणु जनित रोगों पर नियंत्रण के लिए आवश्यक है कि साफ-सफाई की जाए तथा स्वच्छता को अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन का जो अभियान चलाया, वह वेक्टर जनित रोगों के खिलाफ भी एक अभियान है। इसके पूर्व मुख्यमंत्री ने जन जागरूकता अभियान के प्रचार वाहनों को भी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने दस्तक चैम्पियन्स को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश के ग्रामीण और शहरी इलाकों में अभियान चलाकर बड़ी संख्या में शौचालय बनवाए गए। उन्होंने कहा कि मच्छरों से बचाव के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत को फॉ¨गग के लिए 10 हजार रपए स्वास्य विभाग द्वारा दिए जा रहे हैं। श्री योगी ने कहा कि पिछले साल संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियानों के अत्यन्त उत्साहजनक परिणाम सामने आए और हमें दिमागी बुखार की रोकथाम में अभूतपूर्व सफलता मिली। दिमागी बुखार के रोगियों की संख्या में 35 प्रतिशत की कमी मात्र एक वर्ष में आयी। वहीं इस रोग के कारण होने वाली मौतों की संख्या में 65 प्रतिशत तक की कमी आयी है। साथ ही अन्य संचारी रोगों के प्रकोप में भी गिरावट दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘संचारी रोग नियंत्रण अभियान’ प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक से 31 जुलाई तक संचालित किया जाएगा। इस अभियान में स्वास्य विभाग नोडल विभाग की भूमिका निभाते हुए 12 अन्य विभागों के साथ मिलकर बेहतर समन्वय स्थापित किया। उन्होंने कहा कि ‘‘दस्तक अभियान’ दिमागी बुखार से अधिक प्रभावित 18 जिलो में 15 जुलाई तक संचालित किया जाएगा। यह अभियान गोरखपुर मण्डल के गोरखपुर, देवरिया, महाराजगंज जिले के अलावा बस्ती मण्डल के बस्ती, सिद्धार्थनगर तथा संतकबीरनगर तथा देवीपाटन मण्डल के गोण्डा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती जिलों के साथ-साथ लखनऊ मण्डल के लखनऊ, रायबरेली, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव एवं लखीमपुर खीरी तथा अयोध्या मण्डल के बाराबंकी जिलों में संचालित किया जाएगा। श्री योगी ने कहा कि दिमागी रोग उपचार केन्द्रों की गतिविधियों की प्रतिदिन निगरानी के लिए 104 केन्द्रों पर टैबलेट कम्प्यूटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन टैबलेट कम्प्यूटरों में एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित कर लोड किया गया है, जिसके माध्यम से उपचार केन्द्र पर प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या, दवा की उपलब्धता, उपकरणों की क्रियाशीलता तथा मरीज की अद्यतन स्थिति की नवीनतम जानकारी प्राप्त होगी। यह टैबलेट कम्प्यूटर्स आज चिकित्सकों को वितरित किए गए हैं। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए चिकित्सा स्वास्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों से ही प्रदेश स्वास्य सेवाओं को बेहतर बनाया जा सका है। इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्य राज्य मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह, परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती स्वाती सिंह, मुख्य सचिव डॉ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्य प्रशान्त त्रिवेदी, यूनीसेफ की प्रदेश प्रमुख सुश्री रूथ एल लियानो सहित चिकित्सा विभाग अधिकारी के मौजूद थे।
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    संचारी रोगों की रोकथाम के लिए सफाई जरूरी : सीएम
    राष्ट्रीय सहारा 02/07/2019
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संचारी रोगों में उपचार से अधिक बचाव का महत्व है और जल जनित एवं विषाणु जनित रोगों पर नियंतण्रके लिए साफ-सफाई के साथ-साथ स्वच्छता को अपनाया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पूर्व में इंसेफ्लाइटिस से मरने वाले बच्चे गरीबों के थे, इसलिए पिछली सरकारों ने ध्यान नहीं दिया। श्री योगी सोमवार को यहां लोकभवन में ‘‘संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान’ के दूसरे चरण के शुभारम्भ अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जल जनित और विषाणु जनित रोगों पर नियंत्रण के लिए आवश्यक है कि साफ-सफाई की जाए तथा स्वच्छता को अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन का जो अभियान चलाया, वह वेक्टर जनित रोगों के खिलाफ भी एक अभियान है। इसके पूर्व मुख्यमंत्री ने जन जागरूकता अभियान के प्रचार वाहनों को भी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने दस्तक चैम्पियन्स को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश के ग्रामीण और शहरी इलाकों में अभियान चलाकर बड़ी संख्या में शौचालय बनवाए गए। उन्होंने कहा कि मच्छरों से बचाव के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत को फॉ¨गग के लिए 10 हजार रपए स्वास्य विभाग द्वारा दिए जा रहे हैं। श्री योगी ने कहा कि पिछले साल संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियानों के अत्यन्त उत्साहजनक परिणाम सामने आए और हमें दिमागी बुखार की रोकथाम में अभूतपूर्व सफलता मिली। दिमागी बुखार के रोगियों की संख्या में 35 प्रतिशत की कमी मात्र एक वर्ष में आयी। वहीं इस रोग के कारण होने वाली मौतों की संख्या में 65 प्रतिशत तक की कमी आयी है। साथ ही अन्य संचारी रोगों के प्रकोप में भी गिरावट दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘संचारी रोग नियंत्रण अभियान’ प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक से 31 जुलाई तक संचालित किया जाएगा। इस अभियान में स्वास्य विभाग नोडल विभाग की भूमिका निभाते हुए 12 अन्य विभागों के साथ मिलकर बेहतर समन्वय स्थापित किया। उन्होंने कहा कि ‘‘दस्तक अभियान’ दिमागी बुखार से अधिक प्रभावित 18 जिलो में 15 जुलाई तक संचालित किया जाएगा। यह अभियान गोरखपुर मण्डल के गोरखपुर, देवरिया, महाराजगंज जिले के अलावा बस्ती मण्डल के बस्ती, सिद्धार्थनगर तथा संतकबीरनगर तथा देवीपाटन मण्डल के गोण्डा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती जिलों के साथ-साथ लखनऊ मण्डल के लखनऊ, रायबरेली, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव एवं लखीमपुर खीरी तथा अयोध्या मण्डल के बाराबंकी जिलों में संचालित किया जाएगा। श्री योगी ने कहा कि दिमागी रोग उपचार केन्द्रों की गतिविधियों की प्रतिदिन निगरानी के लिए 104 केन्द्रों पर टैबलेट कम्प्यूटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन टैबलेट कम्प्यूटरों में एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित कर लोड किया गया है, जिसके माध्यम से उपचार केन्द्र पर प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या, दवा की उपलब्धता, उपकरणों की क्रियाशीलता तथा मरीज की अद्यतन स्थिति की नवीनतम जानकारी प्राप्त होगी। यह टैबलेट कम्प्यूटर्स आज चिकित्सकों को वितरित किए गए हैं। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए चिकित्सा स्वास्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों से ही प्रदेश स्वास्य सेवाओं को बेहतर बनाया जा सका है। इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्य राज्य मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह, परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती स्वाती सिंह, मुख्य सचिव डॉ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्य प्रशान्त त्रिवेदी, यूनीसेफ की प्रदेश प्रमुख सुश्री रूथ एल लियानो सहित चिकित्सा विभाग अधिकारी के मौजूद थे।


  • हिन्दुस्तान : 01/07/2019 मुरादाबाद | मुख्य संवाददाता :- जेलों से अपराध संचालन की खबरों पर सीएम योगी आदित्यनाथ काफी नाराज दिखे। उन्होंने अफसरों से सख्त लहजे में कहा कि जेलों का आपराधिक गतिविधियों का अड्डा न बनने दें। मुख्यमंत्री रविवार को सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक कर रहे थे। बीते दिनों जेल के अंदर से वायरल वीडियो का जिक्र किए बगैर उन्होंने जेल में हो रही गड़बड़ियों की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि जेल में बंद अपराधियों की गतिविधियों पर निगाह रखें। जिन लोगों ने अवैध गतिविधियों से धन संपदा जुटाई उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी।.
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    योगी ने चेताया,अपराध का अड्डा न बनने पाएं जेल
    हिन्दुस्तान 01/07/2019
    मुरादाबाद | मुख्य संवाददाता :- जेलों से अपराध संचालन की खबरों पर सीएम योगी आदित्यनाथ काफी नाराज दिखे। उन्होंने अफसरों से सख्त लहजे में कहा कि जेलों का आपराधिक गतिविधियों का अड्डा न बनने दें। मुख्यमंत्री रविवार को सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक कर रहे थे। बीते दिनों जेल के अंदर से वायरल वीडियो का जिक्र किए बगैर उन्होंने जेल में हो रही गड़बड़ियों की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि जेल में बंद अपराधियों की गतिविधियों पर निगाह रखें। जिन लोगों ने अवैध गतिविधियों से धन संपदा जुटाई उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी।.

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  • बूचड़ खाना बंद करने पर धन्यावाद

    राजेश patodi हम यह चाहते हे की यह नियम पुरे भारत देश शक्ति से लागु किया जाये हम आशा करते हे की आप की यह मेहनत जरूर रंग लाएगी जय हिन्द जय भारत ,राजेश पटौदी म.प. इंदौर
  • शिक्षा

    अभिशेष एक अपील मोदी जी और योगी जी से की प्राइवेट स्कूल की फीस पर कोई लगाम नहीं है और उनके स्कूल मे पढ़ाया जाने वाला कोर्स बाजार भाव से पांच गुना दामों मे बेचा जा रहा है । आपसे निवेदन है कि इन दोनों बातो पर अपना ध्यान दे ।
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