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  • राष्ट्रीय सहारा : 20/09/2017 सहारा न्यूज ब्यूरोलखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के छह माह के रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए दावा किया कि उनकी सरकार ने बीते 15 वर्ष से प्रदेश में चल रही परिवारवाद व जातिवाद की राजनीति को खत्म कर युवा व किसान केंद्रित राजनीति की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि इस छह महीने में जहां प्रदेश में उद्योगों में निवेश का फ्रेंडली माहौल बना है वहीं जंगलराज के खात्मे के साथ ही कानून का राज स्थापित हुआ है। बीते छह माह में प्रदेश में एक भी दंगा न होना भी एक रिकार्ड है।मुख्यमंत्री अपनी सरकार के छह महीने पूरे होने पर पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनके शपथ लेने के पहले प्रदेश में प्रति सप्ताह औसतन दो दंगे होते थे। हालात यह थे कि 2012-2017 के बीच जहां 2 बड़े दंगे हुए, वहीं हर सप्ताह दो दंगों का रिकार्ड रहा। कई बार तो दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में सम्मानित तक किया गया है लेकिन उनकी सरकार ने छह माह के भीतर जहां कानून व्यवस्था नियमित की वहीं आम जनता में सुरक्षा की भावना जगाई है। श्री योगी ने अखिलेश यादव या मायावती का नाम लिए बिना कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने राज्य की पूरी व्यवस्था ही तहस-नहस कर दी थी। पूरा प्रदेश परिवारवाद और जातिवाद के शिकंजे में बुरी तरह से जकड़ा था। उनके शपथ लेने के बाद आमजन के मन से भय जहां समाप्त हुआ है, वहीं विास के साथ ही निवेश के लिए अनुकूल वातावरण भी बना। यही नहीं इस बीच प्रदेश में कुल 431 मुठभेड़ हुई। इनमें 17 दुर्दांत अपराधियों को मार गिराया गया जबकि 1106 को गिरफ्तार किया गया। इसी क्रम में 868 इनामी बदमाशों को जेल भेजा गया। इन मुठभेड़ों में 88 पुलिस के जवान भी घायल हुए और चित्रकूट में एक पुलिस उप निरीक्षक जेपी सिंह शहीद भी हुए। मुख्यमंत्री श्री योगी ने कहा कि बीते 15 वर्षो में प्रदेश कर्ज के बोझ तले दब गया था। किसान, मजदूर, नौजवानों और समाज के अन्य तबकों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया। निवेश का माहौल पूरी तरह से समाप्त हो गया था। उनके लिए प्रदेश को जंगलराज से मुक्त कराना बड़ी चुनौती थी। जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति ने सामाजिक ताने-बाने को छिन्न भिन्न कर दिया था। श्री योगी ने कहा कि भ्रष्टाचार पर नकेल डालने और कानून व्यवस्था को बेहतर करने के लिए उनकी सरकार ने एक साथ कई कदम उठाये। राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पेट्रोल पंपों पर इलेक्ट्रानिक चिप लगाकर घटतौली करने का भंडाफोड़ किया। एंटी रोमियो स्कवायड के जरिये मनचलों और आपराधिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गयी, जिसके चलते छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिला। यही नहीं लोक सेवकों में व्याप्त भ्रष्टाचार को दूर करने तथा उनके खिलाफ शिकायतों पर कार्रवाई की गयी। पहली बार 36 लाख किसानों की कर्जमाफी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर किसानों की कर्जमाफी हुई है। पहली किस्त में 11 लाख किसानों के खाते में कर्जमाफी की धनराशि पहुंच गयी है। उन्होंने यह स्वीकार किया कि 4 हजार किसानों के काफी कम कर्ज माफ हुए हैं। उन्होंने कहा कि इससे बड़ी बात है कि 10.96 लाख किसानों के एक लाख के कर्जमाफ होने से उनकी आय में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने अपने पूरा कर्ज चुकता कर दिया है, उन किसानों को सम्मानित किया जाएगा। 69 बदमाशों की सम्पत्ति जब्त : मुख्यमंत्री ने कहा कि गैंगस्टर एक्ट के तहत 69 बदमाशों की अवैध संपत्ति सीज की गयी। छह भूमाफिया की करीब 35 करोड़ की संपत्ति सीज कर दी गयी है। यूपी पुलिस की कार्यपण्राली के कारण राज्य की कानून व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ। उन्होंने कहा कि नवरात्र, दशहरा और दीपावली त्योहार के मद्देनजर राज्य में पर्याप्त सुरक्षा बंदोबस्त किये गये हैं।
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    यूपी में आया ऐतिहासिक बदलाव :योगी
    राष्ट्रीय सहारा 20/09/2017
    सहारा न्यूज ब्यूरोलखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के छह माह के रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए दावा किया कि उनकी सरकार ने बीते 15 वर्ष से प्रदेश में चल रही परिवारवाद व जातिवाद की राजनीति को खत्म कर युवा व किसान केंद्रित राजनीति की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि इस छह महीने में जहां प्रदेश में उद्योगों में निवेश का फ्रेंडली माहौल बना है वहीं जंगलराज के खात्मे के साथ ही कानून का राज स्थापित हुआ है। बीते छह माह में प्रदेश में एक भी दंगा न होना भी एक रिकार्ड है।मुख्यमंत्री अपनी सरकार के छह महीने पूरे होने पर पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनके शपथ लेने के पहले प्रदेश में प्रति सप्ताह औसतन दो दंगे होते थे। हालात यह थे कि 2012-2017 के बीच जहां 2 बड़े दंगे हुए, वहीं हर सप्ताह दो दंगों का रिकार्ड रहा। कई बार तो दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में सम्मानित तक किया गया है लेकिन उनकी सरकार ने छह माह के भीतर जहां कानून व्यवस्था नियमित की वहीं आम जनता में सुरक्षा की भावना जगाई है। श्री योगी ने अखिलेश यादव या मायावती का नाम लिए बिना कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने राज्य की पूरी व्यवस्था ही तहस-नहस कर दी थी। पूरा प्रदेश परिवारवाद और जातिवाद के शिकंजे में बुरी तरह से जकड़ा था। उनके शपथ लेने के बाद आमजन के मन से भय जहां समाप्त हुआ है, वहीं विास के साथ ही निवेश के लिए अनुकूल वातावरण भी बना। यही नहीं इस बीच प्रदेश में कुल 431 मुठभेड़ हुई। इनमें 17 दुर्दांत अपराधियों को मार गिराया गया जबकि 1106 को गिरफ्तार किया गया। इसी क्रम में 868 इनामी बदमाशों को जेल भेजा गया। इन मुठभेड़ों में 88 पुलिस के जवान भी घायल हुए और चित्रकूट में एक पुलिस उप निरीक्षक जेपी सिंह शहीद भी हुए। मुख्यमंत्री श्री योगी ने कहा कि बीते 15 वर्षो में प्रदेश कर्ज के बोझ तले दब गया था। किसान, मजदूर, नौजवानों और समाज के अन्य तबकों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया। निवेश का माहौल पूरी तरह से समाप्त हो गया था। उनके लिए प्रदेश को जंगलराज से मुक्त कराना बड़ी चुनौती थी। जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति ने सामाजिक ताने-बाने को छिन्न भिन्न कर दिया था। श्री योगी ने कहा कि भ्रष्टाचार पर नकेल डालने और कानून व्यवस्था को बेहतर करने के लिए उनकी सरकार ने एक साथ कई कदम उठाये। राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पेट्रोल पंपों पर इलेक्ट्रानिक चिप लगाकर घटतौली करने का भंडाफोड़ किया। एंटी रोमियो स्कवायड के जरिये मनचलों और आपराधिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गयी, जिसके चलते छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिला। यही नहीं लोक सेवकों में व्याप्त भ्रष्टाचार को दूर करने तथा उनके खिलाफ शिकायतों पर कार्रवाई की गयी। पहली बार 36 लाख किसानों की कर्जमाफी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर किसानों की कर्जमाफी हुई है। पहली किस्त में 11 लाख किसानों के खाते में कर्जमाफी की धनराशि पहुंच गयी है। उन्होंने यह स्वीकार किया कि 4 हजार किसानों के काफी कम कर्ज माफ हुए हैं। उन्होंने कहा कि इससे बड़ी बात है कि 10.96 लाख किसानों के एक लाख के कर्जमाफ होने से उनकी आय में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने अपने पूरा कर्ज चुकता कर दिया है, उन किसानों को सम्मानित किया जाएगा। 69 बदमाशों की सम्पत्ति जब्त : मुख्यमंत्री ने कहा कि गैंगस्टर एक्ट के तहत 69 बदमाशों की अवैध संपत्ति सीज की गयी। छह भूमाफिया की करीब 35 करोड़ की संपत्ति सीज कर दी गयी है। यूपी पुलिस की कार्यपण्राली के कारण राज्य की कानून व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ। उन्होंने कहा कि नवरात्र, दशहरा और दीपावली त्योहार के मद्देनजर राज्य में पर्याप्त सुरक्षा बंदोबस्त किये गये हैं।


  • दैनिक जागरण : 19/09/2017 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मंगलवार को छह माह का कार्यकाल पूरा कर रही योगी सरकार ने पूर्व संध्या पर अपना पहला श्वेत पत्र जारी किया। 24 पृष्ठों के दस्तावेज में बिना नाम लिए कालखंड (2003-2017) के जरिये सपा-बसपा की पूर्ववर्ती सरकारों पर मुख्यमंत्री ने जमकर निशाना साधा। इस दस्तावेज में गुजरे 15 वर्षो की हुकूमत के कारनामों का कच्चा चिट्ठा दिया गया है। योगी ने भ्रष्टाचार, जर्जर अर्थव्यवस्था, अपराधियों को प्रश्रय और खराब कानून-व्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए बर्बादी का सारा ठीकरा उनके ही मत्थे फोड़ा। उनका कहना था कि 15 वर्षो में उत्तर प्रदेश को पिछली सरकारों ने बर्बाद कर दिया। सोमवार को लोकभवन के सभागार में अपनी कैबिनेट के साथ मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्वेतपत्र जारी करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों को घेरने में कसर नहीं छोड़ी। योगी ने कहा, ‘15 वर्षो के दौरान सत्ता पर काबिज सरकारों ने भ्रष्टाचार को नहीं विकास रोका, असामाजिक और भ्रष्ट तत्वों को बढ़ावा देकर अराजकता का माहौल बनाया। पिछली सरकारों ने सूबे को किस हाल में छोड़ा था, यह जानना जनता का हक और हमारी जवाबदेही है। श्वेतपत्र लाने का मकसद भी यही है।’ योगी ने 19 मार्च को सत्ता संभालने के बाद के अनुभवों को सिलसिलेवार गिनाया। पूर्ववर्ती सरकारों की उपेक्षा के चलते किसानों की बदहाली, चीनी मिलों द्वारा समय से गन्ना किसानों की उपज का भुगतान न होने और उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग तथा भर्ती करने वाली संस्थाओं में अराजकता का उदाहरण दिखाकर योगी ने कहा कि गुजरे डेढ़ दशक में सपा-बसपा सरकारों ने किसानों और नौजवानों के साथ छल किया। बिजली आपूर्ति में पक्षपात किया गया।
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    15 वर्षो में बर्बाद कर दिया यूपी
    दैनिक जागरण 19/09/2017
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मंगलवार को छह माह का कार्यकाल पूरा कर रही योगी सरकार ने पूर्व संध्या पर अपना पहला श्वेत पत्र जारी किया। 24 पृष्ठों के दस्तावेज में बिना नाम लिए कालखंड (2003-2017) के जरिये सपा-बसपा की पूर्ववर्ती सरकारों पर मुख्यमंत्री ने जमकर निशाना साधा। इस दस्तावेज में गुजरे 15 वर्षो की हुकूमत के कारनामों का कच्चा चिट्ठा दिया गया है। योगी ने भ्रष्टाचार, जर्जर अर्थव्यवस्था, अपराधियों को प्रश्रय और खराब कानून-व्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए बर्बादी का सारा ठीकरा उनके ही मत्थे फोड़ा। उनका कहना था कि 15 वर्षो में उत्तर प्रदेश को पिछली सरकारों ने बर्बाद कर दिया। सोमवार को लोकभवन के सभागार में अपनी कैबिनेट के साथ मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्वेतपत्र जारी करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों को घेरने में कसर नहीं छोड़ी। योगी ने कहा, ‘15 वर्षो के दौरान सत्ता पर काबिज सरकारों ने भ्रष्टाचार को नहीं विकास रोका, असामाजिक और भ्रष्ट तत्वों को बढ़ावा देकर अराजकता का माहौल बनाया। पिछली सरकारों ने सूबे को किस हाल में छोड़ा था, यह जानना जनता का हक और हमारी जवाबदेही है। श्वेतपत्र लाने का मकसद भी यही है।’ योगी ने 19 मार्च को सत्ता संभालने के बाद के अनुभवों को सिलसिलेवार गिनाया। पूर्ववर्ती सरकारों की उपेक्षा के चलते किसानों की बदहाली, चीनी मिलों द्वारा समय से गन्ना किसानों की उपज का भुगतान न होने और उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग तथा भर्ती करने वाली संस्थाओं में अराजकता का उदाहरण दिखाकर योगी ने कहा कि गुजरे डेढ़ दशक में सपा-बसपा सरकारों ने किसानों और नौजवानों के साथ छल किया। बिजली आपूर्ति में पक्षपात किया गया।


  • हिन्दुस्तान : 18/09/2017 वाराणसी। कार्यालय संवाददाता प्रदेश सरकार जल्द ही 47 हजार पुलिस कर्मियों (42 हजार सिपाही, 5 हजार दरोगा)की भर्ती करेगी। रविवार को बनारस पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसकी घोषणा की। सांस्कृतिक संकुल सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाईटेक और एक्टिव पुलिस का स्लोगन दिया। उन्होंने पुलिस के काम और परिवर्तन की बात करते हुए सुरक्षा दल को मजबूत करने की बात कही। कहा कि पुलिसिंग सुधार की ओर सरकार का पूरा फोकस है। शासन की ओर से अपराधियों पर इनाम बढ़ाने के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। पुलिस को लगातार अत्याधुनिक हथियार, तकनीक और सर्विलांस समेत विशेष प्रशिक्षण दिये जा रहे हैं। राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि प्रदेश में पुलिस बल की कमी है। कम संसाधनों में भी जवान पूरी तरह जनता की सुरक्षा में जुटे हैं।
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    पुलिस में 47 हजार भर्तियां जल्द:योगी
    हिन्दुस्तान 18/09/2017
    वाराणसी। कार्यालय संवाददाता प्रदेश सरकार जल्द ही 47 हजार पुलिस कर्मियों (42 हजार सिपाही, 5 हजार दरोगा)की भर्ती करेगी। रविवार को बनारस पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसकी घोषणा की। सांस्कृतिक संकुल सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाईटेक और एक्टिव पुलिस का स्लोगन दिया। उन्होंने पुलिस के काम और परिवर्तन की बात करते हुए सुरक्षा दल को मजबूत करने की बात कही। कहा कि पुलिसिंग सुधार की ओर सरकार का पूरा फोकस है। शासन की ओर से अपराधियों पर इनाम बढ़ाने के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। पुलिस को लगातार अत्याधुनिक हथियार, तकनीक और सर्विलांस समेत विशेष प्रशिक्षण दिये जा रहे हैं। राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि प्रदेश में पुलिस बल की कमी है। कम संसाधनों में भी जवान पूरी तरह जनता की सुरक्षा में जुटे हैं।


  • राष्ट्रीय सहारा : 17/09/2017 लखनऊ (एसएनबी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डाक्टर अपने को पैसा कमाने की मशीन न बनाएं। वह मानव सेवा करेंगे तो पैसा और शोहरत दोनो अपने आप मिल जाएगी। दीक्षांत का मतलब है कि सच्चाई और धर्म की राह पर चलने का संकल्प है। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एजजीपीजीआई) के 22वें दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कहा कि हमारे प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग तरह की परेशानी है। पूर्वाचल में जेई से 20 साल तक बच्चे मरते और विकलांग होते रहे लेकिन इसे अज्ञात बीमारी मान कर नियति मान लिया गया। पहली बार सांसद बना तो बाबा राघव दास मेडिकल कालेज गया। वहां की दशा देखी तो मन दुखी हो गया। लगातार प्रयास के बाद कुछ हद तक इलाज और बचाव संभव हुआ लेकिन अब भी बहुत काम करने की जरूरत है। उन्होंने चिकित्सकों का आह्वान किया कि बीमारी के इलाज से अधिक बचाव पर शोध करें। संजय गांधी पीजीआई इसमें अहम भूमिका निभा सकता है।उन्होंने कहा कि यह संस्थान हमारे प्रदेश के स्वास्य व्यवस्था की रीढ़ है। हमारी सरकार हर स्तर इसे पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि एलोपैथ के साथ आयुव्रेद को शामिल करने की जरूरत है। इससे सस्ता और सरल इलाज व बचाव संभव हो सकता है। मुख्यमंत्री ने इंसेफेलाइिटस के अलावा पानी में आर्सेनिक और फ्लोराइड की मात्रा अधिक के कारण होने वाली बीमारियों के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जतायी।
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    मुख्यमंत्री की डाक्टरों को नसीहत : पैसा कमाने की मशीन न बनें
    राष्ट्रीय सहारा 17/09/2017
    लखनऊ (एसएनबी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डाक्टर अपने को पैसा कमाने की मशीन न बनाएं। वह मानव सेवा करेंगे तो पैसा और शोहरत दोनो अपने आप मिल जाएगी। दीक्षांत का मतलब है कि सच्चाई और धर्म की राह पर चलने का संकल्प है। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एजजीपीजीआई) के 22वें दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कहा कि हमारे प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग तरह की परेशानी है। पूर्वाचल में जेई से 20 साल तक बच्चे मरते और विकलांग होते रहे लेकिन इसे अज्ञात बीमारी मान कर नियति मान लिया गया। पहली बार सांसद बना तो बाबा राघव दास मेडिकल कालेज गया। वहां की दशा देखी तो मन दुखी हो गया। लगातार प्रयास के बाद कुछ हद तक इलाज और बचाव संभव हुआ लेकिन अब भी बहुत काम करने की जरूरत है। उन्होंने चिकित्सकों का आह्वान किया कि बीमारी के इलाज से अधिक बचाव पर शोध करें। संजय गांधी पीजीआई इसमें अहम भूमिका निभा सकता है।उन्होंने कहा कि यह संस्थान हमारे प्रदेश के स्वास्य व्यवस्था की रीढ़ है। हमारी सरकार हर स्तर इसे पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि एलोपैथ के साथ आयुव्रेद को शामिल करने की जरूरत है। इससे सस्ता और सरल इलाज व बचाव संभव हो सकता है। मुख्यमंत्री ने इंसेफेलाइिटस के अलावा पानी में आर्सेनिक और फ्लोराइड की मात्रा अधिक के कारण होने वाली बीमारियों के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जतायी।


  • दैनिक जागरण : 16/09/2017 जागरण संवाददाता, कानपुर : अगले वर्ष प्रदेश को खुले में शौचमुक्त कर दिया जाएगा। आवास व शौचालय विहीन गरीबों, दलितों व वंचितों को भूमि पट्टे पर दी जाएगी। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ईश्वरीगंज में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में कही।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का मिशन अब स्वच्छ भारत और समर्थ भारत का हिस्सा है। प्रदेश सरकार ने छह माह के अंदर 10 लाख से अधिक शौचालयों का निर्माण कराया है। हम जन सहभागिता के माध्यम से स्वच्छ उत्तर प्रदेश, समर्थ उत्तर प्रदेश और सशक्त उत्तर प्रदेश की कल्पना को साकार कर सकते हैं। घर में देवघर न हो तो चलेगा, लेकिन शौचालय जरूर हो : राज्यपाल । राज्यपाल रामनाईक ने कहा कि प्रदेशवासी गुस्सा न हों मैं आपसे एक बात कहूंगा-आपके घर में यदि देवघर न हो तो चलेगा, लेकिन आपके घर में शौचालय होना चाहिए। अभियान की शुरुआत के लिए राष्ट्रपति स्वयं यहां आए हैं। उनका अभिनंदन देखकर याद आया जब प्रभु श्रीराम लंका पर विजय कर अयोध्या लौटे थे तो उनका जैसा स्वागत हुआ था वैसा ही उत्साह आज है। मन में एक इच्छा होनी चाहिए कि अपने परिवार की लज्जा का रक्षण करने के लिए घर में शौचालय बनवाएंगे। गंगा को भूल नहीं सकती : उमा । गंगा की मंत्री थी, गंगा को भूल नहीं सकती हूं। मंत्रलय भले ही बदल गया हो, लेकिन मेरा जीवन गंगा पर ही शुरू और गंगा पर खत्म होता है। यह बात केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने कही।
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    अगले वर्ष पूरा प्रदेश होगा खुले में शौचमुक्त: योगी
    दैनिक जागरण 16/09/2017
    जागरण संवाददाता, कानपुर : अगले वर्ष प्रदेश को खुले में शौचमुक्त कर दिया जाएगा। आवास व शौचालय विहीन गरीबों, दलितों व वंचितों को भूमि पट्टे पर दी जाएगी। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ईश्वरीगंज में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में कही।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का मिशन अब स्वच्छ भारत और समर्थ भारत का हिस्सा है। प्रदेश सरकार ने छह माह के अंदर 10 लाख से अधिक शौचालयों का निर्माण कराया है। हम जन सहभागिता के माध्यम से स्वच्छ उत्तर प्रदेश, समर्थ उत्तर प्रदेश और सशक्त उत्तर प्रदेश की कल्पना को साकार कर सकते हैं। घर में देवघर न हो तो चलेगा, लेकिन शौचालय जरूर हो : राज्यपाल । राज्यपाल रामनाईक ने कहा कि प्रदेशवासी गुस्सा न हों मैं आपसे एक बात कहूंगा-आपके घर में यदि देवघर न हो तो चलेगा, लेकिन आपके घर में शौचालय होना चाहिए। अभियान की शुरुआत के लिए राष्ट्रपति स्वयं यहां आए हैं। उनका अभिनंदन देखकर याद आया जब प्रभु श्रीराम लंका पर विजय कर अयोध्या लौटे थे तो उनका जैसा स्वागत हुआ था वैसा ही उत्साह आज है। मन में एक इच्छा होनी चाहिए कि अपने परिवार की लज्जा का रक्षण करने के लिए घर में शौचालय बनवाएंगे। गंगा को भूल नहीं सकती : उमा । गंगा की मंत्री थी, गंगा को भूल नहीं सकती हूं। मंत्रलय भले ही बदल गया हो, लेकिन मेरा जीवन गंगा पर ही शुरू और गंगा पर खत्म होता है। यह बात केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने कही।


  • राष्ट्रीय सहारा : 15/09/2017 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज भी उसी दरियादिली का परिचय दे रहे हैं जिस तरह वह सांसद रहते हुए गोरखपुर की जनता के साथ करते थे। अगर किसी की झोपड़ी जल जाती तो मौके पर पहुंच कर उसकी मदद करना इनके स्वभाव में शुमार है। अभी बाढ़ की विभीषिका में गोरखपुर समेत आसपास के जनपदों में अपनी जान की परवाह किये बिना नाव से जनता तक पहुंच कर उनकी समस्याएं सुनकर मदद की। योगी के इस कार्य पण्राली की लोगों में खूब प्रशंसा हो रही है। इसी तरह शपथ लेने से छह माह के भीतर उन्होंने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से विभिन्न जनपदों के 4100 से अधिक व्यक्तियों को 55 करोड़ रपए से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की। मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास एवं गोरखपुर दौरा के दौरान गोरखनाथ मंदिर में लोगों की समस्याएं सुनते हैं। गोरखनाथ मंदिर में तो आलम यह रहता है कि मुख्यमंत्री योगी सुबह छह बजे से ही अपने कार्यालय में बैठ जाते हैं और हजारों की संख्या में जनता क्रमबद्ध होकर मिलती है। जिसमें ज्यादातर गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, बस्ती, देवरिया, गाजीपुर, बलिया सहित अनेक जनपदों के फरियादी आते हैं। इसके अतिरिक्त, विभिन्न जनपदों में भी कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलकर अपनी समस्याएं बताते हैं। समाज के वंचित और कमजोर वगोर्ं सहित अन्य वगोर्ं के लोग इसमें शामिल होते हैं। इनके अलावा, महिलाएं और दिव्यांग भी अपनी उन समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराते हैं, जिनका आर्थिक सहायता के स्तर पर समाधान किया जाना होता है। मुख्यमंत्री इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को देते हैं। मुख्यमंत्री से मिलने वाले लोगों की कई समस्याएं आर्थिक सहायता से सम्बन्धित होती हैं। जरूरतमन्द लोगों की गम्भीर बीमारियों के इलाज के लिए भी मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री द्वारा यह वित्तीय मदद किडनी, कैंसर, हृदय, ब्रेन ट्यूमर, पथरी, गुर्दे, रीढ़ की हड्डी, कूल्हे, तिल्ली जैसे गम्भीर रोगों के उपचार के लिए स्वीकृत की गयी है। उदाहरण के लिए जनपद बलरामपुर के नन्द किशोर, महराजगंज की श्रीमती सीमा यादव, श्रीमती कुन्ती देवी, आजमगढ़ की श्रीमती संध्या, गाजीपुर के मुमताज खान, चन्दौली की श्रीमती चन्द्रतारा देवी, सुलतानपुर की श्रीमती विजय लक्ष्मी, इलाहाबाद के मो शरीफ, श्रीमती पूनम सिंह, अरविन्द कुमार कुशवाहा,प्रतापगढ़ के छोटेलाल, बलरामपुर के खलील अहमद, गोण्डा के लकी, फिरोजाबाद की श्रीमती हूर फातिमा, आशाराम, झांसी के एहसान खान, हरवंश कुशवाहा, श्रीमती कुसुमा, आगरा की श्रीमती बीना, इटावा के प्रेम सिंह, जालौन के श्री रामहेत सहित प्रदेश के कई जनपदों के सैकड़ों लोगों को आर्थिक मदद दी गयी। इसके अलावा कई अन्य मरीजों को कैंसर के इलाज के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध करायी गयी।
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    सीएम योगी का शगल है जरूरतमंदों की मदद
    राष्ट्रीय सहारा 15/09/2017
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज भी उसी दरियादिली का परिचय दे रहे हैं जिस तरह वह सांसद रहते हुए गोरखपुर की जनता के साथ करते थे। अगर किसी की झोपड़ी जल जाती तो मौके पर पहुंच कर उसकी मदद करना इनके स्वभाव में शुमार है। अभी बाढ़ की विभीषिका में गोरखपुर समेत आसपास के जनपदों में अपनी जान की परवाह किये बिना नाव से जनता तक पहुंच कर उनकी समस्याएं सुनकर मदद की। योगी के इस कार्य पण्राली की लोगों में खूब प्रशंसा हो रही है। इसी तरह शपथ लेने से छह माह के भीतर उन्होंने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से विभिन्न जनपदों के 4100 से अधिक व्यक्तियों को 55 करोड़ रपए से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की। मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास एवं गोरखपुर दौरा के दौरान गोरखनाथ मंदिर में लोगों की समस्याएं सुनते हैं। गोरखनाथ मंदिर में तो आलम यह रहता है कि मुख्यमंत्री योगी सुबह छह बजे से ही अपने कार्यालय में बैठ जाते हैं और हजारों की संख्या में जनता क्रमबद्ध होकर मिलती है। जिसमें ज्यादातर गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, बस्ती, देवरिया, गाजीपुर, बलिया सहित अनेक जनपदों के फरियादी आते हैं। इसके अतिरिक्त, विभिन्न जनपदों में भी कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलकर अपनी समस्याएं बताते हैं। समाज के वंचित और कमजोर वगोर्ं सहित अन्य वगोर्ं के लोग इसमें शामिल होते हैं। इनके अलावा, महिलाएं और दिव्यांग भी अपनी उन समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराते हैं, जिनका आर्थिक सहायता के स्तर पर समाधान किया जाना होता है। मुख्यमंत्री इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को देते हैं। मुख्यमंत्री से मिलने वाले लोगों की कई समस्याएं आर्थिक सहायता से सम्बन्धित होती हैं। जरूरतमन्द लोगों की गम्भीर बीमारियों के इलाज के लिए भी मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री द्वारा यह वित्तीय मदद किडनी, कैंसर, हृदय, ब्रेन ट्यूमर, पथरी, गुर्दे, रीढ़ की हड्डी, कूल्हे, तिल्ली जैसे गम्भीर रोगों के उपचार के लिए स्वीकृत की गयी है। उदाहरण के लिए जनपद बलरामपुर के नन्द किशोर, महराजगंज की श्रीमती सीमा यादव, श्रीमती कुन्ती देवी, आजमगढ़ की श्रीमती संध्या, गाजीपुर के मुमताज खान, चन्दौली की श्रीमती चन्द्रतारा देवी, सुलतानपुर की श्रीमती विजय लक्ष्मी, इलाहाबाद के मो शरीफ, श्रीमती पूनम सिंह, अरविन्द कुमार कुशवाहा,प्रतापगढ़ के छोटेलाल, बलरामपुर के खलील अहमद, गोण्डा के लकी, फिरोजाबाद की श्रीमती हूर फातिमा, आशाराम, झांसी के एहसान खान, हरवंश कुशवाहा, श्रीमती कुसुमा, आगरा की श्रीमती बीना, इटावा के प्रेम सिंह, जालौन के श्री रामहेत सहित प्रदेश के कई जनपदों के सैकड़ों लोगों को आर्थिक मदद दी गयी। इसके अलावा कई अन्य मरीजों को कैंसर के इलाज के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध करायी गयी।


  • राष्ट्रीय सहारा : 13/09/2017 नोएडा व ग्रेटर नोएडा में पैसा लेकर ग्राहकों को फ्लैट आवंटित न करने वाले बिल्डरों के लम्बित प्रोजेक्टों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने मंगलवार को यहां गहन समीक्षा की। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी बिल्डरों को तीन माह में ग्राहकों को फ्लैट देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सालों से लोग अपना फ्लैट पाने के लिए परेशान हैं। इसको अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मीटिंग में यूपी सरकार के कई मंत्री और नोएडा रीजन के बिल्डरों ने हिस्सा लिया। सीएम ने बैठक के दौरान कहा कि बिल्डर तीन महीने में पचास हजार फ्लैट का निर्माण करायें और आवंटियों को दें। यह काम नोएडा, गेटरा नोएडा एक्सप्रेस अथॉरिटी के अधिकारियों से बातचीत करने पूरा कराना होगा। तीनों प्राधिकरण अपनी-अपनी एजेन्सी बनायें, एजेन्सी दो महीने में रिपोर्ट देगी और फ्लैट आवंटन में आने वाली तकनीकी व कानूनी दिक्कतों को दूर कराया जाएगा। सीएम ने साफ कहा कि जो बिल्डर समय पर काम नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। सरकार बिल्डरों का ऑडिट भी कराएगी। मालूम हो कि नोएडा व ग्रेटर नोएडा में फ्लैट के लिए बुकिंग करा चुके लोगों को बिल्डर कई सालों से फ्लैट आवंटन नहीं कर रहे हैं। इसकी शिकायत ग्राहकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की थी। इसी क्रम में मंगलवार को राजधानी में नोएडा व आसपास के बिल्डरों को बुलाकर वार्ता की गयी। एनेक्सी में सीएम के साथ तकरीबन ढाई घण्टे चली बैठक में आम्रपाली, सुपरटेक क्रेडाई के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सीएम के साथ बैठक में मंत्री सुरेश खन्ना, सतीश महाना, सुरेश राणा मौजूद थे। बैठक से निकले नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मीटिंग में कई बातों पर सहमति बनी है। ग्राहकों को फ्लैट पाने के लिए अब ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बिल्डरों ने भी बैठक को सकारात्मक बताया।
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    नोएडा के बिल्डरों पर सीएम सख्त कहा, तीन माह में ग्राहकों को दें घर
    राष्ट्रीय सहारा 13/09/2017
    नोएडा व ग्रेटर नोएडा में पैसा लेकर ग्राहकों को फ्लैट आवंटित न करने वाले बिल्डरों के लम्बित प्रोजेक्टों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने मंगलवार को यहां गहन समीक्षा की। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी बिल्डरों को तीन माह में ग्राहकों को फ्लैट देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सालों से लोग अपना फ्लैट पाने के लिए परेशान हैं। इसको अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मीटिंग में यूपी सरकार के कई मंत्री और नोएडा रीजन के बिल्डरों ने हिस्सा लिया। सीएम ने बैठक के दौरान कहा कि बिल्डर तीन महीने में पचास हजार फ्लैट का निर्माण करायें और आवंटियों को दें। यह काम नोएडा, गेटरा नोएडा एक्सप्रेस अथॉरिटी के अधिकारियों से बातचीत करने पूरा कराना होगा। तीनों प्राधिकरण अपनी-अपनी एजेन्सी बनायें, एजेन्सी दो महीने में रिपोर्ट देगी और फ्लैट आवंटन में आने वाली तकनीकी व कानूनी दिक्कतों को दूर कराया जाएगा। सीएम ने साफ कहा कि जो बिल्डर समय पर काम नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। सरकार बिल्डरों का ऑडिट भी कराएगी। मालूम हो कि नोएडा व ग्रेटर नोएडा में फ्लैट के लिए बुकिंग करा चुके लोगों को बिल्डर कई सालों से फ्लैट आवंटन नहीं कर रहे हैं। इसकी शिकायत ग्राहकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की थी। इसी क्रम में मंगलवार को राजधानी में नोएडा व आसपास के बिल्डरों को बुलाकर वार्ता की गयी। एनेक्सी में सीएम के साथ तकरीबन ढाई घण्टे चली बैठक में आम्रपाली, सुपरटेक क्रेडाई के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सीएम के साथ बैठक में मंत्री सुरेश खन्ना, सतीश महाना, सुरेश राणा मौजूद थे। बैठक से निकले नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मीटिंग में कई बातों पर सहमति बनी है। ग्राहकों को फ्लैट पाने के लिए अब ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बिल्डरों ने भी बैठक को सकारात्मक बताया।


  • दैनिक जागरण : 11/09/2017 जागरण संवाददाता, गोरखपुर : गोरखनाथ मंदिर में रविवार को आयोजित ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपीठ ने धर्म के वास्तविक अर्थ को चरितार्थ किया है। धर्म केवल कर्मकांड और प्रवचन तक ही सीमित नहीं है। सार्थकता बनाये रखने के लिए इसको व्यवहारिक रूप देना जरूरी है। यह कार्य गोरक्षपीठ शुरू से करती रही है, पीठ से जुड़े 55 से अधिक सेवा प्रकल्पों के माध्यम से। शिक्षा और स्वास्थ्य को सेवा का साधन बनाकर इस पीठ ने जन सेवा को ही भगवान की सेवा मानकर कार्य किया है। इसके लिए महंत अवेद्यनाथ के प्रयासों की विस्तार से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह हमेशा कहते थे कि कोई भी कार्य व्यवसाय नहीं सेवा के भाव से किया जाना चाहिए। उन्होंने छुआछूत को समाप्त करने को लेकर अवेद्यनाथ की प्रतिबद्धता बताते हुए कहा कि वह इस संबंध में किसी तरह का तर्क सुनने के लिए तैयार नहीं होते थे। उनका मानना था कि छुआछूत से समाज बंटता है और इससे राष्ट्र कमजोर होता है। योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि के साथ पीठ के जुड़ाव की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जन्मभूमि से पीठ का संबंध बहुत पुराना है। सन् 1949 में रामलला के प्राकट्य के समय महंत दिग्विजयनाथ ने अपनी भूमिका जगजाहिर की थी तो 1983 में श्रीरामजन्म भूमि मुक्ति अभियान का महंत अवेद्यनाथ ने नेतृत्व किया था।
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    सिर्फ कर्मकांड और प्रवचन नहीं है धर्म
    दैनिक जागरण 11/09/2017
    जागरण संवाददाता, गोरखपुर : गोरखनाथ मंदिर में रविवार को आयोजित ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपीठ ने धर्म के वास्तविक अर्थ को चरितार्थ किया है। धर्म केवल कर्मकांड और प्रवचन तक ही सीमित नहीं है। सार्थकता बनाये रखने के लिए इसको व्यवहारिक रूप देना जरूरी है। यह कार्य गोरक्षपीठ शुरू से करती रही है, पीठ से जुड़े 55 से अधिक सेवा प्रकल्पों के माध्यम से। शिक्षा और स्वास्थ्य को सेवा का साधन बनाकर इस पीठ ने जन सेवा को ही भगवान की सेवा मानकर कार्य किया है। इसके लिए महंत अवेद्यनाथ के प्रयासों की विस्तार से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह हमेशा कहते थे कि कोई भी कार्य व्यवसाय नहीं सेवा के भाव से किया जाना चाहिए। उन्होंने छुआछूत को समाप्त करने को लेकर अवेद्यनाथ की प्रतिबद्धता बताते हुए कहा कि वह इस संबंध में किसी तरह का तर्क सुनने के लिए तैयार नहीं होते थे। उनका मानना था कि छुआछूत से समाज बंटता है और इससे राष्ट्र कमजोर होता है। योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि के साथ पीठ के जुड़ाव की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जन्मभूमि से पीठ का संबंध बहुत पुराना है। सन् 1949 में रामलला के प्राकट्य के समय महंत दिग्विजयनाथ ने अपनी भूमिका जगजाहिर की थी तो 1983 में श्रीरामजन्म भूमि मुक्ति अभियान का महंत अवेद्यनाथ ने नेतृत्व किया था।


  • हिन्दुस्तान : 10/09/2017 गोरखपुर मुख्य संवाददातामुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीगोरक्षपीठ एवं गोरखपुर के वर्तमान स्वरूप के एकमात्र शिल्पी महंत दिग्विजयनाथ महाराज थे। उन्होंने हर क्षेत्र की अपूर्णता को पूर्णता प्रदान की। नाथ सम्प्रदाय के बिखरे योगी समाज को एक किया और उन्हें धर्म, आध्यात्म के साथ राष्ट्रोन्मुख किया। हिन्दुत्व के मूल्यों व आदशरे की पुन: स्थापना के लिए वे राजनीतिक दलदल में कूदे। हिन्दुत्व को राष्ट्रीयता मानने का उन्होंने जो मंत्र दिया, मान लिया गया होता तो आज पूर्वोत्तर राज्यों में अलगाववाद और जलता हुआ कश्मीर न होता। योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में साप्ताहिक पुण्यतिथि समारोह के अंतर्गत शनिवार को महंत दिग्विजयनाथ महराज की 48वीं श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दिग्विजयनाथ जानते थे कि वृहद हिन्दू समाज ही राष्ट्रीय एकता की गारंटी है। हिन्दू समाज की एकता सामाजिक समरसता के बगैर असम्भव है। उन्होंने हिन्दू समाज में सभी के लिए प्रवेश का द्वार खोल दिया था। भारत-नेपाल सम्बन्ध पर नेहरू सरकार को बार-बार ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ महाराज की सहायता लेनी पड़ी थी। शिक्षा और स्वास्थ्य की दृष्टि से अति पिछड़े इस पूर्वी उत्तर प्रदेश में उन्होंने शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थाओं और तकनीकी शिक्षण संस्थाओं की स्थापना कर हिन्दुत्व आधारित सामाजिक परिवर्तन में अपनी भागीदारी निभाई।खिलाफत आंदोलन से नाराज होकर राष्ट्रवादी राजनीति का शंखनाद कियायोगी आदित्यनाथ ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ ने गांधी द्वारा खिलाफत आन्दोलन के बाद कांग्रेस की तुष्टीकरण की नीति के विरुद्ध कांग्रेस से अलग राष्ट्रवादी राजनीति का शंखनाद किया। जब वाराणसी में विश्वनाथ जी के मन्दिर में दलितों का प्रवेश वर्जित था तब महंत दिग्विजयनाथ ने अपने आन्दोलन के माध्यम से मन्दिर का दरवाजा सबके लिए खुलवाया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेरे गुरुदेव राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महन्त अवेद्यनाथ ने मीनाक्षीपुरम् में दलितों को सम्मान दिलाने के लिए आन्दोलन किया। उनके साथ बैठ कर सहभोज कर हिन्दू समाज को जोड़ने का काम किया। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाएं ब्रह्मलीन महंत महाराज के सपनों को साकार करने में अपनी पूर्ण सामर्थ का उपयोग करे यही वास्तविक श्रद्धांजलि होगी।
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    दिग्विजयनाथ ने नाथ संप्रदाय को एक सूत्र मे बांधा
    हिन्दुस्तान 10/09/2017
    गोरखपुर मुख्य संवाददातामुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीगोरक्षपीठ एवं गोरखपुर के वर्तमान स्वरूप के एकमात्र शिल्पी महंत दिग्विजयनाथ महाराज थे। उन्होंने हर क्षेत्र की अपूर्णता को पूर्णता प्रदान की। नाथ सम्प्रदाय के बिखरे योगी समाज को एक किया और उन्हें धर्म, आध्यात्म के साथ राष्ट्रोन्मुख किया। हिन्दुत्व के मूल्यों व आदशरे की पुन: स्थापना के लिए वे राजनीतिक दलदल में कूदे। हिन्दुत्व को राष्ट्रीयता मानने का उन्होंने जो मंत्र दिया, मान लिया गया होता तो आज पूर्वोत्तर राज्यों में अलगाववाद और जलता हुआ कश्मीर न होता। योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में साप्ताहिक पुण्यतिथि समारोह के अंतर्गत शनिवार को महंत दिग्विजयनाथ महराज की 48वीं श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दिग्विजयनाथ जानते थे कि वृहद हिन्दू समाज ही राष्ट्रीय एकता की गारंटी है। हिन्दू समाज की एकता सामाजिक समरसता के बगैर असम्भव है। उन्होंने हिन्दू समाज में सभी के लिए प्रवेश का द्वार खोल दिया था। भारत-नेपाल सम्बन्ध पर नेहरू सरकार को बार-बार ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ महाराज की सहायता लेनी पड़ी थी। शिक्षा और स्वास्थ्य की दृष्टि से अति पिछड़े इस पूर्वी उत्तर प्रदेश में उन्होंने शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थाओं और तकनीकी शिक्षण संस्थाओं की स्थापना कर हिन्दुत्व आधारित सामाजिक परिवर्तन में अपनी भागीदारी निभाई।खिलाफत आंदोलन से नाराज होकर राष्ट्रवादी राजनीति का शंखनाद कियायोगी आदित्यनाथ ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ ने गांधी द्वारा खिलाफत आन्दोलन के बाद कांग्रेस की तुष्टीकरण की नीति के विरुद्ध कांग्रेस से अलग राष्ट्रवादी राजनीति का शंखनाद किया। जब वाराणसी में विश्वनाथ जी के मन्दिर में दलितों का प्रवेश वर्जित था तब महंत दिग्विजयनाथ ने अपने आन्दोलन के माध्यम से मन्दिर का दरवाजा सबके लिए खुलवाया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेरे गुरुदेव राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महन्त अवेद्यनाथ ने मीनाक्षीपुरम् में दलितों को सम्मान दिलाने के लिए आन्दोलन किया। उनके साथ बैठ कर सहभोज कर हिन्दू समाज को जोड़ने का काम किया। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाएं ब्रह्मलीन महंत महाराज के सपनों को साकार करने में अपनी पूर्ण सामर्थ का उपयोग करे यही वास्तविक श्रद्धांजलि होगी।


  • राष्ट्रीय सहारा : 08/09/2017 कानपुर (एसएनबी)। उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 1893 में शिकागो सम्मेलन में एक नरेन्द्र ने भारत को विश्वगुरु बनाने की जो यात्रा शुरू की थी, उसे आज दूसरा नरेन्द्र गति दे रहा है। नरेन्द्र से नरेन्द्र तक की यह यात्रा देश को न सिर्फ विकास की बुलंदियों पर पहुंचायेगी बल्कि उसे महाशक्ति बनाकर दुनिया को नेतृत्व प्रदान करने वाला बनायेगी। मोतीझील में स्वामी विवेकानन्द स्मृतिका में लगायी गयी विवेकानन्द की मूर्ति का अनावरण करने के बाद योगी ने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने का जो सपना स्वामी जी ने देखा था, उसे हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूरा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद दूसरी बार कानपुर आये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां तीन कार्यक्रमों में शिरकत की और लगभग एक हजार करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कानपुर वासियों को आास्त किया कि मेट्रो परियोजना में आने वाली सारी बाधाएं दूर कर दी गयीं हैं और तुरंत इसका कार्य शुरू किया जायेगा। उन्होंने कहा पीएम ने संकल्प से सिद्धि का जो मंत्र दिया है उससे ऐसे भारत का निर्माण होगा जो स्वच्छ होगा व भ्रष्टाचार, जातिवाद, साम्प्रदायिकता व संकीर्णताओं से मुक्त होगा। 2022 का न्यू इंडिया महाशक्ति के रूप में दुनिया को नेतृत्व देने वाला होगा। स्वामी विवेकानंद ने कहा था किसी जाति या समाज को जब पूर्वजों पर गौरव की अनुभूति के बजाय लज्जा महसूस हो तो समझ लीजिये कि उस जाति का भविष्य उज्जवल नहीं है। स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा की स्थापना, कानपुर एयरपोर्ट का नाम गणोश शंकर विद्यार्थी के नाम पर किये जाने और पनकी स्टेशन का नाम पनकी धाम किया जाना इसी का हिस्सा है। सीएम ने कहा कि 11 सितंबर से शिकागो सम्मेलन की 125 वीं जयंती शुरू हो रही है। इस मौके पर हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि हम विकास की प्रक्रिया का हिस्सा बनें और भ्रष्टाचार, जातिवाद, सम्प्रदायवाद व संकीर्णता के खिलाफ लड़ने के लिये एकजुटता से खड़े हों।
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    विश्वगुरु बनेगा भारत : योगी
    राष्ट्रीय सहारा 08/09/2017
    कानपुर (एसएनबी)। उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 1893 में शिकागो सम्मेलन में एक नरेन्द्र ने भारत को विश्वगुरु बनाने की जो यात्रा शुरू की थी, उसे आज दूसरा नरेन्द्र गति दे रहा है। नरेन्द्र से नरेन्द्र तक की यह यात्रा देश को न सिर्फ विकास की बुलंदियों पर पहुंचायेगी बल्कि उसे महाशक्ति बनाकर दुनिया को नेतृत्व प्रदान करने वाला बनायेगी। मोतीझील में स्वामी विवेकानन्द स्मृतिका में लगायी गयी विवेकानन्द की मूर्ति का अनावरण करने के बाद योगी ने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने का जो सपना स्वामी जी ने देखा था, उसे हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूरा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद दूसरी बार कानपुर आये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां तीन कार्यक्रमों में शिरकत की और लगभग एक हजार करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कानपुर वासियों को आास्त किया कि मेट्रो परियोजना में आने वाली सारी बाधाएं दूर कर दी गयीं हैं और तुरंत इसका कार्य शुरू किया जायेगा। उन्होंने कहा पीएम ने संकल्प से सिद्धि का जो मंत्र दिया है उससे ऐसे भारत का निर्माण होगा जो स्वच्छ होगा व भ्रष्टाचार, जातिवाद, साम्प्रदायिकता व संकीर्णताओं से मुक्त होगा। 2022 का न्यू इंडिया महाशक्ति के रूप में दुनिया को नेतृत्व देने वाला होगा। स्वामी विवेकानंद ने कहा था किसी जाति या समाज को जब पूर्वजों पर गौरव की अनुभूति के बजाय लज्जा महसूस हो तो समझ लीजिये कि उस जाति का भविष्य उज्जवल नहीं है। स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा की स्थापना, कानपुर एयरपोर्ट का नाम गणोश शंकर विद्यार्थी के नाम पर किये जाने और पनकी स्टेशन का नाम पनकी धाम किया जाना इसी का हिस्सा है। सीएम ने कहा कि 11 सितंबर से शिकागो सम्मेलन की 125 वीं जयंती शुरू हो रही है। इस मौके पर हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि हम विकास की प्रक्रिया का हिस्सा बनें और भ्रष्टाचार, जातिवाद, सम्प्रदायवाद व संकीर्णता के खिलाफ लड़ने के लिये एकजुटता से खड़े हों।


  • दैनिक जागरण : 07/09/2017 जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रयाग की धरती से स्वच्छता का संकल्प दिलाया, 510 करोड़ की 34 योजनाओं की सौगात दी, किसानों को कर्जमाफी प्रमाणपत्र बांटा। कानून व्यवस्था पर बोले तो तेवर तल्ख हो गए। कहा कि अब बहन-बेटी पर कुदृष्टि डालने वालों के घर बुलडोजर चलवा दिया जाएगा, अराजकता करने वालों से निपटना सरकार जानती है। 1योगी बुधवार को परेड ग्राउंड में अर्धकुंभ 2019 प्रयाग की परियोजनाओं के शिलान्यास एवं फसल ऋण योजना मोचन योजना के अंतर्गत 11 हजार 585 किसानों को कर्जमाफी प्रमाणपत्र बांटने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। कहा कि वर्ष 2019 में होने जा रहे अर्धकुंभ के जरिए पूरी दुनिया उत्तर प्रदेश की निखरी छवि देखेगी। राज्य सरकार अर्धकुंभ को दिव्य, भव्य और विश्वस्तरीय इवेंट बनाएगी। अर्धकुंभ के लिए बनाई गई ढाई हजार करोड़ रुपये की योजनाएं अर्धकुंभ के बाद ऐतिहासिक शहर के स्थायी विकास में महत्वपूर्ण योगदान करेंगी। कहा कि प्रयाग में मेट्रो की योजना जल्द ही साकार होगी। वादा किया कि लखनऊ-इलाहाबाद के बीच हवाई सेवा अर्धकुंभ से पहले पूरी हो जाएगी। चित्रकूट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का भी वादा किया। यह भी घोषणा कि प्रयागराज से होकर जाने वाला रामायण सर्किट जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा। योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 86 लाख किसानों का फसली ऋण माफ किया है। स्वच्छता का संकल्प दोहराने के दौरान भी सियासी दलों की खबर ली। डोकलाम मुद्दे पर कहा जिन लोगों ने राष्ट्रीय स्वाभिमान को तार-तार किया, वे आज सुरक्षा और स्वाभिमान की बात कर रहे हैं।
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    ’बहन-बेटी पर कुदृष्टि डाली तो घर पर चलवा देंगे बुलडोजर’
    दैनिक जागरण 07/09/2017
    जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रयाग की धरती से स्वच्छता का संकल्प दिलाया, 510 करोड़ की 34 योजनाओं की सौगात दी, किसानों को कर्जमाफी प्रमाणपत्र बांटा। कानून व्यवस्था पर बोले तो तेवर तल्ख हो गए। कहा कि अब बहन-बेटी पर कुदृष्टि डालने वालों के घर बुलडोजर चलवा दिया जाएगा, अराजकता करने वालों से निपटना सरकार जानती है। 1योगी बुधवार को परेड ग्राउंड में अर्धकुंभ 2019 प्रयाग की परियोजनाओं के शिलान्यास एवं फसल ऋण योजना मोचन योजना के अंतर्गत 11 हजार 585 किसानों को कर्जमाफी प्रमाणपत्र बांटने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। कहा कि वर्ष 2019 में होने जा रहे अर्धकुंभ के जरिए पूरी दुनिया उत्तर प्रदेश की निखरी छवि देखेगी। राज्य सरकार अर्धकुंभ को दिव्य, भव्य और विश्वस्तरीय इवेंट बनाएगी। अर्धकुंभ के लिए बनाई गई ढाई हजार करोड़ रुपये की योजनाएं अर्धकुंभ के बाद ऐतिहासिक शहर के स्थायी विकास में महत्वपूर्ण योगदान करेंगी। कहा कि प्रयाग में मेट्रो की योजना जल्द ही साकार होगी। वादा किया कि लखनऊ-इलाहाबाद के बीच हवाई सेवा अर्धकुंभ से पहले पूरी हो जाएगी। चित्रकूट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का भी वादा किया। यह भी घोषणा कि प्रयागराज से होकर जाने वाला रामायण सर्किट जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा। योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 86 लाख किसानों का फसली ऋण माफ किया है। स्वच्छता का संकल्प दोहराने के दौरान भी सियासी दलों की खबर ली। डोकलाम मुद्दे पर कहा जिन लोगों ने राष्ट्रीय स्वाभिमान को तार-तार किया, वे आज सुरक्षा और स्वाभिमान की बात कर रहे हैं।


  • दैनिक जागरण : 06/09/2017 राज्य ब्यूरो, लखनऊ: नवाबों की नगरी में मंगलवार से मेट्रो युग शुरू हो गया। लखनऊ के लिए बहुप्रतीक्षित इस योजना की पहली ट्रेन को गृहमंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और ट्रांसपोर्टनगर से चारबाग तक की यात्र भी की। उन्होंने राजधानी में सात नए हाई ओवरब्रिज समेत कई योजनाओं की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने उप्र मेट्रो कारपोरेशन के गठन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह कारपोरेशन अन्य जिलों में मेट्रो के विस्तार पर काम करेगा। 1मेट्रो के पहले चरण का उद्घाटन करते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ की स्मार्टनेस बढ़ गई है। मेट्रो से न सिर्फ पर्यावरण संकट से निजात मिलेगी, बल्कि विकास की संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। मेट्रो से यहां विश्वस्तरीय ट्रंसपोर्टेशन की शुरुआत हो गई है। तीन साल के भीतर ही रिंग रोड बन जाएगी। गृहमंत्री ने कहा कि राजधानी में जाम की समस्या दूर करने के लिए सात नए हाई ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। इसका डीपीआर दिसंबर तक तैयार हो जाएगा। चारबाग स्टेशन पर भीड़ कम करने के लिए कैंट की और दूसरी इंट्री की स्वीकृति मिल गई है। इसके लिए 81 करोड़ रुपये का बजट है। चारबाग में चार नए रेलवे ट्रैक और दो नए प्लेटफार्म भी बनाए जाएंगे। आलमनगर भी सेटेलाइट स्टेशन बनेगा। गोमतीनगर में स्टेशन के लिए 513 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। यहां छह नए प्लेटफार्म बनेंगे, जिनमें दो शुरू हो गए हैं। इसके साथ ही टर्मिनल भी बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार कानपुर, आगरा, वाराणसी, झांसी, इलाहाबाद, गोरखपुर आदि शहरों में भी मेट्रो सेवा के लिए प्रतिबद्ध है और भारत सरकार को इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है। योगी ने कहा कि समय पर योजना का पूरा न होना राष्ट्रीय क्षति है। राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि आज का दिन स्वर्णिम है। शिक्षक दिवस और अनंत चतुर्दशी के दिन मेट्रो के उद्घाटन ने इस अवसर की मिठास बढ़ा दी है। इससे पहले आवास एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी ने योजना के लिए मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के साथ ही श्रीधरन और परियोजना के एमडी कुमार केशव को बधाई दी। स्वागत भाषण करते हुए परियोजना के एमडी कुमार केशव ने कहा कि यह एक कठिन प्रोजेक्ट था जिसे मॉडर्न टेक्नालॉजी से हमने हासिल किया। यह सब मेरे गुरु श्रीधरन की शिक्षा का परिणाम है।
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    बनेगा उप्र मेट्रो कारपोरेशन: योगी
    दैनिक जागरण 06/09/2017
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ: नवाबों की नगरी में मंगलवार से मेट्रो युग शुरू हो गया। लखनऊ के लिए बहुप्रतीक्षित इस योजना की पहली ट्रेन को गृहमंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और ट्रांसपोर्टनगर से चारबाग तक की यात्र भी की। उन्होंने राजधानी में सात नए हाई ओवरब्रिज समेत कई योजनाओं की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने उप्र मेट्रो कारपोरेशन के गठन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह कारपोरेशन अन्य जिलों में मेट्रो के विस्तार पर काम करेगा। 1मेट्रो के पहले चरण का उद्घाटन करते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ की स्मार्टनेस बढ़ गई है। मेट्रो से न सिर्फ पर्यावरण संकट से निजात मिलेगी, बल्कि विकास की संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। मेट्रो से यहां विश्वस्तरीय ट्रंसपोर्टेशन की शुरुआत हो गई है। तीन साल के भीतर ही रिंग रोड बन जाएगी। गृहमंत्री ने कहा कि राजधानी में जाम की समस्या दूर करने के लिए सात नए हाई ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। इसका डीपीआर दिसंबर तक तैयार हो जाएगा। चारबाग स्टेशन पर भीड़ कम करने के लिए कैंट की और दूसरी इंट्री की स्वीकृति मिल गई है। इसके लिए 81 करोड़ रुपये का बजट है। चारबाग में चार नए रेलवे ट्रैक और दो नए प्लेटफार्म भी बनाए जाएंगे। आलमनगर भी सेटेलाइट स्टेशन बनेगा। गोमतीनगर में स्टेशन के लिए 513 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। यहां छह नए प्लेटफार्म बनेंगे, जिनमें दो शुरू हो गए हैं। इसके साथ ही टर्मिनल भी बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार कानपुर, आगरा, वाराणसी, झांसी, इलाहाबाद, गोरखपुर आदि शहरों में भी मेट्रो सेवा के लिए प्रतिबद्ध है और भारत सरकार को इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है। योगी ने कहा कि समय पर योजना का पूरा न होना राष्ट्रीय क्षति है। राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि आज का दिन स्वर्णिम है। शिक्षक दिवस और अनंत चतुर्दशी के दिन मेट्रो के उद्घाटन ने इस अवसर की मिठास बढ़ा दी है। इससे पहले आवास एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी ने योजना के लिए मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के साथ ही श्रीधरन और परियोजना के एमडी कुमार केशव को बधाई दी। स्वागत भाषण करते हुए परियोजना के एमडी कुमार केशव ने कहा कि यह एक कठिन प्रोजेक्ट था जिसे मॉडर्न टेक्नालॉजी से हमने हासिल किया। यह सब मेरे गुरु श्रीधरन की शिक्षा का परिणाम है।


  • दैनिक जागरण : 05/09/2017 जागरण संवाददाता, गोरखपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पंथ या मजहब किसी राष्ट्र का आधार नहीं हो सकता। राष्ट्र का आधार केवल और केवल संस्कृति होती है। यदि मजहब राष्ट्र का आधार होता तो 1947 में भारत विभाजन के फलस्वरूप बना पाकिस्तान 1971 आते-आते विभाजित नहीं हो जाता। आइएसआइएस के नाम पर दुनिया में जो मारकाट मची है, वह तांडव देखकर भी यह अनुमान लगाया जा सकता है कि मजहब तो राष्ट्र का आधार हरगिज नहीं है। मुख्यमंत्री योगी सोमवार को ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ के पुण्यतिथि के तहत आयोजित साप्ताहिक संगोष्ठी के शुभारंभ अवसर पर अध्यक्षीय संबोधन कर रहे थे। गोरखनाथ मंदिर परिसर के दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में ‘भारत की सनातन संस्कृति में राष्ट्र व राष्ट्रवाद’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्यमंत्री ने संस्कृति और राष्ट्र के संबंध को उद्घाटित करते हुए कहा कि भारत राष्ट्र का आधार संस्कृति है। यही वजह है कि इसकी एकता हजारों वषरे से बरकरार है। उन्होंने कहा कि हमारा देश 1947 मे नहीं बना, इससे बहुत पहले से यह राष्ट्र की अवधारणा के साथ मौजूद था। देश की सांस्कृतिक एकता को मुख्यमंत्री ने रामायण और महाभारत से जोड़ा। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने वनगमन के दौरान उत्तर को दक्षिण से जोड़ने का कार्य किया। हमारे देश में बहुत से पंथ हैं और सबकी उपासना विधि अलग-अलग है। लेकिन जब भी राष्ट्र की बात आई, सबने अपनी उपासना विधि से ऊपर उठकर राष्ट्र को धर्म माना। इसके लिए मुख्यमंत्री ने कारगिल युद्ध का उदाहरण भी दिया। राष्ट्रीय एकता की भावना के निर्माण की चर्चा में मुख्यमंत्री ने आदि शंकराचार्य को याद किया। उन्होंने कहा कि केरल से निकलकर इस सन्यासी ने देश के चारों कोनों पर पीठ की स्थापना की। द्वादश ज्योतिलिर्ंगों और 51 शक्तिपीठों की राष्ट्रीय एकता में भूमिका को चर्चा में जोड़कर उन्होंने अपने पक्ष को मजबूती दी। उन्होंने गोरक्षपीठ के आध्यात्मिक व्यापकता के बारे में भी बताया और पीठ की राष्ट्रीय एकता में भूमिका को उद्घाटित किया। उन्होंने कहा कि गोरक्ष पीठ शैव पीठ है लेकिन जब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की बात आई तो यहां के सन्त दिग्विजयनाथ और अवेद्यनाथ न केवल वैष्णव आंदोलन से जुड़े बल्कि उसका नेतृत्व भी किया। यही भारतीय राष्ट्रीय संस्कृति है। संबोधन के समापन पर मुख्यमंत्री ने भारतीय सांस्कृतिक एकता के खिलाफ रचे जा रहे षडयंत्र को कामयाब न होने देने के लिए समस्त देशवासियों से आगे आने का आह्वान किया।
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    मजहब नहीं संस्कृति होती है राष्ट्र का आधार
    दैनिक जागरण 05/09/2017
    जागरण संवाददाता, गोरखपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पंथ या मजहब किसी राष्ट्र का आधार नहीं हो सकता। राष्ट्र का आधार केवल और केवल संस्कृति होती है। यदि मजहब राष्ट्र का आधार होता तो 1947 में भारत विभाजन के फलस्वरूप बना पाकिस्तान 1971 आते-आते विभाजित नहीं हो जाता। आइएसआइएस के नाम पर दुनिया में जो मारकाट मची है, वह तांडव देखकर भी यह अनुमान लगाया जा सकता है कि मजहब तो राष्ट्र का आधार हरगिज नहीं है। मुख्यमंत्री योगी सोमवार को ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ के पुण्यतिथि के तहत आयोजित साप्ताहिक संगोष्ठी के शुभारंभ अवसर पर अध्यक्षीय संबोधन कर रहे थे। गोरखनाथ मंदिर परिसर के दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में ‘भारत की सनातन संस्कृति में राष्ट्र व राष्ट्रवाद’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्यमंत्री ने संस्कृति और राष्ट्र के संबंध को उद्घाटित करते हुए कहा कि भारत राष्ट्र का आधार संस्कृति है। यही वजह है कि इसकी एकता हजारों वषरे से बरकरार है। उन्होंने कहा कि हमारा देश 1947 मे नहीं बना, इससे बहुत पहले से यह राष्ट्र की अवधारणा के साथ मौजूद था। देश की सांस्कृतिक एकता को मुख्यमंत्री ने रामायण और महाभारत से जोड़ा। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने वनगमन के दौरान उत्तर को दक्षिण से जोड़ने का कार्य किया। हमारे देश में बहुत से पंथ हैं और सबकी उपासना विधि अलग-अलग है। लेकिन जब भी राष्ट्र की बात आई, सबने अपनी उपासना विधि से ऊपर उठकर राष्ट्र को धर्म माना। इसके लिए मुख्यमंत्री ने कारगिल युद्ध का उदाहरण भी दिया। राष्ट्रीय एकता की भावना के निर्माण की चर्चा में मुख्यमंत्री ने आदि शंकराचार्य को याद किया। उन्होंने कहा कि केरल से निकलकर इस सन्यासी ने देश के चारों कोनों पर पीठ की स्थापना की। द्वादश ज्योतिलिर्ंगों और 51 शक्तिपीठों की राष्ट्रीय एकता में भूमिका को चर्चा में जोड़कर उन्होंने अपने पक्ष को मजबूती दी। उन्होंने गोरक्षपीठ के आध्यात्मिक व्यापकता के बारे में भी बताया और पीठ की राष्ट्रीय एकता में भूमिका को उद्घाटित किया। उन्होंने कहा कि गोरक्ष पीठ शैव पीठ है लेकिन जब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की बात आई तो यहां के सन्त दिग्विजयनाथ और अवेद्यनाथ न केवल वैष्णव आंदोलन से जुड़े बल्कि उसका नेतृत्व भी किया। यही भारतीय राष्ट्रीय संस्कृति है। संबोधन के समापन पर मुख्यमंत्री ने भारतीय सांस्कृतिक एकता के खिलाफ रचे जा रहे षडयंत्र को कामयाब न होने देने के लिए समस्त देशवासियों से आगे आने का आह्वान किया।


  • हिन्दुस्तान : 04/09/2017 गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददातामुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखनाथ मंदिर में अफसरों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने बाढ़ में खराब हुई सड़कों को जल्द से जल्द बनवाने के निर्देश दिए। कहा कि निर्माण के लिए बजट की कमी नहीं होगी।बिजली कटौती पर नाराज : करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में सीएम विद्युत आपूर्ति को लेकर नाराज दिखे। उन्होंने अफसरों को फटकार लगाते हुए कहा कि जब 24 घंटे बिजली देने का आदेश है तो कटौती क्यों की जा रही है। उन्होंने आपूर्ति में जल्द सुधार लाने को कहा। बाढ़ राहत सामग्री वितरणकी समीक्षा : सीएम ने बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री वितरण की भी समीक्षा की और कहा कि सभी पीड़ितों के पास बिना भेदभाव के मदद पहुंचनी चाहिए। किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जनहानि, पशुहानि और फसलहानि पर किए जा रहे सर्वे की प्रगति जानी और कहा कि सर्वे को पूरा कर रिपोर्ट भेजें। सीएम ने कहा कि राहत सामग्री में आगे भी जो मदद होगी वह शासन स्तर से की जाएगी। कहा कि जहां भी बाढ़ के कारण विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई हो वहां जल्द से जल्द आपूर्ति सुनिश्चित कराएं। बीआरडी में मौतों की ली जानकारी : सीएम ने मेडिकल कॉलेज के हालात की जानकारी ली। कहा कि चिकित्सकीय सुविधाओं में कोई कमी नहीं आनी चाहिए। दवाइयां खासकर इंसेफेलाइटिस की स्टाक में रखें। उन्होंने इंसेफेलाइटिस से हो रही मौतों की जानकारी भी ली और मेडिकल कॉलेज में बाहर से आ रहे चिकित्सकों के बारे में भी पूछताछ की। कहा कि चिकित्सकों और दवाइयों की कमी नहीं होने दी जाएगी। किसके आदेश पर हुई ब्याज कटौती : मानबेला में जमीन अधिग्रहण को लेकर एक बार फिर फंसे पेंच के बाद मुख्यमंत्री अदित्यनाथ ने प्रशासनिक अफसरों से वस्तुस्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि मुआवजे में ब्याज को लेकर किसान नाराज हैं। इस पर सीएम ने पूछा कि ब्याज की बात कहां से आ गई और किसके आदेश से ब्याज में कटौती हुई। अफसरों के जवाब से सीएम संतुष्ट नहीं हुए और इस प्रकरण पर अलग से वार्ता की बात कही। बैठक में कमिश्नर अनिल कुमार, डीएम राजीव रौतेला, जीडीए वीसी वैभव श्रीवास्तव, एसएसपी एसए पंकज समेत सभी विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद थे।
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    सभी खराब सड़कें बनाओ बजट की कमी नहीं होगी
    हिन्दुस्तान 04/09/2017
    गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददातामुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखनाथ मंदिर में अफसरों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने बाढ़ में खराब हुई सड़कों को जल्द से जल्द बनवाने के निर्देश दिए। कहा कि निर्माण के लिए बजट की कमी नहीं होगी।बिजली कटौती पर नाराज : करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में सीएम विद्युत आपूर्ति को लेकर नाराज दिखे। उन्होंने अफसरों को फटकार लगाते हुए कहा कि जब 24 घंटे बिजली देने का आदेश है तो कटौती क्यों की जा रही है। उन्होंने आपूर्ति में जल्द सुधार लाने को कहा। बाढ़ राहत सामग्री वितरणकी समीक्षा : सीएम ने बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री वितरण की भी समीक्षा की और कहा कि सभी पीड़ितों के पास बिना भेदभाव के मदद पहुंचनी चाहिए। किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जनहानि, पशुहानि और फसलहानि पर किए जा रहे सर्वे की प्रगति जानी और कहा कि सर्वे को पूरा कर रिपोर्ट भेजें। सीएम ने कहा कि राहत सामग्री में आगे भी जो मदद होगी वह शासन स्तर से की जाएगी। कहा कि जहां भी बाढ़ के कारण विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई हो वहां जल्द से जल्द आपूर्ति सुनिश्चित कराएं। बीआरडी में मौतों की ली जानकारी : सीएम ने मेडिकल कॉलेज के हालात की जानकारी ली। कहा कि चिकित्सकीय सुविधाओं में कोई कमी नहीं आनी चाहिए। दवाइयां खासकर इंसेफेलाइटिस की स्टाक में रखें। उन्होंने इंसेफेलाइटिस से हो रही मौतों की जानकारी भी ली और मेडिकल कॉलेज में बाहर से आ रहे चिकित्सकों के बारे में भी पूछताछ की। कहा कि चिकित्सकों और दवाइयों की कमी नहीं होने दी जाएगी। किसके आदेश पर हुई ब्याज कटौती : मानबेला में जमीन अधिग्रहण को लेकर एक बार फिर फंसे पेंच के बाद मुख्यमंत्री अदित्यनाथ ने प्रशासनिक अफसरों से वस्तुस्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि मुआवजे में ब्याज को लेकर किसान नाराज हैं। इस पर सीएम ने पूछा कि ब्याज की बात कहां से आ गई और किसके आदेश से ब्याज में कटौती हुई। अफसरों के जवाब से सीएम संतुष्ट नहीं हुए और इस प्रकरण पर अलग से वार्ता की बात कही। बैठक में कमिश्नर अनिल कुमार, डीएम राजीव रौतेला, जीडीए वीसी वैभव श्रीवास्तव, एसएसपी एसए पंकज समेत सभी विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद थे।


  • दैनिक जागरण : 02/09/2017 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में निवेश आकर्षित करने और रोजगार के भरपूर अवसर पैदा करने के लिए अनुकूल वातावरण सृजित करने में जुटी है। उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उद्यमियों की सुरक्षा और उनके हितों की रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उद्योगों की सुरक्षा के लिए प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में एकीकृत पुलिस थाने और अग्निशमन केंद्र स्थापित किये जाएंगे। वह शुक्रवार को होटल ताज में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआइआइ) की राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को निरंकुश अफसरशाही से बचाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को प्रभावी बनाया जा रहा है। इसकी प्रभावी निगरानी के लिए सरकार ऑनलाइन पोर्टल विकसित कर रही है जिस पर सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से नजर रखी जाएगी। उम्मीद जताई कि उद्योग व्यापार को सहूलियत भरा बनाने के लिए सरकार की ओर से किये जा रहे प्रयासों से उप्र की रैंकिंग में सुधार आएगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की नई औद्योगिक नीति के खास प्रावधानों का उल्लेख करने के साथ पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे को विकसित करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए सरकर नई उड्डयन नीति को मंजूरी देने जा रही है। लखनऊ के अलावा प्रदेश के छह शहरों में मेट्रो रेल परियोजना भी शुरू करने की योजना है। अमृतसर-कोलकाता इंडस्टियल कॉरीडोर योजना को केंद्रित कर प्रदेश में दो नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग जोन तथा इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स विकसित किए जाएंगे। इससे पहले सीआइआइ की प्रेसीडेंट शोभना कामिनेनी ने कहा कि उप्र की तरक्की देश के विकास की रफ्तार को गति देगी। उन्होंने कहा कि उप्र की आर्थिक विकास दर में 50 फीसद का इजाफा होने पर देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार में वर्तमान कीमतों पर डेढ़ प्रतिशत की वृद्धि होगी। सीआइआइ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने उप्र को उत्तम प्रदेश बनाने में उद्योग जगत की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम को प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मुख्य सचिव राजीव कुमार आदि ने भी संबोधित किया।
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    ‘उद्योगों को सुरक्षा मुहैया कराना सर्वोच्च प्राथमिकता’
    दैनिक जागरण 02/09/2017
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में निवेश आकर्षित करने और रोजगार के भरपूर अवसर पैदा करने के लिए अनुकूल वातावरण सृजित करने में जुटी है। उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उद्यमियों की सुरक्षा और उनके हितों की रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उद्योगों की सुरक्षा के लिए प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में एकीकृत पुलिस थाने और अग्निशमन केंद्र स्थापित किये जाएंगे। वह शुक्रवार को होटल ताज में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआइआइ) की राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को निरंकुश अफसरशाही से बचाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को प्रभावी बनाया जा रहा है। इसकी प्रभावी निगरानी के लिए सरकार ऑनलाइन पोर्टल विकसित कर रही है जिस पर सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से नजर रखी जाएगी। उम्मीद जताई कि उद्योग व्यापार को सहूलियत भरा बनाने के लिए सरकार की ओर से किये जा रहे प्रयासों से उप्र की रैंकिंग में सुधार आएगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की नई औद्योगिक नीति के खास प्रावधानों का उल्लेख करने के साथ पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे को विकसित करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए सरकर नई उड्डयन नीति को मंजूरी देने जा रही है। लखनऊ के अलावा प्रदेश के छह शहरों में मेट्रो रेल परियोजना भी शुरू करने की योजना है। अमृतसर-कोलकाता इंडस्टियल कॉरीडोर योजना को केंद्रित कर प्रदेश में दो नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग जोन तथा इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स विकसित किए जाएंगे। इससे पहले सीआइआइ की प्रेसीडेंट शोभना कामिनेनी ने कहा कि उप्र की तरक्की देश के विकास की रफ्तार को गति देगी। उन्होंने कहा कि उप्र की आर्थिक विकास दर में 50 फीसद का इजाफा होने पर देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार में वर्तमान कीमतों पर डेढ़ प्रतिशत की वृद्धि होगी। सीआइआइ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने उप्र को उत्तम प्रदेश बनाने में उद्योग जगत की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम को प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मुख्य सचिव राजीव कुमार आदि ने भी संबोधित किया।


  • राष्ट्रीय सहारा : 01/09/2017 ‘‘उत्तर प्रदेश में पर्यटन उद्योग के बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। ईको पर्यटन की भी विशाल संभावना है। पर्यटन को रोजगार से जोड़ा जाएगा। देश में लगने वाले कुंभ के मेलों में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु एकत्र होते हैं। कुंभ में आने वाली यह भीड़ उत्तर प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं को पुष्ट करती है। मथुरा, अयोध्या, काशी, शुक्रताल, शाकुम्भरी देवी, गढ़ सभी स्थानों पर इतने धार्मिक पर्यटक आ सकते हैं। गाजियाबाद में बनने वाला कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन ऋषि परंपरा का प्रतीक और धार्मिक पर्यटन व कांवड़ यात्रा के लिए सभी सुविधाएं देने वाला होगा। जहां भी पाखंड हो उसे खत्म करना होगा।’ ये बातें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कविनगर में ‘‘नया भारत मंथन’ के तहत आयोजित ‘‘संकल्प से सिद्धि’ कार्यक्रम के दौरान मंच से कहीं। वैसे मुख्यमंत्री 12.30 बजे कविनगर कार्यक्रम स्थल मंच पर पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने इंदिरापुरम में प्रस्तावित कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन का शिलान्यास भी किया। सीएम बनने के बाद योगी पहली बार गाजियाबाद आए थे। कविनगर रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समस्याओं का समाधान करने के लिए होती है, परेशान करने के लिए नहीं।
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    रोजगार से जुड़ेगा पर्यटन
    राष्ट्रीय सहारा 01/09/2017
    ‘‘उत्तर प्रदेश में पर्यटन उद्योग के बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। ईको पर्यटन की भी विशाल संभावना है। पर्यटन को रोजगार से जोड़ा जाएगा। देश में लगने वाले कुंभ के मेलों में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु एकत्र होते हैं। कुंभ में आने वाली यह भीड़ उत्तर प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं को पुष्ट करती है। मथुरा, अयोध्या, काशी, शुक्रताल, शाकुम्भरी देवी, गढ़ सभी स्थानों पर इतने धार्मिक पर्यटक आ सकते हैं। गाजियाबाद में बनने वाला कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन ऋषि परंपरा का प्रतीक और धार्मिक पर्यटन व कांवड़ यात्रा के लिए सभी सुविधाएं देने वाला होगा। जहां भी पाखंड हो उसे खत्म करना होगा।’ ये बातें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कविनगर में ‘‘नया भारत मंथन’ के तहत आयोजित ‘‘संकल्प से सिद्धि’ कार्यक्रम के दौरान मंच से कहीं। वैसे मुख्यमंत्री 12.30 बजे कविनगर कार्यक्रम स्थल मंच पर पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने इंदिरापुरम में प्रस्तावित कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन का शिलान्यास भी किया। सीएम बनने के बाद योगी पहली बार गाजियाबाद आए थे। कविनगर रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समस्याओं का समाधान करने के लिए होती है, परेशान करने के लिए नहीं।

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    राजेश patodi हम यह चाहते हे की यह नियम पुरे भारत देश शक्ति से लागु किया जाये हम आशा करते हे की आप की यह मेहनत जरूर रंग लाएगी जय हिन्द जय भारत ,राजेश पटौदी म.प. इंदौर
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    अभिशेष एक अपील मोदी जी और योगी जी से की प्राइवेट स्कूल की फीस पर कोई लगाम नहीं है और उनके स्कूल मे पढ़ाया जाने वाला कोर्स बाजार भाव से पांच गुना दामों मे बेचा जा रहा है । आपसे निवेदन है कि इन दोनों बातो पर अपना ध्यान दे ।
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