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  • दैनिक जागरण : 29/07/2017 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : शिक्षामित्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को विपक्षी दलों ने विधान परिषद में हंगामा कर डेढ़ घंटे तक सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी जिससे कि प्रश्नकाल नहीं हो सका। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की शिक्षामित्रों से पूरी सहानुभूति है। शिक्षामित्र वोट की राजनीति करने वालों के बहकावे में न आएं। सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले की समीक्षा कर रही है। शिक्षामित्रों की समस्या का निवारण करने के लिए तर्कसंगत, विधिसम्मत रास्ता तलाशा जा रहा है। उन्होंने शिक्षामित्रों से हिंसा, आगजनी और प्रदर्शन न कर विद्यालयों में पढ़ाने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों का समायोजन रद होने का ठीकरा सपा सरकार पर फोड़ते हुए कहा कि समायोजन की प्रक्रिया में ही गड़बड़ी थी। इसी वजह से पहले हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने समायोजन को रद कर दिया। मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों से अपील कि वे विपक्षी दलों के बहकावे में न आएं और संघर्ष का रास्ता छोड़कर संवाद का माध्यम अपनाएं।
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    राजनीति करने वालों के बहकावे में न आएं शिक्षामित्र : योगी
    दैनिक जागरण 29/07/2017
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : शिक्षामित्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को विपक्षी दलों ने विधान परिषद में हंगामा कर डेढ़ घंटे तक सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी जिससे कि प्रश्नकाल नहीं हो सका। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की शिक्षामित्रों से पूरी सहानुभूति है। शिक्षामित्र वोट की राजनीति करने वालों के बहकावे में न आएं। सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले की समीक्षा कर रही है। शिक्षामित्रों की समस्या का निवारण करने के लिए तर्कसंगत, विधिसम्मत रास्ता तलाशा जा रहा है। उन्होंने शिक्षामित्रों से हिंसा, आगजनी और प्रदर्शन न कर विद्यालयों में पढ़ाने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों का समायोजन रद होने का ठीकरा सपा सरकार पर फोड़ते हुए कहा कि समायोजन की प्रक्रिया में ही गड़बड़ी थी। इसी वजह से पहले हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने समायोजन को रद कर दिया। मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों से अपील कि वे विपक्षी दलों के बहकावे में न आएं और संघर्ष का रास्ता छोड़कर संवाद का माध्यम अपनाएं।


  • राष्ट्रीय सहारा : 28/07/2017 सहारा न्यूज ब्यूरो लखनऊ।भाजपा सरकार विकास के एजेण्डे पर आगे बढ़ेगी इसकी बानगी खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में बजट सत्र के समापन मौके पर हर विधायक के क्षेत्र में 100 हैण्डपम्प लगाने की घोषणा के साथ ही दे दी है। इसके साथ ही उन्होंने दो गांवों को आधुनिक बनाने के लिए चयन का अधिकार विधायकों को देने की बात कही है। इन्हीं घोषणाओं के साथ बृहस्पतिवार को सदन में 3.84 लाख करोड़ के बजट प्रस्ताव को मंजूरी देने के साथ ही विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गयी।मुख्यमंत्री श्री योगी ने सदन में घोषणा की कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के विधायक के क्षेत्र में 100 हैण्डपम्प लगेंगे। गांवों को आधुनिक बनाने के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय योजना में विधायक अपने क्षेत्र के दो गांवों का चयन कर सकेंगे। इसी तरह नगर पंचायत में एक तथा नगर निगम के दो वाडरें का विकास भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत किया जायेगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सदन में सत्र के दौरान डय़ूटी करने वाले विधानसभा रक्षकों और अन्य कर्मचारियों को 8500 रुपये मानदेय देने की घोषणा की। सपा सरकार में यह मानदेय 8000 रुपये मिला था। श्रममंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने मानदेय राशि 10 हजार देने का प्रस्ताव सदन में रखा था।विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित द्वारा सदन में बजट सत्र की कार्यवाही के स्थगन की घोषणा की तब सम्पूर्ण विपक्ष मौजूद नहीं था। विपक्षी विधायक बीती 20 जुलाई से बजट सत्र का बहिष्कार कर रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2017-18 का बजट 11 जुलाई को सदन में वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने पेश किया था।अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने सभी सदस्यों को सदन की कार्यवाही शान्तिपूर्वक चलाने के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा सदन की कार्यवाही के बहिष्कार से सरकार के कायरे का विरोध नहीं देखने को मिला है। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सहयोग के लिये सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया।
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    विधायकों के क्षेत्र में लगेंगे 100-100 हैण्डपम्प : सीएम
    राष्ट्रीय सहारा 28/07/2017
    सहारा न्यूज ब्यूरो लखनऊ।भाजपा सरकार विकास के एजेण्डे पर आगे बढ़ेगी इसकी बानगी खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में बजट सत्र के समापन मौके पर हर विधायक के क्षेत्र में 100 हैण्डपम्प लगाने की घोषणा के साथ ही दे दी है। इसके साथ ही उन्होंने दो गांवों को आधुनिक बनाने के लिए चयन का अधिकार विधायकों को देने की बात कही है। इन्हीं घोषणाओं के साथ बृहस्पतिवार को सदन में 3.84 लाख करोड़ के बजट प्रस्ताव को मंजूरी देने के साथ ही विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गयी।मुख्यमंत्री श्री योगी ने सदन में घोषणा की कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के विधायक के क्षेत्र में 100 हैण्डपम्प लगेंगे। गांवों को आधुनिक बनाने के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय योजना में विधायक अपने क्षेत्र के दो गांवों का चयन कर सकेंगे। इसी तरह नगर पंचायत में एक तथा नगर निगम के दो वाडरें का विकास भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत किया जायेगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सदन में सत्र के दौरान डय़ूटी करने वाले विधानसभा रक्षकों और अन्य कर्मचारियों को 8500 रुपये मानदेय देने की घोषणा की। सपा सरकार में यह मानदेय 8000 रुपये मिला था। श्रममंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने मानदेय राशि 10 हजार देने का प्रस्ताव सदन में रखा था।विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित द्वारा सदन में बजट सत्र की कार्यवाही के स्थगन की घोषणा की तब सम्पूर्ण विपक्ष मौजूद नहीं था। विपक्षी विधायक बीती 20 जुलाई से बजट सत्र का बहिष्कार कर रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2017-18 का बजट 11 जुलाई को सदन में वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने पेश किया था।अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने सभी सदस्यों को सदन की कार्यवाही शान्तिपूर्वक चलाने के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा सदन की कार्यवाही के बहिष्कार से सरकार के कायरे का विरोध नहीं देखने को मिला है। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सहयोग के लिये सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया।


  • दैनिक जागरण : 27/07/2017 राज्य ब्यूरो, लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार बिल्डर्स को निवेश के लिए माहौल और सुरक्षा देगी, पर उनको ग्राहकों से किए गए हर करार को समय से पूरा करना होगा। ऐसा न करने वाले दंडित भी होंगे। दंड में पेनाल्टी और तीन साल के कारावास का प्रावधान है। कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर बुधवार को यूपी रेरा (रियल एस्टेट रेग्यूलेटरी अथॉरिटी) की वेबसाइट का लोकार्पण करते हुए योगी ने कहा कि रेरा का मकसद बिल्डर्स और उपभोक्ता दोनों के हितों का संरक्षण है। केंद्र इस कानून को पहले ही लागू कर चुका है। जरूरत के अनुसार कुछ बदलावों के साथ कई राज्य भी इसे लागू कर चुके हैं। सबसे बड़ा राज्य होने के नाते यहां सर्वाधिक उपभोक्ता हैं लिहाजा बिल्डर्स के लिए सर्वाधिक संभावना भी है। नए कानून से खत्म होगा विश्वास का संकट : हाल के दिनों में प्रदेश में बिल्डर्स और उनके ग्राहकों के बीच विवाद बढ़ा है। पूरा पैसा देने के बावजूद भी कई ग्राहकों को मकान नहीं मिला। इससे पारदर्शिता और साख का संकट पैदा हो गया। साख का यह संकट खत्म हो, कारोबार में पारदर्शिता आए और दोनों पक्षों का हित हो रेरा का मकसद भी यही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशा 2022 तक सबको घर मुहैया कराने का है। बिल्डर्स इसे मौका मानें। पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ गरीबों को आवास दिलाने में सरकार की मदद करें। इससे गरीब भी सम्मान के साथ जी सकेगा। ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) का लक्ष्य अपने आप पूरा हो जाएगा। साफ-सुथरी जगह पर रहने के नाते उसे रोग भी कम होंगे।कार्पेट एरिया के हिसाब से बेचे जाएंगे भवन: प्रमुख सचिव आवास मुकुल सिंघल ने कहा कि यह देश की सबसे अच्छी वेबसाइट है। बिल्डर्स और ग्राहक के बीच होने वाला हर करार पूरी तरह स्पष्ट होगा। 500 वर्गमीटर या आठ से अधिक फ्लैट बनाने वाले हर बिल्डर्स को रेरा के तहत पंजीकरण कराना होगा। बिना पंजीकरण के वह अपनी साइट का विज्ञापन तक नहीं दे सकेंगे। पंजीकरण ऑनलाइन होगा और वह भी तुरंत। पंजीकरण कराने वाले बिल्डर्स को मिले सर्टिफिकेट का सत्यापन उपभोक्ता वेबसाइट पर जाकर कर सकते हैं। रेरा के तहत भवन अब कार्पेट एरिया के आधार पर बेचे जाएंगे करार के अनुसार बिल्डर्स को हर काम तय समय पर कराना होगा। ग्राहक काम की प्रगति को साइट पर देख सकता है। वह आनलाइन शिकायत भी दर्ज कर सकता है। दर्ज शिकायत पर की गई हर कार्रवाई से उसे अवगत भी कराया जाएगा। कार्यक्रम में सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और आवास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजू द थे।
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    करार पूरा न करने वाले बिल्डर्स दंडित होंगे: योगी
    दैनिक जागरण 27/07/2017
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार बिल्डर्स को निवेश के लिए माहौल और सुरक्षा देगी, पर उनको ग्राहकों से किए गए हर करार को समय से पूरा करना होगा। ऐसा न करने वाले दंडित भी होंगे। दंड में पेनाल्टी और तीन साल के कारावास का प्रावधान है। कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर बुधवार को यूपी रेरा (रियल एस्टेट रेग्यूलेटरी अथॉरिटी) की वेबसाइट का लोकार्पण करते हुए योगी ने कहा कि रेरा का मकसद बिल्डर्स और उपभोक्ता दोनों के हितों का संरक्षण है। केंद्र इस कानून को पहले ही लागू कर चुका है। जरूरत के अनुसार कुछ बदलावों के साथ कई राज्य भी इसे लागू कर चुके हैं। सबसे बड़ा राज्य होने के नाते यहां सर्वाधिक उपभोक्ता हैं लिहाजा बिल्डर्स के लिए सर्वाधिक संभावना भी है। नए कानून से खत्म होगा विश्वास का संकट : हाल के दिनों में प्रदेश में बिल्डर्स और उनके ग्राहकों के बीच विवाद बढ़ा है। पूरा पैसा देने के बावजूद भी कई ग्राहकों को मकान नहीं मिला। इससे पारदर्शिता और साख का संकट पैदा हो गया। साख का यह संकट खत्म हो, कारोबार में पारदर्शिता आए और दोनों पक्षों का हित हो रेरा का मकसद भी यही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशा 2022 तक सबको घर मुहैया कराने का है। बिल्डर्स इसे मौका मानें। पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ गरीबों को आवास दिलाने में सरकार की मदद करें। इससे गरीब भी सम्मान के साथ जी सकेगा। ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) का लक्ष्य अपने आप पूरा हो जाएगा। साफ-सुथरी जगह पर रहने के नाते उसे रोग भी कम होंगे।कार्पेट एरिया के हिसाब से बेचे जाएंगे भवन: प्रमुख सचिव आवास मुकुल सिंघल ने कहा कि यह देश की सबसे अच्छी वेबसाइट है। बिल्डर्स और ग्राहक के बीच होने वाला हर करार पूरी तरह स्पष्ट होगा। 500 वर्गमीटर या आठ से अधिक फ्लैट बनाने वाले हर बिल्डर्स को रेरा के तहत पंजीकरण कराना होगा। बिना पंजीकरण के वह अपनी साइट का विज्ञापन तक नहीं दे सकेंगे। पंजीकरण ऑनलाइन होगा और वह भी तुरंत। पंजीकरण कराने वाले बिल्डर्स को मिले सर्टिफिकेट का सत्यापन उपभोक्ता वेबसाइट पर जाकर कर सकते हैं। रेरा के तहत भवन अब कार्पेट एरिया के आधार पर बेचे जाएंगे करार के अनुसार बिल्डर्स को हर काम तय समय पर कराना होगा। ग्राहक काम की प्रगति को साइट पर देख सकता है। वह आनलाइन शिकायत भी दर्ज कर सकता है। दर्ज शिकायत पर की गई हर कार्रवाई से उसे अवगत भी कराया जाएगा। कार्यक्रम में सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और आवास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजू द थे।


  • राष्ट्रीय सहारा : 26/07/2017 सहारा न्यूज ब्यूरो लखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली के दो दिनों के दौरे से लौटने के बाद यहां लोक भवन में अपने मंत्रिमण्डल के सहयोगियों के साथ बैठक की, इसमें कैबिनेट मंत्रियों के साथ राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार व राज्यमंत्री भी शामिल थे। बैठक में सीएम ने दो टूक कहा कि मंत्रियों को अपने दौरे क्षेत्रों पर केन्द्रित करने होंगे,उन्होंने बाढ़ प्रभावित जिलों में भी मंत्रियों को दौरा करने व राहत आपदा कायरे की निगरानी करने का कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी मंत्री अपने विभाग में दागी अफसरों की नियुक्ति से परहेज करे। सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस अपना रही है, ऐसे में कोई भी मंत्री अपने स्टाफ में साफ-सुथरी छवि के लोगों को ही रखे। सीएम श्री योगी ने कहा कि चार महीने के कार्यकाल में राज्य सरकार के कई फैसले लिये हैं, इन फैसलों को जमीनी स्तर पर लागू कराने के लिए उन लोगों को केन्द्रित होकर काम करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पं. दीन दयाल उपाध्यय जन्म शताब्दी वर्ष को गरीब कल्याण वर्ष में मनाने तथा कई आयोजनों का निर्णय लिया है, ऐसे में सभी मंत्रियों को अपने-अपने महकमों में पं.ा दीन दयाल को समर्पित योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए काम करना होगा। उन्होंने सरकार संगठन में तालमेल पर जोर दिया। मुख्यमंत्री के साथ मीटिंग कर लौटे एक राज्य मंत्री ने कहा कि संगठन को लेकर र्चचा की गयी है, मुख्यमंत्री ने जो निर्देश दिये हैं। इसे लागू कराया जाएगा। साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के 29 जुलाई से तीन दिनों के लखनऊ प्रवास को लेकर भी श्री योगी ने अपने सहयोगियों से र्चचा की।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिन तक दिल्ली में थे। वह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने गये थे। श्री योगी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से भी मुलाकात की थी। दिल्ली से लौटने के बाद श्री योगी ने अपने मंत्रिमण्डल के सहयोगियों के साथ लोकभवन में तकरीबन 35 मिनट तक बैठक की। समझा जाता है कि मुख्यमंत्री ने सभी को अपनी जिम्मेदारियों का अहसास कराया है। बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अलावा मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सुरेश कुमार खन्ना, रीता बहुगुणा जोशी, स्वामी प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक, आशुतोष टण्डन, स्वतंत्र देव सिंह, डा. महेन्द्र सिंह, सुरेश राणा, अनुपमा जायसवाल, सुरेश पासी, मोहसिन रजा के साथ अन्य राज्यमंत्री शामिल थे।
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    सीएम का मंत्रियों को दो टूक फरमान कहा- अपने क्षेत्रों का भी करें दौरा
    राष्ट्रीय सहारा 26/07/2017
    सहारा न्यूज ब्यूरो लखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली के दो दिनों के दौरे से लौटने के बाद यहां लोक भवन में अपने मंत्रिमण्डल के सहयोगियों के साथ बैठक की, इसमें कैबिनेट मंत्रियों के साथ राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार व राज्यमंत्री भी शामिल थे। बैठक में सीएम ने दो टूक कहा कि मंत्रियों को अपने दौरे क्षेत्रों पर केन्द्रित करने होंगे,उन्होंने बाढ़ प्रभावित जिलों में भी मंत्रियों को दौरा करने व राहत आपदा कायरे की निगरानी करने का कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी मंत्री अपने विभाग में दागी अफसरों की नियुक्ति से परहेज करे। सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस अपना रही है, ऐसे में कोई भी मंत्री अपने स्टाफ में साफ-सुथरी छवि के लोगों को ही रखे। सीएम श्री योगी ने कहा कि चार महीने के कार्यकाल में राज्य सरकार के कई फैसले लिये हैं, इन फैसलों को जमीनी स्तर पर लागू कराने के लिए उन लोगों को केन्द्रित होकर काम करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पं. दीन दयाल उपाध्यय जन्म शताब्दी वर्ष को गरीब कल्याण वर्ष में मनाने तथा कई आयोजनों का निर्णय लिया है, ऐसे में सभी मंत्रियों को अपने-अपने महकमों में पं.ा दीन दयाल को समर्पित योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए काम करना होगा। उन्होंने सरकार संगठन में तालमेल पर जोर दिया। मुख्यमंत्री के साथ मीटिंग कर लौटे एक राज्य मंत्री ने कहा कि संगठन को लेकर र्चचा की गयी है, मुख्यमंत्री ने जो निर्देश दिये हैं। इसे लागू कराया जाएगा। साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के 29 जुलाई से तीन दिनों के लखनऊ प्रवास को लेकर भी श्री योगी ने अपने सहयोगियों से र्चचा की।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिन तक दिल्ली में थे। वह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने गये थे। श्री योगी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से भी मुलाकात की थी। दिल्ली से लौटने के बाद श्री योगी ने अपने मंत्रिमण्डल के सहयोगियों के साथ लोकभवन में तकरीबन 35 मिनट तक बैठक की। समझा जाता है कि मुख्यमंत्री ने सभी को अपनी जिम्मेदारियों का अहसास कराया है। बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अलावा मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सुरेश कुमार खन्ना, रीता बहुगुणा जोशी, स्वामी प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक, आशुतोष टण्डन, स्वतंत्र देव सिंह, डा. महेन्द्र सिंह, सुरेश राणा, अनुपमा जायसवाल, सुरेश पासी, मोहसिन रजा के साथ अन्य राज्यमंत्री शामिल थे।


  • हिन्दुस्तान : 25/07/2017 नई दिल्ली विशेष संवाददाता उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कर अपनी सरकार व उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हालात पर चर्चा की है। मुख्यमंत्री ने नव निर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ को¨वद से भी सौजन्य भेंट कर उन्हें बधाई दी है। शाम को योगी दिल्ली स्थिति राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ कार्यालय केशवकुंज भी गए और संघ नेताओं से मुवाकात की। नए राष्ट्रपति के मंगलवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने दिल्ली आए मुख्यमंत्री ने सोमवार का दिन मेल मुलाकातों में बिताया। आदित्यनाथ दोपहर संसद भवन भी गए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। लगभग आधा घंटे की इस मुलाकात को योगी ने सामन्य भेंट बताया। शाम को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से भी योगी की लगभग आधा घंटा मुलाकात चली। सूत्रों के अनुसार योगी ने मोदी व शाह के साथ मुलाकात में बसपा नेता मायावती के राज्यसभा से इस्तीफे के प्रदेश की राजनीति पर पड़ने वाले असर व अपने व उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के विधानसभा चुनाव लड़ने के मुद्दे पर चर्चा की है। योगी व मौर्य दोनों को पार्टी ने उप राष्ट्रपति चुनाव पांच अगस्त) तक लोकसभा से इस्तीफा न देने को कहा है। चूंकि उत्तर प्रदेश सरकार ने 19 मार्च को शपथ ली थी, इसलिए योगी व मौर्य दोनों को सिंतबर तक विधानमंडल के किसी एक सदन का सदस्य बनना जरूरी है। मायावती के राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद उनके फूलपुर से विपक्ष के साझा उम्मीदवार के रूप में उप चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है। फूलपुर से अभी केशव प्रसाद मौर्य सांसद है, जो उप मुख्यमंत्री बनने के बाद लोकसभा से इस्तीफा देंगे। ऐसे में फूलपुर का लोकसभा का उपचुनाव भी भाजपा व योगी के लिए बड़ी चुनौती होगा।
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    मोदी और शाह से मिले योगी, यूपी पर मंथन
    हिन्दुस्तान 25/07/2017
    नई दिल्ली विशेष संवाददाता उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कर अपनी सरकार व उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हालात पर चर्चा की है। मुख्यमंत्री ने नव निर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ को¨वद से भी सौजन्य भेंट कर उन्हें बधाई दी है। शाम को योगी दिल्ली स्थिति राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ कार्यालय केशवकुंज भी गए और संघ नेताओं से मुवाकात की। नए राष्ट्रपति के मंगलवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने दिल्ली आए मुख्यमंत्री ने सोमवार का दिन मेल मुलाकातों में बिताया। आदित्यनाथ दोपहर संसद भवन भी गए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। लगभग आधा घंटे की इस मुलाकात को योगी ने सामन्य भेंट बताया। शाम को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से भी योगी की लगभग आधा घंटा मुलाकात चली। सूत्रों के अनुसार योगी ने मोदी व शाह के साथ मुलाकात में बसपा नेता मायावती के राज्यसभा से इस्तीफे के प्रदेश की राजनीति पर पड़ने वाले असर व अपने व उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के विधानसभा चुनाव लड़ने के मुद्दे पर चर्चा की है। योगी व मौर्य दोनों को पार्टी ने उप राष्ट्रपति चुनाव पांच अगस्त) तक लोकसभा से इस्तीफा न देने को कहा है। चूंकि उत्तर प्रदेश सरकार ने 19 मार्च को शपथ ली थी, इसलिए योगी व मौर्य दोनों को सिंतबर तक विधानमंडल के किसी एक सदन का सदस्य बनना जरूरी है। मायावती के राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद उनके फूलपुर से विपक्ष के साझा उम्मीदवार के रूप में उप चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है। फूलपुर से अभी केशव प्रसाद मौर्य सांसद है, जो उप मुख्यमंत्री बनने के बाद लोकसभा से इस्तीफा देंगे। ऐसे में फूलपुर का लोकसभा का उपचुनाव भी भाजपा व योगी के लिए बड़ी चुनौती होगा।


  • दैनिक जागरण : 24/07/2017 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : अफसरों के रवैये से नाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मन के गुबार पहली बार फूट पड़े। योगी ने कहा ‘हमारी अधिकतर योजनाएं नौकरशाही की अकर्मण्यता से फेल होती हैं। नौकरशाही की अकर्मण्यता का शिकार न होना पड़े इसके लिए सरकार ने रियल एस्टेट के उद्यमियों के लिए रियल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट (रेरा) के तहत ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की है। 26 जुलाई तक इसका पोर्टल भी लांच कर दिया जाएगा।’ योगी रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के उप्र चैप्टर के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। योगी ने उद्यमियों को भरोसा देते हुए कहा कि ‘केंद्र ने रियल एस्टेट के लिए रेरा बनाया है और उसे उप्र में लागू कर दिया गया है। आप उसमें सहयोग कर रहे हैं और यहां उसके समर्थन में ही आए हैं।’ मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से चार माह की अपनी सरकार के अनुभवों को साझा करते हुए नसीहत दी ‘जिनके लिए आप आवास बनाना चाहते हैं, उनका विश्वास खोएंगे तो स्वाभाविक रूप से आपके कार्य पर असर पड़ेगा। बिजनेस का सबसे बड़ा आधार विश्वास है। उप्र में अपार संभावनाएं हैं और इसको विश्वास के साथ जोड़ने की जरूरत है।’ मुनाफा कुछ लोग कमाते, बोझ सरकार पर : मुख्यमंत्री ने अवैध कालोनियों पर भी प्रहार किया। आधा-अधूरा काम करने पर तल्ख अंदाज में कहा, शहरी क्षेत्र में बिना ड्रेनेज, सीवरेज और बिजली का सिस्टम विकसित किए कालोनियां बनाई जा रही हैं और फिर यह अभियान चलाया जाता है कि इसे नगर निगम और विकास प्राधिकरण ले लें। मुनाफा कुछ लोग कमा लेते हैं लेकिन, बोझ सरकार पर डाल देते हैं। इससे सरकार की बदनामी होती है। मुख्यमंत्री ने आइना दिखाते हुए सलाह दी कि इसके लिए लक्ष्मण रेखा तय करनी होगी। मुख्यमंत्री यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि लोग शहरों में सुविधाओं के लिए आते हैं लेकिन, अनियोजित विकास से उन्हें बीमारी का सामना करना पड़ता है। शहरी क्षेत्र में आवास के लिए तीन हजार करोड़ रुपये : योगी ने कहा कि सरकार चाहती है कि प्रधानमंत्री के नारे वर्ष 2022 तक सबको आवास का लक्ष्य पूरा किया जाए। प्रदेश में 48 लाख लोगों के पास मकान नहीं है। इसके लिए प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में छह लाख लोगों को धनराशि दी गई है और दस लाख आवास बनाने का लक्ष्य है। शहरी क्षेत्र में भी दो लाख आवास बनने हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 के बाद कोई ऐसा न बचे जिसके सिर पर छत न हो इसके लिए हमारी सरकार ने शहरी क्षेत्र में आवास के लिए तीन हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। उन्होंने उद्यमियों से अपेक्षा की कि जो आवास बना रहे हैं उसका दाम इतना न बढ़ा दें कि गरीब डर जाए। उन्होंने कहा कि गंगा और सहायक नदियों को प्रदूषण मुक्त करने पर काम हो रहा है। दुनिया उत्तर प्रदेश को बुद्ध, राम, कृष्ण और शिव के नाम पर जानती है। इनसे जुड़े स्थानों पर टूरिज्म विकास की हमारी योजना है।
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    योजनाएं नौकरशाही की अकर्मण्यता का शिकार
    दैनिक जागरण 24/07/2017
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : अफसरों के रवैये से नाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मन के गुबार पहली बार फूट पड़े। योगी ने कहा ‘हमारी अधिकतर योजनाएं नौकरशाही की अकर्मण्यता से फेल होती हैं। नौकरशाही की अकर्मण्यता का शिकार न होना पड़े इसके लिए सरकार ने रियल एस्टेट के उद्यमियों के लिए रियल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट (रेरा) के तहत ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की है। 26 जुलाई तक इसका पोर्टल भी लांच कर दिया जाएगा।’ योगी रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के उप्र चैप्टर के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। योगी ने उद्यमियों को भरोसा देते हुए कहा कि ‘केंद्र ने रियल एस्टेट के लिए रेरा बनाया है और उसे उप्र में लागू कर दिया गया है। आप उसमें सहयोग कर रहे हैं और यहां उसके समर्थन में ही आए हैं।’ मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से चार माह की अपनी सरकार के अनुभवों को साझा करते हुए नसीहत दी ‘जिनके लिए आप आवास बनाना चाहते हैं, उनका विश्वास खोएंगे तो स्वाभाविक रूप से आपके कार्य पर असर पड़ेगा। बिजनेस का सबसे बड़ा आधार विश्वास है। उप्र में अपार संभावनाएं हैं और इसको विश्वास के साथ जोड़ने की जरूरत है।’ मुनाफा कुछ लोग कमाते, बोझ सरकार पर : मुख्यमंत्री ने अवैध कालोनियों पर भी प्रहार किया। आधा-अधूरा काम करने पर तल्ख अंदाज में कहा, शहरी क्षेत्र में बिना ड्रेनेज, सीवरेज और बिजली का सिस्टम विकसित किए कालोनियां बनाई जा रही हैं और फिर यह अभियान चलाया जाता है कि इसे नगर निगम और विकास प्राधिकरण ले लें। मुनाफा कुछ लोग कमा लेते हैं लेकिन, बोझ सरकार पर डाल देते हैं। इससे सरकार की बदनामी होती है। मुख्यमंत्री ने आइना दिखाते हुए सलाह दी कि इसके लिए लक्ष्मण रेखा तय करनी होगी। मुख्यमंत्री यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि लोग शहरों में सुविधाओं के लिए आते हैं लेकिन, अनियोजित विकास से उन्हें बीमारी का सामना करना पड़ता है। शहरी क्षेत्र में आवास के लिए तीन हजार करोड़ रुपये : योगी ने कहा कि सरकार चाहती है कि प्रधानमंत्री के नारे वर्ष 2022 तक सबको आवास का लक्ष्य पूरा किया जाए। प्रदेश में 48 लाख लोगों के पास मकान नहीं है। इसके लिए प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में छह लाख लोगों को धनराशि दी गई है और दस लाख आवास बनाने का लक्ष्य है। शहरी क्षेत्र में भी दो लाख आवास बनने हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 के बाद कोई ऐसा न बचे जिसके सिर पर छत न हो इसके लिए हमारी सरकार ने शहरी क्षेत्र में आवास के लिए तीन हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। उन्होंने उद्यमियों से अपेक्षा की कि जो आवास बना रहे हैं उसका दाम इतना न बढ़ा दें कि गरीब डर जाए। उन्होंने कहा कि गंगा और सहायक नदियों को प्रदूषण मुक्त करने पर काम हो रहा है। दुनिया उत्तर प्रदेश को बुद्ध, राम, कृष्ण और शिव के नाम पर जानती है। इनसे जुड़े स्थानों पर टूरिज्म विकास की हमारी योजना है।


  • राष्ट्रीय सहारा : 23/07/2017 सहारा न्यूज ब्यूरो लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कौशल विकास योजना के तहत पांच वर्षो में 70 लाख नौजवानों को स्वावलम्बी बनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि चालकों के प्रशिक्षित न होने से बहुत दुर्घटनाएं हो रही हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री श्री योगी व केंद्रीय कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजीव प्रताप रूड़ी शनिवार को संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में दी। श्री योगी ने कहा कि चालू वर्ष में 10 लाख युवाओं को इस योजना के तहत प्रशिक्षित करने का कार्यक्रम है। छह लाख से अधिक युवाओं ने पंजीयन भी करा लिया है। हर मण्डलीय मुख्यालय पर पांच-पांच एकड़ जमीन पर मोटर ड्राइ¨वग स्कूल खोला जायेगा। यह सरकारी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा पण्राली का सरलीकरण किया जायेगा। हम लोग अब आनलाइन व्यवस्था के तहत 24 घण्टे के अंदर परीक्षा परिणाम की तैयारी कर रहे हैं। चिकन, कालीन, पीतल, पेठा, कांच उद्योग, इत्र, टेराकोटा जैसे परंपरागत उद्योगों को कौशल विकास के तहत सुदृढ़ किया जायेगा।इस अवसर पर राजीव प्रताप रूढ़ी ने कहा कि पांच वर्षो में उप्र में कौशल विकास का जाल बिछा दिया जायेगा। इस योजना में 23 मंत्रालय और 50 विभाग काम कर रहे हैं। प्रदेश में अगले तीन से पांच वर्षो में सभी जिलों में आईटीआई खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि एनसीवीटी (नेशनल सार्टिफिकेट ऑफ वोकेशनल ट्रेनिंग) की मान्यता शिक्षा केन्द्रों को दी जायेगी।
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    पांच साल में 70 लाख युवाओं को बनाएंगे स्वावलम्बी : योगी
    राष्ट्रीय सहारा 23/07/2017
    सहारा न्यूज ब्यूरो लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कौशल विकास योजना के तहत पांच वर्षो में 70 लाख नौजवानों को स्वावलम्बी बनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि चालकों के प्रशिक्षित न होने से बहुत दुर्घटनाएं हो रही हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री श्री योगी व केंद्रीय कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजीव प्रताप रूड़ी शनिवार को संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में दी। श्री योगी ने कहा कि चालू वर्ष में 10 लाख युवाओं को इस योजना के तहत प्रशिक्षित करने का कार्यक्रम है। छह लाख से अधिक युवाओं ने पंजीयन भी करा लिया है। हर मण्डलीय मुख्यालय पर पांच-पांच एकड़ जमीन पर मोटर ड्राइ¨वग स्कूल खोला जायेगा। यह सरकारी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा पण्राली का सरलीकरण किया जायेगा। हम लोग अब आनलाइन व्यवस्था के तहत 24 घण्टे के अंदर परीक्षा परिणाम की तैयारी कर रहे हैं। चिकन, कालीन, पीतल, पेठा, कांच उद्योग, इत्र, टेराकोटा जैसे परंपरागत उद्योगों को कौशल विकास के तहत सुदृढ़ किया जायेगा।इस अवसर पर राजीव प्रताप रूढ़ी ने कहा कि पांच वर्षो में उप्र में कौशल विकास का जाल बिछा दिया जायेगा। इस योजना में 23 मंत्रालय और 50 विभाग काम कर रहे हैं। प्रदेश में अगले तीन से पांच वर्षो में सभी जिलों में आईटीआई खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि एनसीवीटी (नेशनल सार्टिफिकेट ऑफ वोकेशनल ट्रेनिंग) की मान्यता शिक्षा केन्द्रों को दी जायेगी।


  • दैनिक जागरण : 22/07/2017 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : कानून व्यवस्था के सवाल पर विपक्ष का वार ङोल रही सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने पुलिस का रिस्पांस टाइम बेहतर करने और अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का हुक्म दिया। रेल यात्र को और सुरक्षित बनाने के लिए जीआरपी में तीन हजार सिपाही बढ़ाने का प्रयास तेज करने की हिदायत दी है। यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए विशेष अभियान चलाने, यूपी-100 की गुणवत्ता और बेहतर करने का निर्देश भी दिया। कहा कि पुलिस की कार्रवाई से अपराधियों को भयभीत होना चाहिए, ताकि वे अपराध करने से भागें। सरकारी महकमों का भ्रष्टाचार दूर करने के लिए प्रत्येक विभाग में इंटरनल (आतंरिक) विजिलेंस यूनिट गठित करने का निर्देश भी दिया। शनिवार को शास्त्री भवन में गृह विभाग की समीक्षा करते हुए योगी ने कहा कि डायल-100 को बेहतर बनाने पर जोर दिया। कहा कि इस सेवा को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाया जाए, ताकि संकट पर लोगों की प्रभावी मदद हो सके। इस सेवा में कार्यरत पुलिसकर्मियों का व्यवहार मित्रवत होना चाहिए। यातायात निदेशालय की कार्य प्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि हेलमेट, सीट बेल्ट अनिवार्य की जाए। कारों से ब्लैक फिल्म, हूटर हटवाए जाएं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाए। वाहन चलाते समय ईयर फोन का इस्तेमाल बड़ी समस्या बन गया है, इसे रोका जाए। शराब पीकर वाहन चलाने वालों से सख्ती से निपटा जाए। स्कूल, कॉलेजों में बच्चों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी जाए। लखनऊ के दुर्घटना बाहुल 57 क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा का इंतजाम किया जाए और प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता वाली समिति इस समस्या के समाधान के लिए निरंतर अभियान चलाए। कहा कि संकरी सड़कों को वन-वे किया जाए। सड़क किनारे लगने वाले ठेलों और खोमचे वालों को हटाया जाए। उन्हें अन्यत्र शिफ्ट करने का प्रयास किया जाए। जीआरपी की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते समय मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बल में तीन हजार सिपाही बढ़ाए जाएं। चूकि जीआरपी जवानों के वेतन का 50 फीसद रेलवे देता है, लिहाजा वह खुद रेल मंत्री से बात करेंगे। ट्रेन में जहरखुरानी, लूटपाट पर प्रभावी रोक लगे। सतर्कता अधिष्ठान की समीक्षा करते हुए कहा कि इस विभाग के अधिकारी अपने अनुभव का इस्तेमाल मामलों को प्रभावी ढंग से निस्तारित करने में करें ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लग सके। केंद्र में चल रहे सीवीओ सिस्टम को प्रदेश में भी लागू किए जाने के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की। इस संगठन के अंतर्गत इंटरनल विजिलेंस यूनिट की स्थापना के संबंध में भी अपनी सहमति प्रदान की। इस मौके पर प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार, डीजीपी सुलखान सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक लाजिस्टिक दलजीत चौधरी, डीजी फायर प्रवीण सिंह समेत पुलिस की विभिन्न इकाइयों के अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने पीएसी को भी आवश्यक संसाधन मुहैया कराने का निर्देश दिया। भवनों की सेफ्टी आडिट : किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में हुए अग्निकांड को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बैठक में अग्नि शमन सेवा को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों तथा अन्य ऊंची इमारतों की सेफ्टी ऑडिट कराई जाए। सभी तहसील मुख्यालयों पर फायर स्टेशन स्थापित करने पर जोर देते हुए उन्होंने आग से निपटने के लिए नए उपकरण खरीदने तथा आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हाईड्रॉलिक प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए कहा।
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    जीआरपी में 3 हजार सिपाही बढ़ेंगे
    दैनिक जागरण 22/07/2017
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : कानून व्यवस्था के सवाल पर विपक्ष का वार ङोल रही सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने पुलिस का रिस्पांस टाइम बेहतर करने और अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का हुक्म दिया। रेल यात्र को और सुरक्षित बनाने के लिए जीआरपी में तीन हजार सिपाही बढ़ाने का प्रयास तेज करने की हिदायत दी है। यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए विशेष अभियान चलाने, यूपी-100 की गुणवत्ता और बेहतर करने का निर्देश भी दिया। कहा कि पुलिस की कार्रवाई से अपराधियों को भयभीत होना चाहिए, ताकि वे अपराध करने से भागें। सरकारी महकमों का भ्रष्टाचार दूर करने के लिए प्रत्येक विभाग में इंटरनल (आतंरिक) विजिलेंस यूनिट गठित करने का निर्देश भी दिया। शनिवार को शास्त्री भवन में गृह विभाग की समीक्षा करते हुए योगी ने कहा कि डायल-100 को बेहतर बनाने पर जोर दिया। कहा कि इस सेवा को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाया जाए, ताकि संकट पर लोगों की प्रभावी मदद हो सके। इस सेवा में कार्यरत पुलिसकर्मियों का व्यवहार मित्रवत होना चाहिए। यातायात निदेशालय की कार्य प्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि हेलमेट, सीट बेल्ट अनिवार्य की जाए। कारों से ब्लैक फिल्म, हूटर हटवाए जाएं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाए। वाहन चलाते समय ईयर फोन का इस्तेमाल बड़ी समस्या बन गया है, इसे रोका जाए। शराब पीकर वाहन चलाने वालों से सख्ती से निपटा जाए। स्कूल, कॉलेजों में बच्चों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी जाए। लखनऊ के दुर्घटना बाहुल 57 क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा का इंतजाम किया जाए और प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता वाली समिति इस समस्या के समाधान के लिए निरंतर अभियान चलाए। कहा कि संकरी सड़कों को वन-वे किया जाए। सड़क किनारे लगने वाले ठेलों और खोमचे वालों को हटाया जाए। उन्हें अन्यत्र शिफ्ट करने का प्रयास किया जाए। जीआरपी की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते समय मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बल में तीन हजार सिपाही बढ़ाए जाएं। चूकि जीआरपी जवानों के वेतन का 50 फीसद रेलवे देता है, लिहाजा वह खुद रेल मंत्री से बात करेंगे। ट्रेन में जहरखुरानी, लूटपाट पर प्रभावी रोक लगे। सतर्कता अधिष्ठान की समीक्षा करते हुए कहा कि इस विभाग के अधिकारी अपने अनुभव का इस्तेमाल मामलों को प्रभावी ढंग से निस्तारित करने में करें ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लग सके। केंद्र में चल रहे सीवीओ सिस्टम को प्रदेश में भी लागू किए जाने के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की। इस संगठन के अंतर्गत इंटरनल विजिलेंस यूनिट की स्थापना के संबंध में भी अपनी सहमति प्रदान की। इस मौके पर प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार, डीजीपी सुलखान सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक लाजिस्टिक दलजीत चौधरी, डीजी फायर प्रवीण सिंह समेत पुलिस की विभिन्न इकाइयों के अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने पीएसी को भी आवश्यक संसाधन मुहैया कराने का निर्देश दिया। भवनों की सेफ्टी आडिट : किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में हुए अग्निकांड को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बैठक में अग्नि शमन सेवा को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों तथा अन्य ऊंची इमारतों की सेफ्टी ऑडिट कराई जाए। सभी तहसील मुख्यालयों पर फायर स्टेशन स्थापित करने पर जोर देते हुए उन्होंने आग से निपटने के लिए नए उपकरण खरीदने तथा आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हाईड्रॉलिक प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए कहा।


  • दैनिक जागरण : 20/07/2017 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा सरकार में हुई भर्तियों की सीबीआइ जांच कराने का एलान किया है। उन्होंने कहा है कि भर्तियों में धांधली की सारी जांचें होगी और कोई दोषी बचेगा नहीं। ‘याद रखना केवल शिक्षक भर्ती घोटाले में हरियाणा के एक नेता (ओमप्रकाश चौटाला) दस वर्षो से जेल में सड़ रहे हैं। कागज जलाने से कोई बच नहीं सकता।’ 1 विधानसभा में बुधवार को बजट चर्चा पर विपक्ष के सदस्यों का जवाब देते हुए योगी आक्रामक थे। योगी ने 2012 के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) से हुई नियुक्तियों की जांच कराने की बात कही। कहा, पिछली सरकार में यूपीपीएससी की ऐसी हालत कर दी गई कि आज इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। पौने दो घंटे के अपने भाषण में वह सपा, बसपा और कांग्रेस की सरकारों की खामियां गिनाकर प्रदेश की बदहाली के लिए निरंतर विपक्ष को जिम्मेदार ठहरा रहे थे। योगी ने कहा कि ‘पुलिस के डेढ़ लाख पद खाली हैं और दस वर्षो में कोई नियुक्ति ऐसी नहीं हुई जिस पर अंगुली न उठी हो। यह पद इसलिए नहीं भरे गए क्योंकि नीयत साफ नहीं थी।’ उन्होंने बजट सत्र में भाग लेने वाले मंत्री और विधायकों समेत 73 सदस्यों के प्रति आभार जताया। योगी ने वित्त मंत्री और उनकी टीम की बजट के लिए सराहना की। अच्छा हुआ श्वेत पत्र लेकर सरकार नहीं आई। जिस दिन श्वेत पत्र जारी होगा, कहीं ऐसा न हो कि उत्तर प्रदेश सपा-बसपा मुक्त हो जाए। जिस निर्ममता से इन दोनों दलों ने लूट-खसोट की, जिस तरह प्रदेश को नोचा, मुङो लगता है कि यह सभ्य समाज कभी इन्हें स्वीकार नहीं करेगा।
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    सपा सरकार में हुई भर्तियों की होगी सीबीआइ जांच
    दैनिक जागरण 20/07/2017
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा सरकार में हुई भर्तियों की सीबीआइ जांच कराने का एलान किया है। उन्होंने कहा है कि भर्तियों में धांधली की सारी जांचें होगी और कोई दोषी बचेगा नहीं। ‘याद रखना केवल शिक्षक भर्ती घोटाले में हरियाणा के एक नेता (ओमप्रकाश चौटाला) दस वर्षो से जेल में सड़ रहे हैं। कागज जलाने से कोई बच नहीं सकता।’ 1 विधानसभा में बुधवार को बजट चर्चा पर विपक्ष के सदस्यों का जवाब देते हुए योगी आक्रामक थे। योगी ने 2012 के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) से हुई नियुक्तियों की जांच कराने की बात कही। कहा, पिछली सरकार में यूपीपीएससी की ऐसी हालत कर दी गई कि आज इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। पौने दो घंटे के अपने भाषण में वह सपा, बसपा और कांग्रेस की सरकारों की खामियां गिनाकर प्रदेश की बदहाली के लिए निरंतर विपक्ष को जिम्मेदार ठहरा रहे थे। योगी ने कहा कि ‘पुलिस के डेढ़ लाख पद खाली हैं और दस वर्षो में कोई नियुक्ति ऐसी नहीं हुई जिस पर अंगुली न उठी हो। यह पद इसलिए नहीं भरे गए क्योंकि नीयत साफ नहीं थी।’ उन्होंने बजट सत्र में भाग लेने वाले मंत्री और विधायकों समेत 73 सदस्यों के प्रति आभार जताया। योगी ने वित्त मंत्री और उनकी टीम की बजट के लिए सराहना की। अच्छा हुआ श्वेत पत्र लेकर सरकार नहीं आई। जिस दिन श्वेत पत्र जारी होगा, कहीं ऐसा न हो कि उत्तर प्रदेश सपा-बसपा मुक्त हो जाए। जिस निर्ममता से इन दोनों दलों ने लूट-खसोट की, जिस तरह प्रदेश को नोचा, मुङो लगता है कि यह सभ्य समाज कभी इन्हें स्वीकार नहीं करेगा।


  • राष्ट्रीय सहारा : 19/07/2017 सहारा न्यूज ब्यूरो लखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा में सूबे के आलू किसानों के लिए राहत का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आलू किसानों के अच्छे दिन लौटाने के लिए काम कर रही है। भाजपा ने सत्ता में आते ही एक लाख मीट्रिक टन आलू खरीदने का निर्णय लिया और इसके लिए पहली बार आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी तय किया गया। श्री योगी ने कहा कि सूबे में आलू की पैदावार बहुत हुई है। थोक भाव में कमी के चलते किसानों को आलू का उचित मूल्य नहीं मिल पाया। कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने के बाद किसानों को नुकसान होने का अंदेशा जताया जा रहा है। इसको देखते हुए राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि राज्य की सीमा के भीतर आलू बिक्री के लिए 300 किलोमीटर तक का परिवहन होने पर भाड़ा अनुदान राज्य सरकार वहन करेगी। इसके साथ ही यूपी से अन्य राज्यों को आलू भेजने पर प्रति कुंतल Rs 50 या फिर वास्तविक भाड़े का 25 फीसद, जो भी कम होगा, सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने सदन में आलू के विपणन (बिक्री) पर मण्डी शुल्क व सेस दोनों को 31 दिसम्बर तक न वसूलने का ऐलान किया। आलू के विपणन पर 2.5 फीसद मण्डी शुल्क और करीब 2 फीसद सेस देय होता है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस ऐलान से 5-6 लाख आलू उत्पादक किसानों को लाभ होगा और मण्डी शुल्क रद्द होने से सरकार पर 80 से 100 करोड़ का बोझ पड़ेगा और इस बोझ को मण्डी परिषद वहन करेगी। मुख्यमंत्री द्वारा आलू उत्पादक किसानों के हित में किये गये ऐलान का सदन के सदस्यों ने मेज थपथपाकर स्वागत किया।उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने एक लाख मीट्रिक टन आलू खरीदने का निर्णय लिया और इसके लिए Rs 4.80 प्रति किलो की दर तय की गयी थी, लेकिन सरकारी स्तर पर खरीद प्रक्रिया शुरू होने के पहले ही किसान अपना आलू कोल्ड स्टोरेज में रख चुके थे। कोल्ड स्टोरेज से निकालकर बिक्री करना उनके लिए घाटे का सौदा साबित होता।
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    आलू किसानों को मुख्यमंत्री ने दी राहत
    राष्ट्रीय सहारा 19/07/2017
    सहारा न्यूज ब्यूरो लखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा में सूबे के आलू किसानों के लिए राहत का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आलू किसानों के अच्छे दिन लौटाने के लिए काम कर रही है। भाजपा ने सत्ता में आते ही एक लाख मीट्रिक टन आलू खरीदने का निर्णय लिया और इसके लिए पहली बार आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी तय किया गया। श्री योगी ने कहा कि सूबे में आलू की पैदावार बहुत हुई है। थोक भाव में कमी के चलते किसानों को आलू का उचित मूल्य नहीं मिल पाया। कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने के बाद किसानों को नुकसान होने का अंदेशा जताया जा रहा है। इसको देखते हुए राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि राज्य की सीमा के भीतर आलू बिक्री के लिए 300 किलोमीटर तक का परिवहन होने पर भाड़ा अनुदान राज्य सरकार वहन करेगी। इसके साथ ही यूपी से अन्य राज्यों को आलू भेजने पर प्रति कुंतल Rs 50 या फिर वास्तविक भाड़े का 25 फीसद, जो भी कम होगा, सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने सदन में आलू के विपणन (बिक्री) पर मण्डी शुल्क व सेस दोनों को 31 दिसम्बर तक न वसूलने का ऐलान किया। आलू के विपणन पर 2.5 फीसद मण्डी शुल्क और करीब 2 फीसद सेस देय होता है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस ऐलान से 5-6 लाख आलू उत्पादक किसानों को लाभ होगा और मण्डी शुल्क रद्द होने से सरकार पर 80 से 100 करोड़ का बोझ पड़ेगा और इस बोझ को मण्डी परिषद वहन करेगी। मुख्यमंत्री द्वारा आलू उत्पादक किसानों के हित में किये गये ऐलान का सदन के सदस्यों ने मेज थपथपाकर स्वागत किया।उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने एक लाख मीट्रिक टन आलू खरीदने का निर्णय लिया और इसके लिए Rs 4.80 प्रति किलो की दर तय की गयी थी, लेकिन सरकारी स्तर पर खरीद प्रक्रिया शुरू होने के पहले ही किसान अपना आलू कोल्ड स्टोरेज में रख चुके थे। कोल्ड स्टोरेज से निकालकर बिक्री करना उनके लिए घाटे का सौदा साबित होता।


  • हिन्दुस्तान : 17/07/2017 जागरण संवाददाता, लखनऊ : केजीएमयू के द्वितीय तल स्थित ट्रॉमा सेंटर में शनिवार रात लगी आग से स्टोर रूम में रखा लाखों का चिकित्सकीय सामान जलकर खाक हो गया। वहीं अफरातफरी और शिफ्टिंग के दौरान समय से इलाज न मिल पाने के चलते छह रोगियों की मौत ने सीएम योगी आदित्यनाथ को भी झकझोर दिया। रविवार सुबह वह मरीजों का हाल जानने के लिए खुद केजीएमयू जा पहुंचे। मुआयने के बाद अफसरों से हादसे का कारण पूछा तो सब चुप रहे। कोई सटीक जवाब नहीं दे सके। मुख्यमंत्री सुबह करीब 10:40 बजे ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। कार से उतरकर रैंप के जरिये सीधे भवन के द्वितीय तल स्थित स्टोर रूम पहुंचे। घटना स्थल डिजास्टर वार्ड में बने स्टोर रूम व चपेट में आए एएलएस ट्रेनिंग वार्ड का निरीक्षण किया। स्टोर रूम में दवाएं व सामान भारी मात्र में जला मिला। स्थिति भयावह देख केजीएमयू के कुलपति, सीएमएस और एमएस के अफसरों से मुखातिब हुए। एक पुलिस अफसर ने कारणों की जांच जारी होने का हवाला दिया। इस पर सीएम ने तत्काल जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा। पांच मंजिल तक रैंप से गए : मुख्यमंत्री ने ट्रॉमा सेंटर के पांचों तलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लिफ्ट का प्रयोग तक नहीं किया। उन्होंने क्रिटिकल केयर यूनिटों में भर्ती गंभीर मरीजों का हाल लिया। पीआइसीयू में भर्ती गुर्दा के मरीज बहराइच निवासी सलमान, देवरिया निवासी संक्रमण से ग्रसित आदर्श, जौनपुर की पैरालायसिस की समस्या से भर्ती शिवानी, दिमागी बुखार से पीड़ित बहराइच निवासी सानू व गोरखपुर निवासी लक्ष्मी के घरवालों से बच्चों के इलाज के बारे में पूछा। संतोषजनक जवाब सुनकर वह आगे बढ़ गए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने क्रिटिकल केयर मेडिसिन, रेस्पेराइटरी इंटेंसिव केयर यूनिट में जाकर मरीजों का हाल लिया। सीएम ने करीब 50 मरीजों और उनके घरवालों से हालचाल पूछा। सड़क पर निकले पड़े सीएम, सुरक्षकर्मी बेचैन : ट्रॉमा सेंटर में निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री शताब्दी अस्पताल फेज-टू में शिफ्ट किए गए मरीजों का हाल जानने के लिए पैदल ही चल दिए। गाड़ी के बजाय सड़क की तरफ पैदल जाते सीएम को देख सुरक्षाकर्मी बेचैन हो गए। उन्होंने सड़क पर यातायात रोक दिया। वहीं सीएम के प्रवेश के बाद शताब्दी का गेट बंद करा दिया गया। मृतकों के घरवालों को दो-दो लाख मुआवजा : ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की घटना के बाद विभिन्न वार्डो में शिफ्ट किए गए सभी मरीजों की आवश्यक जांचें व इलाज निश्शुल्क होगा। वहीं मृतकों के घरवालों को दो-दो लाख का मुआवजा दिया जाएगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की। इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने भी शिफ्ट मरीजों की जांच व इलाज निश्शुल्क करने के निर्देश डॉक्टरों को जारी कर दिए।
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    मुख्यमंत्री ने पूछा कैसे लगी आग, अफसर चुप
    हिन्दुस्तान 17/07/2017
    जागरण संवाददाता, लखनऊ : केजीएमयू के द्वितीय तल स्थित ट्रॉमा सेंटर में शनिवार रात लगी आग से स्टोर रूम में रखा लाखों का चिकित्सकीय सामान जलकर खाक हो गया। वहीं अफरातफरी और शिफ्टिंग के दौरान समय से इलाज न मिल पाने के चलते छह रोगियों की मौत ने सीएम योगी आदित्यनाथ को भी झकझोर दिया। रविवार सुबह वह मरीजों का हाल जानने के लिए खुद केजीएमयू जा पहुंचे। मुआयने के बाद अफसरों से हादसे का कारण पूछा तो सब चुप रहे। कोई सटीक जवाब नहीं दे सके। मुख्यमंत्री सुबह करीब 10:40 बजे ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। कार से उतरकर रैंप के जरिये सीधे भवन के द्वितीय तल स्थित स्टोर रूम पहुंचे। घटना स्थल डिजास्टर वार्ड में बने स्टोर रूम व चपेट में आए एएलएस ट्रेनिंग वार्ड का निरीक्षण किया। स्टोर रूम में दवाएं व सामान भारी मात्र में जला मिला। स्थिति भयावह देख केजीएमयू के कुलपति, सीएमएस और एमएस के अफसरों से मुखातिब हुए। एक पुलिस अफसर ने कारणों की जांच जारी होने का हवाला दिया। इस पर सीएम ने तत्काल जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा। पांच मंजिल तक रैंप से गए : मुख्यमंत्री ने ट्रॉमा सेंटर के पांचों तलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लिफ्ट का प्रयोग तक नहीं किया। उन्होंने क्रिटिकल केयर यूनिटों में भर्ती गंभीर मरीजों का हाल लिया। पीआइसीयू में भर्ती गुर्दा के मरीज बहराइच निवासी सलमान, देवरिया निवासी संक्रमण से ग्रसित आदर्श, जौनपुर की पैरालायसिस की समस्या से भर्ती शिवानी, दिमागी बुखार से पीड़ित बहराइच निवासी सानू व गोरखपुर निवासी लक्ष्मी के घरवालों से बच्चों के इलाज के बारे में पूछा। संतोषजनक जवाब सुनकर वह आगे बढ़ गए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने क्रिटिकल केयर मेडिसिन, रेस्पेराइटरी इंटेंसिव केयर यूनिट में जाकर मरीजों का हाल लिया। सीएम ने करीब 50 मरीजों और उनके घरवालों से हालचाल पूछा। सड़क पर निकले पड़े सीएम, सुरक्षकर्मी बेचैन : ट्रॉमा सेंटर में निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री शताब्दी अस्पताल फेज-टू में शिफ्ट किए गए मरीजों का हाल जानने के लिए पैदल ही चल दिए। गाड़ी के बजाय सड़क की तरफ पैदल जाते सीएम को देख सुरक्षाकर्मी बेचैन हो गए। उन्होंने सड़क पर यातायात रोक दिया। वहीं सीएम के प्रवेश के बाद शताब्दी का गेट बंद करा दिया गया। मृतकों के घरवालों को दो-दो लाख मुआवजा : ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की घटना के बाद विभिन्न वार्डो में शिफ्ट किए गए सभी मरीजों की आवश्यक जांचें व इलाज निश्शुल्क होगा। वहीं मृतकों के घरवालों को दो-दो लाख का मुआवजा दिया जाएगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की। इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने भी शिफ्ट मरीजों की जांच व इलाज निश्शुल्क करने के निर्देश डॉक्टरों को जारी कर दिए।


  • दैनिक जागरण : 16/07/2017 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधायक क्षेत्र में जनता के बीच रहें। अगर उनका क्षेत्र शहरी है तो वार्डवार और अगर ग्रामीण क्षेत्र से हैं तो ग्राम पंचायतों में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनें। स्थानीय स्तर पर हल होने वाली समस्याओं का हल वहीं कराना सुनिश्चित करें। बाकी की जानकारी उचित फोरम पर दें। 1 योगी शनिवार की शाम को अपने आवास पर ब्रज, काशी और पश्चिम क्षेत्र के विधायकों से मुखातिब थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक चौपाल के दौरान लोगों को सरकार की योजनाओं और कामकाज के बारे में भी बताएं। जरूरत हो तो राशनकार्ड और आधारकार्ड के लिए शिविर भी लगवाएं। हर विधायक अपने क्षेत्र में एक प्राइमरी स्कूल को गोद लेकर स्थानीय लोगों की मदद से उसे मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करें। इस दौरान कुछ विधायकों ने नौकरशाही की शिकायत की। कुछ ने नाम लेकर शिकायत की। इन लोगों की शिकायतों को नोट किया गया। 17 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव पर भी चर्चा हुई। विधायकों से सौ फीसद उपस्थिति सुनिश्चित कराने को कहा गया।
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    समस्याएं सुनने के लिए चौपाल लगाएं विधायक : मुख्यमंत्री
    दैनिक जागरण 16/07/2017
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधायक क्षेत्र में जनता के बीच रहें। अगर उनका क्षेत्र शहरी है तो वार्डवार और अगर ग्रामीण क्षेत्र से हैं तो ग्राम पंचायतों में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनें। स्थानीय स्तर पर हल होने वाली समस्याओं का हल वहीं कराना सुनिश्चित करें। बाकी की जानकारी उचित फोरम पर दें। 1 योगी शनिवार की शाम को अपने आवास पर ब्रज, काशी और पश्चिम क्षेत्र के विधायकों से मुखातिब थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक चौपाल के दौरान लोगों को सरकार की योजनाओं और कामकाज के बारे में भी बताएं। जरूरत हो तो राशनकार्ड और आधारकार्ड के लिए शिविर भी लगवाएं। हर विधायक अपने क्षेत्र में एक प्राइमरी स्कूल को गोद लेकर स्थानीय लोगों की मदद से उसे मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करें। इस दौरान कुछ विधायकों ने नौकरशाही की शिकायत की। कुछ ने नाम लेकर शिकायत की। इन लोगों की शिकायतों को नोट किया गया। 17 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव पर भी चर्चा हुई। विधायकों से सौ फीसद उपस्थिति सुनिश्चित कराने को कहा गया।


  • राष्ट्रीय सहारा : 15/07/2017 सहारा न्यूज ब्यूरो लखनऊ।विधानसभा में शुक्रवार को जैसे ही सदन शुरू हुआ तो विधानसभा अध्यक्ष ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदन में वक्तव्य देंगे। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन को बताया कि 12 जुलाई को सफाइकर्मियों को 150 ग्राम पाउडर मिला था। पाउडर को फारेंसिक जांच के लिए भेजा गया, जिसमें यह खतरनाक विस्फोटक पीईटीएन (पेंटाएरीथिटोल टेट्रा नाइट्रेट) पाया गया। उन्होंने कहा कि सदन में विस्फोटक मिलना खतरनाक आतंकी अंजाम की साजिश है।मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि यह विस्फोटक रंगहीन व गंधहीन होने के कारण डॉग स्क्वायड भी नहीं पहचान पाया। उन्होंने कहा कि शुरूआत में हमने समझा कि यह कोई पाउडर या रसायन है, लेकिन फोरेसिंक साइंस लैब की रिपोर्ट में यह पीईटीएन पाया गया, जो उच्च गुणवत्ता का विस्फोटक है। विशेषज्ञों ने बताया है कि पीईटीएन का पांच सौ ग्राम पाउडर पूरे विधानसभा को उड़ाने के लिए काफी होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विस्फोटक नेता विरोधी दल की सीट के बगल की तीसरी सीट के नीचे पाया गया। मुख्यमंत्री श्री योगी ने कहा कि सदन की सुरक्षा हमारी चिन्ता का विषय है। यह खतरनाक आतंकी साजिश का हिस्सा है और इसका पर्दाफाश होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि मामले की जांच एनआईए यानी राष्ट्रीय जांच एजेंसी करे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा में कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि सबकी जिम्मेदारी है। उन्होने कहा कि बजट सत्र में सदन में विधायक, मार्शल और कर्मचारियों के अलावा कोई नहीं आ सकता, बावजूद यहां तक विस्फोटक कैसे पहुंचा यह अत्यंत गंभीर मामला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह खतरनाक आतंकी अंजाम की साजिश है। यह प्रदेश की 22 करोड़ जनता की भावना के साथ खिलवाड़ है। सभी सदस्यों से अनुरोध है कि वह पक्ष-विपक्ष के बजाय संयुक्त रूप से जांच में सहयोग करें। इसके लिए सबकी जांच यह कि विधानभवन में कार्य करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों का पुलिस सत्यापन कराया जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम एयरपोर्ट पर जांच कराते हैं तो विधायकों को यहां भी जांच कराने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विधायक सदन में मोबाइल लेकर न आयें। यदि आते हैं तो उसका स्विच ऑफ रखें। उन्होंने कहा कि यह सुरक्षा में सेंध हैं। इसकी छूट किसी को नहीं होनी चाहिए। पीईटीएन विस्फोटक पाया जाना किसी शरारत को दर्शाता है। इसका मुंहतोड़ जवाब देना पड़ेगा। इस पर पूरे सदन की सहमति मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह खतरनाक बात है कि विधानसभा का सत्र चलते समय इसकी सुरक्षा में चूक हुई है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत गंभीर मामला हो गया है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित से आग्रह किया कि वह विधानसभा के कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन सुनिश्चित करायें, क्योंकि 503 सदस्यों (विधानसभा एवं विधानपरिषद) की सुरक्षा दांव पर नहीं लगा सकते हैं। उन्होंने कहा कि त्वरित रेस्पांस टीम यानी क्यूआरटी हर गेट पर होनी चाहिए और समान सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए। हमें ऐसी घटना की निंदा करने के लिए प्रस्ताव पारित करना चाहिए।
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    विस्फोटक मिलना खतरनाक साजिश : मुख्यमंत्री
    राष्ट्रीय सहारा 15/07/2017
    सहारा न्यूज ब्यूरो लखनऊ।विधानसभा में शुक्रवार को जैसे ही सदन शुरू हुआ तो विधानसभा अध्यक्ष ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदन में वक्तव्य देंगे। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन को बताया कि 12 जुलाई को सफाइकर्मियों को 150 ग्राम पाउडर मिला था। पाउडर को फारेंसिक जांच के लिए भेजा गया, जिसमें यह खतरनाक विस्फोटक पीईटीएन (पेंटाएरीथिटोल टेट्रा नाइट्रेट) पाया गया। उन्होंने कहा कि सदन में विस्फोटक मिलना खतरनाक आतंकी अंजाम की साजिश है।मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि यह विस्फोटक रंगहीन व गंधहीन होने के कारण डॉग स्क्वायड भी नहीं पहचान पाया। उन्होंने कहा कि शुरूआत में हमने समझा कि यह कोई पाउडर या रसायन है, लेकिन फोरेसिंक साइंस लैब की रिपोर्ट में यह पीईटीएन पाया गया, जो उच्च गुणवत्ता का विस्फोटक है। विशेषज्ञों ने बताया है कि पीईटीएन का पांच सौ ग्राम पाउडर पूरे विधानसभा को उड़ाने के लिए काफी होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विस्फोटक नेता विरोधी दल की सीट के बगल की तीसरी सीट के नीचे पाया गया। मुख्यमंत्री श्री योगी ने कहा कि सदन की सुरक्षा हमारी चिन्ता का विषय है। यह खतरनाक आतंकी साजिश का हिस्सा है और इसका पर्दाफाश होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि मामले की जांच एनआईए यानी राष्ट्रीय जांच एजेंसी करे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा में कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि सबकी जिम्मेदारी है। उन्होने कहा कि बजट सत्र में सदन में विधायक, मार्शल और कर्मचारियों के अलावा कोई नहीं आ सकता, बावजूद यहां तक विस्फोटक कैसे पहुंचा यह अत्यंत गंभीर मामला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह खतरनाक आतंकी अंजाम की साजिश है। यह प्रदेश की 22 करोड़ जनता की भावना के साथ खिलवाड़ है। सभी सदस्यों से अनुरोध है कि वह पक्ष-विपक्ष के बजाय संयुक्त रूप से जांच में सहयोग करें। इसके लिए सबकी जांच यह कि विधानभवन में कार्य करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों का पुलिस सत्यापन कराया जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम एयरपोर्ट पर जांच कराते हैं तो विधायकों को यहां भी जांच कराने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विधायक सदन में मोबाइल लेकर न आयें। यदि आते हैं तो उसका स्विच ऑफ रखें। उन्होंने कहा कि यह सुरक्षा में सेंध हैं। इसकी छूट किसी को नहीं होनी चाहिए। पीईटीएन विस्फोटक पाया जाना किसी शरारत को दर्शाता है। इसका मुंहतोड़ जवाब देना पड़ेगा। इस पर पूरे सदन की सहमति मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह खतरनाक बात है कि विधानसभा का सत्र चलते समय इसकी सुरक्षा में चूक हुई है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत गंभीर मामला हो गया है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित से आग्रह किया कि वह विधानसभा के कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन सुनिश्चित करायें, क्योंकि 503 सदस्यों (विधानसभा एवं विधानपरिषद) की सुरक्षा दांव पर नहीं लगा सकते हैं। उन्होंने कहा कि त्वरित रेस्पांस टीम यानी क्यूआरटी हर गेट पर होनी चाहिए और समान सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए। हमें ऐसी घटना की निंदा करने के लिए प्रस्ताव पारित करना चाहिए।


  • दैनिक जागरण : 14/07/2017 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब एक साल पहले 22 जुलाई को गोरखपुर में जिस अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की बुनियाद रखी थी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को उसके लिए केंद्र सरकार से करार करके एम्स के निर्माण की राह खोल दी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई है कि एम्स बनने के बाद पूर्वाचल के लोगों को बेहतर इलाज के लिए कहीं दूर नहीं जाना पड़ेगा। एम्स के लिए शास्त्री भवन में गुरुवार को केंद्र व राज्य सरकार के बीच एमओयू साइन होते वक्त योगी भी मौजूद थे। केंद्रीय स्वास्थ्य संयुक्त सचिव सुनील शर्मा और अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ.अनीता भटनागर जैन द्वारा करार पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद सीएम ने प्रसन्नता जाहिर की।गोरखपुर में एम्स के लिए भारत सरकार की ओर से पी.एम.एस.एस.वाई डिवीजन के संयुक्त सचिव सुनील शर्मा व प्रदेश सरकार की ओर चिकित्सा शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. अनीता भटनागर जैन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए, साथ में उपस्थित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।2020 तक पूरा होगा निर्माण गोरखपुर एम्स की स्थायी ओपीडी का निर्माण सितंबर 2018 तक पूरा होगा, जबकि चिकित्सालय का निर्माण मार्च 2019 तक हो जाएगा। चिकित्सालय में दिसंबर 2019 तक 300 बेड, मार्च 2020 तक 500 बेड, और 750 बेड जून 2020 तक उपलब्ध हो जाएंगे। ट्रामा सेंटर का काम मार्च 2020 तक पूरा हो जाएगा।
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    शुरू हुआ एम्स का सफर
    दैनिक जागरण 14/07/2017
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब एक साल पहले 22 जुलाई को गोरखपुर में जिस अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की बुनियाद रखी थी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को उसके लिए केंद्र सरकार से करार करके एम्स के निर्माण की राह खोल दी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई है कि एम्स बनने के बाद पूर्वाचल के लोगों को बेहतर इलाज के लिए कहीं दूर नहीं जाना पड़ेगा। एम्स के लिए शास्त्री भवन में गुरुवार को केंद्र व राज्य सरकार के बीच एमओयू साइन होते वक्त योगी भी मौजूद थे। केंद्रीय स्वास्थ्य संयुक्त सचिव सुनील शर्मा और अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ.अनीता भटनागर जैन द्वारा करार पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद सीएम ने प्रसन्नता जाहिर की।गोरखपुर में एम्स के लिए भारत सरकार की ओर से पी.एम.एस.एस.वाई डिवीजन के संयुक्त सचिव सुनील शर्मा व प्रदेश सरकार की ओर चिकित्सा शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. अनीता भटनागर जैन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए, साथ में उपस्थित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।2020 तक पूरा होगा निर्माण गोरखपुर एम्स की स्थायी ओपीडी का निर्माण सितंबर 2018 तक पूरा होगा, जबकि चिकित्सालय का निर्माण मार्च 2019 तक हो जाएगा। चिकित्सालय में दिसंबर 2019 तक 300 बेड, मार्च 2020 तक 500 बेड, और 750 बेड जून 2020 तक उपलब्ध हो जाएंगे। ट्रामा सेंटर का काम मार्च 2020 तक पूरा हो जाएगा।


  • दैनिक जागरण : 13/07/2017 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सादगी पसंद हैं लेकिन, उनके दौरे में नौकरशाही स्वागत-सत्कार का मुखौटा लगाकर अपनी खामियां छिपाने की कोशिश कर रही है। कई बार की मनाही के बावजूद खास इंतजाम करने से अफसर मान नहीं रहे हैं। हद तो यह कि देश के लिए बलिदान होने वाले शहीद के घर संवेदना जताने पहुंचे मुख्यमंत्री के स्वागत में भी खूब तामझाम किए गए। इससे बड़ी किरकिरी हुई और मुख्यमंत्री भी नाराज हुए। अब ऐसे इंतजाम पर रोक लगाने के लिए सख्त फरमान जारी किया गया है। 1 मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एसपी गोयल ने अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, मंडलायुक्त और सभी जिलों के डीएम-एसपी को पत्र भेजकर मुख्यमंत्री के जिलों के क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान किसी भी तरह की विशेष व्यवस्था न करने की हिदायत दी है। कहा है कि कई बार के निर्देश के बावजूद लाल कालीन, विशेष रंग की तौलिया और विशेष तरह के सोफे का उपयोग किया गया। मुख्यमंत्री पहले ही निर्देश दे चुके हैं कि उनके दौरे में विशेष प्रबंध और दिखावा न किया जाए। कुछ ऐसा न हो जिससे आमजन को असुविधा हो।
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    अपने दौरे में तामझाम से सीएम योगी नाराज
    दैनिक जागरण 13/07/2017
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सादगी पसंद हैं लेकिन, उनके दौरे में नौकरशाही स्वागत-सत्कार का मुखौटा लगाकर अपनी खामियां छिपाने की कोशिश कर रही है। कई बार की मनाही के बावजूद खास इंतजाम करने से अफसर मान नहीं रहे हैं। हद तो यह कि देश के लिए बलिदान होने वाले शहीद के घर संवेदना जताने पहुंचे मुख्यमंत्री के स्वागत में भी खूब तामझाम किए गए। इससे बड़ी किरकिरी हुई और मुख्यमंत्री भी नाराज हुए। अब ऐसे इंतजाम पर रोक लगाने के लिए सख्त फरमान जारी किया गया है। 1 मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एसपी गोयल ने अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, मंडलायुक्त और सभी जिलों के डीएम-एसपी को पत्र भेजकर मुख्यमंत्री के जिलों के क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान किसी भी तरह की विशेष व्यवस्था न करने की हिदायत दी है। कहा है कि कई बार के निर्देश के बावजूद लाल कालीन, विशेष रंग की तौलिया और विशेष तरह के सोफे का उपयोग किया गया। मुख्यमंत्री पहले ही निर्देश दे चुके हैं कि उनके दौरे में विशेष प्रबंध और दिखावा न किया जाए। कुछ ऐसा न हो जिससे आमजन को असुविधा हो।


  • राष्ट्रीय सहारा : 12/07/2017 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा में वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा अपनी सरकार के पेश हुए पहले बजट को प्रगतिशील बजट बताया। उन्होंने विास जताया कि यह बजट प्रदेश को नये युग की ओर ले जाने की शुरुआत है। इससे राज्य में विकास की नयी दिशा तय होगी। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्र ‘‘सबका साथ-सबका विकास’ को अंगीकार करने का प्रयास है। मुख्यमंत्री ने बजट पेश होने के बाद वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल के साथ विधानभवन स्थित तिलक हाल में आयोजित पारंपरिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह बजट प्रदेश की 22 करोड़ जनता की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए विकास सुनिश्चित करेगा। यह बजट गांव, गरीब, किसान और महिलाओं को समर्पित है। इस बार बजट का आकार बढ़ा है। इसके जरिए प्रदेश के ढांचागत विकास पर फोकस किया गया है। उन्होंने कहा सरकार ने अगले पांच साल में राज्य की विकास दर को 10 फीसद ले जाना लक्ष्य तय किया है। 3.84 लाख करोड़ के बजट में 55781 करोड़ रुपये की नई योजनाएं शुरू की जा रही हैं। कई नये शहरों में मेट्रो रेल की व्यवस्था की जा रही है। अयोध्या और वाराणसी को पूर्वाचल एक्सप्रेस वे से जोड़ा जाएगा। पावर आफ आल योजना से सभी को राज्य में बिजली मुहैया होगी। मुख्यमंत्री ने किसान की कर्ज माफी के लिए बजट में 36 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। कर्ज माफी से जुड़े अन्य सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, हमने लीकेज को रोका है, फिजूलखर्ची पर रोक लगायी है। हमने प्रदेश की जनता पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डाला है और न ही किसी के आगे हाथ भी नहीं फैलाया है। बजट का दायरा इसलिए बढ़ा क्योंकि इसमें किसानों की कर्ज माफी की राशि का प्राविधान भी किया गया है।उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कों, राष्ट्रीय पेयजल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, वृद्धावस्था पेंशन योजना जैसी कई योजनाओं में पिछली सरकार (अखिलेश सरकार) से कहीं ज्यादा धन की व्यवस्था सरकार ने इस बार बजट में की है। श्री योगी ने कहा कि सबसे पिछड़े बुंदेलखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए एक्सप्रेस-वे प्रस्तावित किया गया है। हमें विास है कि डिजिटल इंडिया को आगे बढ़ाकर प्रदेश के विकास को तीव्र गति दी जा सकती है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के कार्यपद्धति में पारदर्शिता और नयी प्रौद्योगिकी अपनाने से राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 3.01 प्रतिशत से घटकर 2.97 प्रतिशत रह गया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की ओर से जारी लोक कल्याण संकल्प पत्र में किये गये वायदों को चरणबद्ध तरीके से प्रतिबद्धता के साथ कार्यान्वित किया जा रहा है।संवाददाता सम्मेलन में सूचना राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी, मुख्य सचिव राजीव कुमार, अपर मुख्य सचिव वित्त अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण सदाकांत समेत अन्य कई अधिकारी भी मौजूद थे।
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    यूपी को नये युग में ले जाएगा बजट
    राष्ट्रीय सहारा 12/07/2017
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा में वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा अपनी सरकार के पेश हुए पहले बजट को प्रगतिशील बजट बताया। उन्होंने विास जताया कि यह बजट प्रदेश को नये युग की ओर ले जाने की शुरुआत है। इससे राज्य में विकास की नयी दिशा तय होगी। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्र ‘‘सबका साथ-सबका विकास’ को अंगीकार करने का प्रयास है। मुख्यमंत्री ने बजट पेश होने के बाद वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल के साथ विधानभवन स्थित तिलक हाल में आयोजित पारंपरिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह बजट प्रदेश की 22 करोड़ जनता की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए विकास सुनिश्चित करेगा। यह बजट गांव, गरीब, किसान और महिलाओं को समर्पित है। इस बार बजट का आकार बढ़ा है। इसके जरिए प्रदेश के ढांचागत विकास पर फोकस किया गया है। उन्होंने कहा सरकार ने अगले पांच साल में राज्य की विकास दर को 10 फीसद ले जाना लक्ष्य तय किया है। 3.84 लाख करोड़ के बजट में 55781 करोड़ रुपये की नई योजनाएं शुरू की जा रही हैं। कई नये शहरों में मेट्रो रेल की व्यवस्था की जा रही है। अयोध्या और वाराणसी को पूर्वाचल एक्सप्रेस वे से जोड़ा जाएगा। पावर आफ आल योजना से सभी को राज्य में बिजली मुहैया होगी। मुख्यमंत्री ने किसान की कर्ज माफी के लिए बजट में 36 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। कर्ज माफी से जुड़े अन्य सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, हमने लीकेज को रोका है, फिजूलखर्ची पर रोक लगायी है। हमने प्रदेश की जनता पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डाला है और न ही किसी के आगे हाथ भी नहीं फैलाया है। बजट का दायरा इसलिए बढ़ा क्योंकि इसमें किसानों की कर्ज माफी की राशि का प्राविधान भी किया गया है।उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कों, राष्ट्रीय पेयजल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, वृद्धावस्था पेंशन योजना जैसी कई योजनाओं में पिछली सरकार (अखिलेश सरकार) से कहीं ज्यादा धन की व्यवस्था सरकार ने इस बार बजट में की है। श्री योगी ने कहा कि सबसे पिछड़े बुंदेलखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए एक्सप्रेस-वे प्रस्तावित किया गया है। हमें विास है कि डिजिटल इंडिया को आगे बढ़ाकर प्रदेश के विकास को तीव्र गति दी जा सकती है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के कार्यपद्धति में पारदर्शिता और नयी प्रौद्योगिकी अपनाने से राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 3.01 प्रतिशत से घटकर 2.97 प्रतिशत रह गया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की ओर से जारी लोक कल्याण संकल्प पत्र में किये गये वायदों को चरणबद्ध तरीके से प्रतिबद्धता के साथ कार्यान्वित किया जा रहा है।संवाददाता सम्मेलन में सूचना राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी, मुख्य सचिव राजीव कुमार, अपर मुख्य सचिव वित्त अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण सदाकांत समेत अन्य कई अधिकारी भी मौजूद थे।


  • दैनिक जागरण : 11/07/2017 जागरण संवाददाता, अम्ब : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कांग्रेस व माफिया का पुराना संबंध है। देवभूमि हिमाचल में माफिया राज और भ्रष्टाचार का बोलबाला है। इससे प्रदेश को बचाना है। माफिया शब्द इटली से आया है। कांग्रेस ने देश को माफिया के हाथों बेचा है, जिसकी सजा देशवासी भुगत रहे हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने देश और भाजपा ने राज्यों में सत्ता परिवर्तन कर माफिया राज को समाप्त करने का बीड़ा उठाया है। योगी सोमवार को हिमाचल के अम्ब स्थित हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की रथयात्र के समापन पर जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ताजमहल एक अच्छी कलाकृति है, पर आस्था का प्रतीक नहीं है। श्रीमद् भगवद गीता व श्रीराम आस्था के प्रतीक हैं, पर कांग्रेस ने इन्हें भी नहीं बख्शा। यूपीए ने रामसेतु को तोड़ने को झूठा शपथपत्र कोर्ट में दिया। कांग्रेस ने देश को जाति, धर्म, क्षेत्रवाद के नाम पर बांटा और लूटा है। कांग्रेस महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री की कांग्रेस नहीं है, यह केवल सोनिया और राहुल की पार्टी बनकर रह गई है। राहुल को पूरे देश की जनता नकार चुकी है और चुनावों में इसका असर दिख जाता है। उन्होंने कहा कि जब भी हिमाचल की बात होती है, भगवान शिव के साथ भारत के पौराणिक याद आ जाती है। शक्तिपीठों में देवियां बसती हैं। देवभूमि में आने पर पहले मैंने मां चिंतपूर्णी में माथा टेका।
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    कांग्रेस व माफिया का पुराना संबंध: योगी आदित्यनाथ
    दैनिक जागरण 11/07/2017
    जागरण संवाददाता, अम्ब : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कांग्रेस व माफिया का पुराना संबंध है। देवभूमि हिमाचल में माफिया राज और भ्रष्टाचार का बोलबाला है। इससे प्रदेश को बचाना है। माफिया शब्द इटली से आया है। कांग्रेस ने देश को माफिया के हाथों बेचा है, जिसकी सजा देशवासी भुगत रहे हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने देश और भाजपा ने राज्यों में सत्ता परिवर्तन कर माफिया राज को समाप्त करने का बीड़ा उठाया है। योगी सोमवार को हिमाचल के अम्ब स्थित हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की रथयात्र के समापन पर जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ताजमहल एक अच्छी कलाकृति है, पर आस्था का प्रतीक नहीं है। श्रीमद् भगवद गीता व श्रीराम आस्था के प्रतीक हैं, पर कांग्रेस ने इन्हें भी नहीं बख्शा। यूपीए ने रामसेतु को तोड़ने को झूठा शपथपत्र कोर्ट में दिया। कांग्रेस ने देश को जाति, धर्म, क्षेत्रवाद के नाम पर बांटा और लूटा है। कांग्रेस महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री की कांग्रेस नहीं है, यह केवल सोनिया और राहुल की पार्टी बनकर रह गई है। राहुल को पूरे देश की जनता नकार चुकी है और चुनावों में इसका असर दिख जाता है। उन्होंने कहा कि जब भी हिमाचल की बात होती है, भगवान शिव के साथ भारत के पौराणिक याद आ जाती है। शक्तिपीठों में देवियां बसती हैं। देवभूमि में आने पर पहले मैंने मां चिंतपूर्णी में माथा टेका।


  • दैनिक जागरण : 10/07/2017 गोरखपुर : शिष्यों का समर्पण था तो गुरु के स्नेहवर्षा में भी कोई कमी न थी। दर्शन के साथ आशीर्वाद लेने की लालसा में पहुंचे शिष्यों पर गुरु योगी आदित्यनाथ ने भी भरपूर स्नेह बरसाया। यह संयोग बना के अवसर पर रविवार की दोपहर गोरखनाथ मंदिर के तिलक हाल में। अपनी अतिशय व्यस्तता के बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब पीठाधीश्वर कक्ष में पहुंचे तो माहौल जयकारों से गूंज उठा। फिर तो गुरु पूजन का अद्भुत दृश्य उपस्थित हो उठा। परंपरागत गुरु पूजन का कार्यक्रम सुबह साढ़े नौ बजे से निर्धारित था, लेकिन फरियादियों की भीड़ को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे जनता दरबार में चले गए। ऐसे में पूजन की शुरुआत दोपहर 12:20 बजे हो सकी जब योगी अपने परंपरागत आसन पर आसीन हुए। परंपरानुसार सबसे पहले मंदिर के प्रधान पुजारी कमलनाथ योगी के आसन तक पहुंचे और रोली, दही व अक्षत का तिलक लगाकर पूजा-अर्चना की। योगी ने भी उन्हें तिलक लगाकर आशीर्वाद दिया। पुजारी कमल नाथ ने उन्हें 101 रुपये गुरु दक्षिणा भी अर्पित की। उसके बाद देश भर से आए करीब 40 संतों ने परंपरागत रूप में गुरु पूजा की। संतों के बाद गृहस्थ शिष्यों के आशीर्वाद लेने का सिलसिला शुरू हुआ। बारी-बारी से कतारबद्ध होकर शिष्य आते गए और तिलक लगाकर आशीर्वाद लेते गए। गुरु पूजा के बाद सभी शिष्यों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। हालांकि योजना के मुताबिक पहले महज 100 शिष्यों को ही गुरु पूजा में शामिल होना था, लेकिन बाद में 300 से अधिक शिष्यों को अपने गुरु तक पहुंचने का अवसर दिया गया। इसके चलते गुरु पूजा का यह कार्यक्रम सवा दो बजे तक चला। इस बार बदला था माहौल: गोरखनाथ मंदिर में पर गुरु पूजन का आयोजन इस बार बेहद खास था। स्थान वही था, शिष्य भी वही थे लेकिन माहौल बदला हुआ था। मुख्यमंत्री बन चुके गुरु योगी के पास तक जो पहुंच गया वह पहुंंच गया वह हजारों की भीड़ में बेहद खास था। योगी ने शिष्यों को दिया जिम्मेदारी निभाने का संदेश: इस अवसर पर योगी ने शिष्यों को आशीर्वाद देने के साथ-साथ सामाजिक और आध्यात्मिक जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक-आध्यात्मिकक्षेत्र में जिसे जो भी काम मिला है वे उसे पूरी निष्ठा से निभाए। संतों के अलावा आशीर्वाद लेने वालों में विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, शीतल पांडेय व रामधनी राही, हिन्दू युवा वाहिनी के बर्खास्त प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह, पूर्व महापौर अंजू चौधरी, अरुणोश शाही आदि शामिल रहे। हालचाल पूछा, हंसी-ठिठोली की: गुरु पूजा के माहौल को खुशनुमा बनाने की जिम्मेदारी भी योगी आदित्यनाथ ने खुद अपने ऊपर ले रखी थी। जो भी शिष्य पूजा कर टीका लगाते योगी उनका कुशलक्षेम जरूर पूछते। विधायक शीतल पांडेय और कई शिष्यों से हंसी-ठिठौली भी की। ऐसे माहौल में गुरु का आशीर्वाद लेकर शिष्य भी फूले नहीं समा रहे थे। इसका अंदाजा गुरु पूजा के बाद तिलक हाल से बाहर निकल रहे शिष्यों के मुस्कुराते चेहरे को देख कर आसानी से लगाया जा सकता था। हर किसी से नहीं ली गुरु दक्षिणा: के अवसर गोरखनाथ मंदिर के परंपरागत गुरु पूजा के दौरान शिष्य द्वारा गुरु चरणों में गुरु दक्षिणा अर्पित करने की परंपरा है, लेकिन इस बार योगी आदित्यनाथ ने हर किसी की गुरु दक्षिणा नहीं स्वीकार की। संतों से गुरु दक्षिणा से लेने के बाद जब गृहस्थों की बारी आई तो कुछ लोग गुरु दक्षिणा अर्पित करने में सफल रहे लेकिन कुछ से योगी आदित्यनाथ ने विनम्रता के साथ दक्षिणा लेने से इनकार कर दिया।
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    गुरु योगी से मिल धन्य हुए शिष्य, पूजा कर दक्षिणा दी
    दैनिक जागरण 10/07/2017
    गोरखपुर : शिष्यों का समर्पण था तो गुरु के स्नेहवर्षा में भी कोई कमी न थी। दर्शन के साथ आशीर्वाद लेने की लालसा में पहुंचे शिष्यों पर गुरु योगी आदित्यनाथ ने भी भरपूर स्नेह बरसाया। यह संयोग बना के अवसर पर रविवार की दोपहर गोरखनाथ मंदिर के तिलक हाल में। अपनी अतिशय व्यस्तता के बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब पीठाधीश्वर कक्ष में पहुंचे तो माहौल जयकारों से गूंज उठा। फिर तो गुरु पूजन का अद्भुत दृश्य उपस्थित हो उठा। परंपरागत गुरु पूजन का कार्यक्रम सुबह साढ़े नौ बजे से निर्धारित था, लेकिन फरियादियों की भीड़ को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे जनता दरबार में चले गए। ऐसे में पूजन की शुरुआत दोपहर 12:20 बजे हो सकी जब योगी अपने परंपरागत आसन पर आसीन हुए। परंपरानुसार सबसे पहले मंदिर के प्रधान पुजारी कमलनाथ योगी के आसन तक पहुंचे और रोली, दही व अक्षत का तिलक लगाकर पूजा-अर्चना की। योगी ने भी उन्हें तिलक लगाकर आशीर्वाद दिया। पुजारी कमल नाथ ने उन्हें 101 रुपये गुरु दक्षिणा भी अर्पित की। उसके बाद देश भर से आए करीब 40 संतों ने परंपरागत रूप में गुरु पूजा की। संतों के बाद गृहस्थ शिष्यों के आशीर्वाद लेने का सिलसिला शुरू हुआ। बारी-बारी से कतारबद्ध होकर शिष्य आते गए और तिलक लगाकर आशीर्वाद लेते गए। गुरु पूजा के बाद सभी शिष्यों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। हालांकि योजना के मुताबिक पहले महज 100 शिष्यों को ही गुरु पूजा में शामिल होना था, लेकिन बाद में 300 से अधिक शिष्यों को अपने गुरु तक पहुंचने का अवसर दिया गया। इसके चलते गुरु पूजा का यह कार्यक्रम सवा दो बजे तक चला। इस बार बदला था माहौल: गोरखनाथ मंदिर में पर गुरु पूजन का आयोजन इस बार बेहद खास था। स्थान वही था, शिष्य भी वही थे लेकिन माहौल बदला हुआ था। मुख्यमंत्री बन चुके गुरु योगी के पास तक जो पहुंच गया वह पहुंंच गया वह हजारों की भीड़ में बेहद खास था। योगी ने शिष्यों को दिया जिम्मेदारी निभाने का संदेश: इस अवसर पर योगी ने शिष्यों को आशीर्वाद देने के साथ-साथ सामाजिक और आध्यात्मिक जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक-आध्यात्मिकक्षेत्र में जिसे जो भी काम मिला है वे उसे पूरी निष्ठा से निभाए। संतों के अलावा आशीर्वाद लेने वालों में विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, शीतल पांडेय व रामधनी राही, हिन्दू युवा वाहिनी के बर्खास्त प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह, पूर्व महापौर अंजू चौधरी, अरुणोश शाही आदि शामिल रहे। हालचाल पूछा, हंसी-ठिठोली की: गुरु पूजा के माहौल को खुशनुमा बनाने की जिम्मेदारी भी योगी आदित्यनाथ ने खुद अपने ऊपर ले रखी थी। जो भी शिष्य पूजा कर टीका लगाते योगी उनका कुशलक्षेम जरूर पूछते। विधायक शीतल पांडेय और कई शिष्यों से हंसी-ठिठौली भी की। ऐसे माहौल में गुरु का आशीर्वाद लेकर शिष्य भी फूले नहीं समा रहे थे। इसका अंदाजा गुरु पूजा के बाद तिलक हाल से बाहर निकल रहे शिष्यों के मुस्कुराते चेहरे को देख कर आसानी से लगाया जा सकता था। हर किसी से नहीं ली गुरु दक्षिणा: के अवसर गोरखनाथ मंदिर के परंपरागत गुरु पूजा के दौरान शिष्य द्वारा गुरु चरणों में गुरु दक्षिणा अर्पित करने की परंपरा है, लेकिन इस बार योगी आदित्यनाथ ने हर किसी की गुरु दक्षिणा नहीं स्वीकार की। संतों से गुरु दक्षिणा से लेने के बाद जब गृहस्थों की बारी आई तो कुछ लोग गुरु दक्षिणा अर्पित करने में सफल रहे लेकिन कुछ से योगी आदित्यनाथ ने विनम्रता के साथ दक्षिणा लेने से इनकार कर दिया।

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  • बूचड़ खाना बंद करने पर धन्यावाद

    राजेश patodi हम यह चाहते हे की यह नियम पुरे भारत देश शक्ति से लागु किया जाये हम आशा करते हे की आप की यह मेहनत जरूर रंग लाएगी जय हिन्द जय भारत ,राजेश पटौदी म.प. इंदौर
  • शिक्षा

    अभिशेष एक अपील मोदी जी और योगी जी से की प्राइवेट स्कूल की फीस पर कोई लगाम नहीं है और उनके स्कूल मे पढ़ाया जाने वाला कोर्स बाजार भाव से पांच गुना दामों मे बेचा जा रहा है । आपसे निवेदन है कि इन दोनों बातो पर अपना ध्यान दे ।
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