• राष्ट्रीय सहारा : 24/07/2020 लखनऊ (वार्ता)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलों में तैनात नोडल अधिकारियों से प्रतिदिन अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को भेजने के निर्देश देते हुए कहा कि कोविड अस्पतालों में सभी प्रकार की सुविधाए उपलब्ध करायी जाए। योगी ने बृहस्पतिवार को अपने सरकारी आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन के अधिकारी फील्ड में तैनात अधिकारियों से नियमित संवाद बनाए रखेंगे। उन्होंने डोर–टू–डोर सर्वे कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने ५५ हजार टेस्ट प्रतिदिन की टेस्टिंग क्षमता अर्जित की है। इसे और बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने रैपिड एन्टीजन टेस्ट के माध्यम से वर्तमान में प्रतिदिन किए जा रहे २० हजार टेस्ट को चरणबद्ध ढंग से बढ़ाकर ५० हजार टेस्ट प्रतिदिन किए जाने पर बल दिया है।
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    नोडल अधिकारी मुख्य सचिव को प्रतिदिन पेश करें रिपोर्टः योगी
    राष्ट्रीय सहारा 24/07/2020
    लखनऊ (वार्ता)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलों में तैनात नोडल अधिकारियों से प्रतिदिन अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को भेजने के निर्देश देते हुए कहा कि कोविड अस्पतालों में सभी प्रकार की सुविधाए उपलब्ध करायी जाए। योगी ने बृहस्पतिवार को अपने सरकारी आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन के अधिकारी फील्ड में तैनात अधिकारियों से नियमित संवाद बनाए रखेंगे। उन्होंने डोर–टू–डोर सर्वे कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने ५५ हजार टेस्ट प्रतिदिन की टेस्टिंग क्षमता अर्जित की है। इसे और बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने रैपिड एन्टीजन टेस्ट के माध्यम से वर्तमान में प्रतिदिन किए जा रहे २० हजार टेस्ट को चरणबद्ध ढंग से बढ़ाकर ५० हजार टेस्ट प्रतिदिन किए जाने पर बल दिया है।


  • राष्ट्रीय सहारा : 04/07/2020 सहारा न्यूज ब्यूरो, लखनऊ :- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलों में तैनात नोडल अधिकारियों से वैश्विक महामारी कोविड–१९ से बचाव तथा उपचार का नियमित रूप से फीडबैक प्राप्त करने के निर्देश देते हुए कहा कि उनके सुझावों पर तत्काल निर्णय लेते हुए जरूरी कार्रवाई की जाए। श्री योगी शुक्रवार को यहां अपने सरकारी आवास पर उच्चस्तरीय बैठक टीम–११ से ‘अनलॉक व्यवस्था‘ की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोविड–१९ के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए हर स्तर पर सतर्क व सावधान रहना जरूरी है। अनलॉक–२ के दौरान संचालित विभिन्न गतिविधियों में संक्रमण से सुरक्षा सम्बन्धी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि लोग ‘दो गज की दूरी‚ मास्क' के नियम का पालन करें। सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने के लिए लोगों को प्रेरित व प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कोरोना के संक्रमण से बचाव के सम्बन्ध में जनता को जागरूक करने के लिए प्रचार–प्रसार की कार्रवाई को जारी रखने के निर्देश भी दिए। श्री योगी ने कहा कि पुलिस द्वारा प्रभावी पेट्रोलिंग का कार्य जारी रखा जाए। कहीं भी पब्लिक गैदरिंग न हो। कन्टेनमेंट जोन में पूरी सख्ती बरती जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कन्टेनमेंट जोन में लोगों को आवश्यक सामग्री की उपलब्धता में कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े। उन्होंने सरकारी एवं निजी संस्थाओं में कोविड हेल्प डेस्क के सुचारु संचालन पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के विशेष प्रयास करते हुए कोविड–१९ के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। उन्होंने गाजियाबाद में स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कैम्प करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड–१९ के संक्रमण को नियंत्रित करने तथा मृत्यु की दर को कम करने में सर्विलांस टीम की बड़ी भूमिका है। उन्होंने सर्विलांस टीम द्वारा पूरी सक्रियता से कार्य किए जाने पर बल देते हुए कहा कि समय पर मरीज को अस्पताल पहुंचाने से इलाज करके रोगी की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने गाजियाबाद तथा बागपत में सर्विलांस टीम की संख्या में वृद्धि करने के निर्देश दिए। श्री योगी ने कहा कि अधिक से अधिक टेस्टिंग के उद्देश्य से रैपिड एन्टीजन टेस्ट को बढ़ावा दिया जाए। प्रशिक्षित मेडिकल टीम तैयार करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं। आशा वर्कर‚ भूतपूर्व सैनिक‚ चिकित्सा सेवा से जुड़े सेवानिवृत्त लोगों आदि को प्रशिक्षित करते हुए इनका सहयोग लिया जाए। उन्होंने कहा कि पांच जुलाई से प्रारम्भ होने वाले खाद्यान्न वितरण अभियान को सुचारू ढंग से संचालित करने के लिए सभी प्रबन्ध समय से पूरे कर लिए जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि खाद्यान्न वितरण कार्य में कहीं भी घटतौली अथवा अन्य कोई अनियमितता न होने पाए। जिलाधिकारियों द्वारा अभियान की समस्त गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
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    नोडल अफसरों से नियमित रूप से लिया जाय फीडबैक
    राष्ट्रीय सहारा 04/07/2020
    सहारा न्यूज ब्यूरो, लखनऊ :- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलों में तैनात नोडल अधिकारियों से वैश्विक महामारी कोविड–१९ से बचाव तथा उपचार का नियमित रूप से फीडबैक प्राप्त करने के निर्देश देते हुए कहा कि उनके सुझावों पर तत्काल निर्णय लेते हुए जरूरी कार्रवाई की जाए। श्री योगी शुक्रवार को यहां अपने सरकारी आवास पर उच्चस्तरीय बैठक टीम–११ से ‘अनलॉक व्यवस्था‘ की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोविड–१९ के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए हर स्तर पर सतर्क व सावधान रहना जरूरी है। अनलॉक–२ के दौरान संचालित विभिन्न गतिविधियों में संक्रमण से सुरक्षा सम्बन्धी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि लोग ‘दो गज की दूरी‚ मास्क' के नियम का पालन करें। सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने के लिए लोगों को प्रेरित व प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कोरोना के संक्रमण से बचाव के सम्बन्ध में जनता को जागरूक करने के लिए प्रचार–प्रसार की कार्रवाई को जारी रखने के निर्देश भी दिए। श्री योगी ने कहा कि पुलिस द्वारा प्रभावी पेट्रोलिंग का कार्य जारी रखा जाए। कहीं भी पब्लिक गैदरिंग न हो। कन्टेनमेंट जोन में पूरी सख्ती बरती जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कन्टेनमेंट जोन में लोगों को आवश्यक सामग्री की उपलब्धता में कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े। उन्होंने सरकारी एवं निजी संस्थाओं में कोविड हेल्प डेस्क के सुचारु संचालन पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के विशेष प्रयास करते हुए कोविड–१९ के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। उन्होंने गाजियाबाद में स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कैम्प करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड–१९ के संक्रमण को नियंत्रित करने तथा मृत्यु की दर को कम करने में सर्विलांस टीम की बड़ी भूमिका है। उन्होंने सर्विलांस टीम द्वारा पूरी सक्रियता से कार्य किए जाने पर बल देते हुए कहा कि समय पर मरीज को अस्पताल पहुंचाने से इलाज करके रोगी की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने गाजियाबाद तथा बागपत में सर्विलांस टीम की संख्या में वृद्धि करने के निर्देश दिए। श्री योगी ने कहा कि अधिक से अधिक टेस्टिंग के उद्देश्य से रैपिड एन्टीजन टेस्ट को बढ़ावा दिया जाए। प्रशिक्षित मेडिकल टीम तैयार करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं। आशा वर्कर‚ भूतपूर्व सैनिक‚ चिकित्सा सेवा से जुड़े सेवानिवृत्त लोगों आदि को प्रशिक्षित करते हुए इनका सहयोग लिया जाए। उन्होंने कहा कि पांच जुलाई से प्रारम्भ होने वाले खाद्यान्न वितरण अभियान को सुचारू ढंग से संचालित करने के लिए सभी प्रबन्ध समय से पूरे कर लिए जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि खाद्यान्न वितरण कार्य में कहीं भी घटतौली अथवा अन्य कोई अनियमितता न होने पाए। जिलाधिकारियों द्वारा अभियान की समस्त गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।


  • राष्ट्रीय सहारा : 24/06/2020 लखनऊ (एसएनबी)। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने थाना‚ चिकित्सालय‚ राजस्व न्यायालय/तहसील‚ विकास खण्ड व जेल में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि हेल्प डेस्क पर पल्स ऑक्सीमीटर‚ इंफ्रारेड थर्मामीटर तथा सैनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। श्री योगी ने मंगलवार को यहां लोक भवन में उच्च स्तरीय टीम–११ की बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक थाना‚ चिकित्सालय‚ राजस्व न्यायालय/तहसील‚ विकास खण्ड तथा जेल में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना की जाय। कोविड हेल्प डेस्क पर कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव सम्बन्धी सावधानियों के पोस्टर लगाए जाए। कोविड हेल्प डेस्क पर पल्स ऑक्सीमीटर‚ इंफ्रारेड थर्मामीटर तथा सेनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मेडिकल उपकरणों के संचालन के सम्बन्ध में कोविड हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाए। इन कर्मियों को मास्क तथा ग्लव्स उपलब्ध कराए जाय। सीएम ने कहा कि कोविड हेल्प डेस्क पर एक से दो कर्मी तैनात रहें। कोविड हेल्प डेस्क का प्रतिदिन सुबह से शाम तक संचालन किया जाए। निजी अस्पतालों को भी कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने स्थापित की गईं कोविड हेल्प डेस्क की सूची उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं। श्री योगी ने विशेष सचिव स्तर के अधिकारियों को जिलों में रहकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने में सम्बन्धित मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड–१९ के आपदाकाल में इन अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा। टेस्टिंग की संख्या में लगातार वृद्धि की जाए। सर्विलांस व्यवस्था को और बेहतर करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए विशेष सचिव स्तर के अधिकारी भेजे जा रहे हैं। सर्विलांस कार्य को मजबूत करने से मेडिकल टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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    हर थाने‚ चिकित्सालय‚ विकास खंड जेल में बने कोविड हेल्प डे़स्कः सीएम
    राष्ट्रीय सहारा 24/06/2020
    लखनऊ (एसएनबी)। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने थाना‚ चिकित्सालय‚ राजस्व न्यायालय/तहसील‚ विकास खण्ड व जेल में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि हेल्प डेस्क पर पल्स ऑक्सीमीटर‚ इंफ्रारेड थर्मामीटर तथा सैनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। श्री योगी ने मंगलवार को यहां लोक भवन में उच्च स्तरीय टीम–११ की बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक थाना‚ चिकित्सालय‚ राजस्व न्यायालय/तहसील‚ विकास खण्ड तथा जेल में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना की जाय। कोविड हेल्प डेस्क पर कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव सम्बन्धी सावधानियों के पोस्टर लगाए जाए। कोविड हेल्प डेस्क पर पल्स ऑक्सीमीटर‚ इंफ्रारेड थर्मामीटर तथा सेनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मेडिकल उपकरणों के संचालन के सम्बन्ध में कोविड हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाए। इन कर्मियों को मास्क तथा ग्लव्स उपलब्ध कराए जाय। सीएम ने कहा कि कोविड हेल्प डेस्क पर एक से दो कर्मी तैनात रहें। कोविड हेल्प डेस्क का प्रतिदिन सुबह से शाम तक संचालन किया जाए। निजी अस्पतालों को भी कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने स्थापित की गईं कोविड हेल्प डेस्क की सूची उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं। श्री योगी ने विशेष सचिव स्तर के अधिकारियों को जिलों में रहकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने में सम्बन्धित मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड–१९ के आपदाकाल में इन अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा। टेस्टिंग की संख्या में लगातार वृद्धि की जाए। सर्विलांस व्यवस्था को और बेहतर करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए विशेष सचिव स्तर के अधिकारी भेजे जा रहे हैं। सर्विलांस कार्य को मजबूत करने से मेडिकल टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।


  • हिन्दुस्तान : 21/06/2020 लखनऊ ' विशेष संवाददाता :-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनसीआर के जिलों में कोविड-19 का संक्रमण रोकने के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाकर उसे लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा जिला प्रशासन सर्विलांस सिस्टम को भी मजबूत करे। यह संक्रमण की चेन तोड़ने में सहायक होगा। डॉक्टरों की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्य करने वाले चिकित्सकों को मरीजों के उपचार संबंधी दायित्व सौंपे जाने पर भी विचार किया जाए। वह शनिवार को अपने सरकारी आवास पर उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सर्विलांस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए निगरानी समितियों की संख्या में वृद्धि की जाए। एक लाख की संख्या में निगरानी समितियां स्थापित करने से सर्विलांस व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सकता है। रैण्डम चेकिंग में वृद्धि करने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से कोविड-19 के प्रसार की सटीक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यही जानकारी कोरोना के खिलाफ जंग में कारगर रणनीति बनाने में सहायक होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अस्पतालों में प्राथमिकता के आधार पर हेल्प डेस्क स्थापित की जाए। इसके माध्यम से लोगों को संक्रमण से बचाव तथा उपचार की जानकारी मुहैया कराई जाए। अवैध प्लॉटिंग करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई हो :- मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि अनियोजित विकास की शिकायतें मिल रही हैं। अवैध प्लाटिंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कहा कि खाद्यान्न वितरण का अभियान पुन: शुरू हो गया है। यह कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ कराया जाए। सभी डीएम खाद्यान्न वितरण कार्य की प्रभावी मॉनीटरिंग करते हुए यह सुनिश्चित करें कि कोई भी जरूरतमन्द व्यक्ति खाद्यान्न से वंचित न होने पाए।
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    प्रशासनिक कामों से जुड़े डॉक्टर इलाज करें : योगी
    हिन्दुस्तान 21/06/2020
    लखनऊ ' विशेष संवाददाता :-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनसीआर के जिलों में कोविड-19 का संक्रमण रोकने के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाकर उसे लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा जिला प्रशासन सर्विलांस सिस्टम को भी मजबूत करे। यह संक्रमण की चेन तोड़ने में सहायक होगा। डॉक्टरों की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्य करने वाले चिकित्सकों को मरीजों के उपचार संबंधी दायित्व सौंपे जाने पर भी विचार किया जाए। वह शनिवार को अपने सरकारी आवास पर उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सर्विलांस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए निगरानी समितियों की संख्या में वृद्धि की जाए। एक लाख की संख्या में निगरानी समितियां स्थापित करने से सर्विलांस व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सकता है। रैण्डम चेकिंग में वृद्धि करने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से कोविड-19 के प्रसार की सटीक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यही जानकारी कोरोना के खिलाफ जंग में कारगर रणनीति बनाने में सहायक होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अस्पतालों में प्राथमिकता के आधार पर हेल्प डेस्क स्थापित की जाए। इसके माध्यम से लोगों को संक्रमण से बचाव तथा उपचार की जानकारी मुहैया कराई जाए। अवैध प्लॉटिंग करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई हो :- मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि अनियोजित विकास की शिकायतें मिल रही हैं। अवैध प्लाटिंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कहा कि खाद्यान्न वितरण का अभियान पुन: शुरू हो गया है। यह कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ कराया जाए। सभी डीएम खाद्यान्न वितरण कार्य की प्रभावी मॉनीटरिंग करते हुए यह सुनिश्चित करें कि कोई भी जरूरतमन्द व्यक्ति खाद्यान्न से वंचित न होने पाए।


  • राष्ट्रीय सहारा : 19/06/2020 लखनऊ (एसएनबी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जून के अन्त तक कोविड अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाकर डेढ़ लाख किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा २० जून तक टेस्टिंग क्षमता को भी बढ़ाकर २० हजार टेस्ट प्रतिदिन किए जाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने ड़ीएम को ओल्ड एज होम‚ बाल गृह तथा महिला संरक्षण गृह में निवास करने वाले लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिया। मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को यहां लोक भवन में आहूत उच्च स्तरीय टीम–११ की बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना से घबराने की नहीं‚ बल्कि सावधान रहने की जरूरत है। इसलिए अनलॉक के दौरान सभी गतिविधियों में अनुशासन का पालन अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बिना मास्क कोई बाहर न निकले। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से जनता को जागरूक करने के कार्य को जारी रखने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्य में पीआरवी ११२ तथा प्रशासनिक मजिस्ट्रेटों के वाहनों का भी उपयोग किया जाए। साथ ही प्रमुख स्थलों तथा चैाराहों आदि पर भी पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग कर जागरूकता सृजित की जाए।
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    ओल्ड एज होम‚ बाल व महिला संरक्षण गृहों में रहने वालों का स्वास्थ्य परीक्षण करायें
    राष्ट्रीय सहारा 19/06/2020
    लखनऊ (एसएनबी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जून के अन्त तक कोविड अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाकर डेढ़ लाख किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा २० जून तक टेस्टिंग क्षमता को भी बढ़ाकर २० हजार टेस्ट प्रतिदिन किए जाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने ड़ीएम को ओल्ड एज होम‚ बाल गृह तथा महिला संरक्षण गृह में निवास करने वाले लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिया। मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को यहां लोक भवन में आहूत उच्च स्तरीय टीम–११ की बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना से घबराने की नहीं‚ बल्कि सावधान रहने की जरूरत है। इसलिए अनलॉक के दौरान सभी गतिविधियों में अनुशासन का पालन अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बिना मास्क कोई बाहर न निकले। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से जनता को जागरूक करने के कार्य को जारी रखने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्य में पीआरवी ११२ तथा प्रशासनिक मजिस्ट्रेटों के वाहनों का भी उपयोग किया जाए। साथ ही प्रमुख स्थलों तथा चैाराहों आदि पर भी पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग कर जागरूकता सृजित की जाए।

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अपने धार्मिक उत्तरदायित्व का निर्वहन करने के साथ-साथ योगी जी निरंतर समाज से जुड़ी समस्याओं के निवारण के लिए प्रयास करते रहते हैं। व्यक्तिगत समस्याओं से लेकर विकास योजनाओं तक की समस्याओं का हल वे बहुत ही धैर्यपूर्वक निकालते हैं। प्रस्तुत है समाज के विकास से जुड़ी समस्याओं के निदान के लिए किये गये उनके प्रयास और उपलब्धियाँ।

वर्ष 2009 से 2013



1. रामगढ़ताल परियोजना के लिये रु 124 करोड़ स्वीकृत, कार्य आरम्भ।
2. इन्सेफ्लाइटिस के निःशुल्क उपचार एवं उन्मूलन के लिये राष्ट्रीय कार्यक्रम घोषित।
3. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की तर्ज पर होगा बी.आर.डी.मेडिकल कालेज, गोरखपुर का विकास।
4. गोरखपुर बाईपास का शुभारम्भ कुल लागत रु 624 करोड़।
5. महेसरा सेतु स्वीकृत रु 9.25 करोड़ कार्य प्रारम्भ।
6. सिसई घाट का शुभारम्भ रु 10.68 करोड़।
7. रामपुर सेतु का शुभारम्भ।
8. गोरखपुर में फर्टिलाइजर कारखाना स्थापना का मार्ग प्रशस्त।
9. दूरदर्शन केन्द्र में स्टूडियों भवन का निर्माण तथा अपलिकिंग सुविधा की स्वीकृति।
10. आकाशवाणी केन्द्र में 10 किलोवाट का एफ.एम. चैनल स्वीकृत।
11. डोमिनगढ़ में सेतु निर्माण स्वीकृत रु 915.74 लाख।
12. गोरखपुर-लखनऊ रेलमार्ग का दोहरीकरण कार्य अन्तिम चरण में।
13. गोरखपुर-लखनऊ रेलमार्ग का विद्युतीकरण कार्य अन्तिम चरण में।
14. डोमिनगढ़ तथा गाहासाड़ में रेलवे पुल के साथ फुटपाथ वे का निर्माण।
15. सहजनवा में ओवरब्रिज स्वीकृत।
16. प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, केन्द्रीय सड़क निधि, राज्य सड़क निधि से गोरखपुर संसदीय क्षेत्र की 300 किमी.         मार्गो का निर्माण।
17. गोरखपुर महानगर को पेयजल के लिये रु 100 करोड़ स्वीकृत ।
18. बाढ़ से बचाव के लिये केन्द्र की ओर से माधवपुर-हार्वट, महेवा-मनौली, मानीराम-कुदरिया, बढ़या-कोठा,         मोहम्मदपुर-कौलिया, बेलसर-रिगौली, सिसई-कालेसर तटबन्ध की सुदृढ़ीकरण कार्ययोजना स्वीकृत।
19. गोरखपुर फूड पार्क की स्वीकृति।
20. सहजनवा-दोहरीघाट, सहजनवा-बॉसी तक नई रेल लाइन सर्वे की स्वीकृति।
21. चार फाटक ओवरब्रिज का शुभारम्भ ।
22. केन्द्रीय विश्वविद्यालय के लिये पुरजोर प्रयास।
23. हाईकोर्ट की बैंच गोरखपुर में स्थापित करने को लेकर जोरदार प्रयास।
24. भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान के लिये पहल।
25. गोरखपुर-दुर्ग, गोरखपुर-मुम्बई के बीच नई ट्रेन सेवा।
26. मंछरिया घाट का सेतु निर्माण।
27. खड़खड़िया घाट का सेतु निर्माण।
28. गोरखपुर-गोण्डा लूप लाइन आमान परिवर्तन का कार्य।
29. तरंग क्रासिंग तथा सूर्यकुण्ड में नए ओवरब्रिज का निर्माण।
30. गोरखपुर-दिल्ली वायुसेवा पुनः प्रारम्भ।
31. बी.आर.डी.मेडिकल कालेज में ट्रामा सेन्टर की स्वीकृति।
32. इण्डियन ऑयल के बोंटलिंग प्लांट गोरखपुर के लिये स्वीकृत।
33. गोरखपुर-वाराणसी मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण करने का प्रयास।
34. गोरखपुर-सोनौली मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव स्वीकृत।
35. गोरखपुर-खजनी-सिकरीगंज मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव, कार्य प्रगति पर।
36. बी.आर.डी.मेडिकल कालेज में नए इन्सेफ्लाइटिस वार्ड की स्वीकृति।
37. बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज में रिहेब्लिटेशन सेन्टर का निर्माण।
38. जंगल घूसड़ महाविद्यालय में योगिराज गम्भीरनाथ निःशुल्क सिलाई कढ़ाई सेन्टर का शुभारम्भ।
39. चारगांवा विकास खण्ड के तिनकोनिया न -3 में वनटॉंगिया बच्चों की शिक्षा के लिये हिन्दू विद्यापीठ का शुभारम्भ।
40. चन्द्रलोक कुष्ठ आश्रम के बच्चों की शिक्षा के लिये विद्यालय का शुभारम्भ।
41. इन्दिरा आवास योजना के अन्तर्गत 2 हजार आवास प्रतिवर्ष अतिरिक्त की स्वीकृति।
42. गोरखपुर महानगर को विकास की बुनियादी सुविधा के लिये जे.एन.यू.आर.एम. में चयन।
43. गोरखपुर संसदीय क्षेत्र में सांसद विकास निधि से 225 गाँवों का विद्युतीकरण।
44. गोरखपुर संसदीय क्षेत्र में सांसद विकास निधि से 100 गाँवों में धर्मशाला/पुस्तकालय का निर्माण।
45. गोरखपुर संसदीय क्षेत्र में सांसद विकास निधि से कुल 100 किमी. मार्गो का नवनिर्माण।
46. ग्रामीण विद्युतीकरण योजनान्तर्गत कुल 500 गाँवों में विद्युतीकरण स्वीकृत।
47. ग्रामीण पेयजल योजनान्तर्गत धनराशि रु 300 करोड़ स्वीकृत।
48. सांसद विकास निधि से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यालयों को एक कक्षीय भवन।
49. गोरखपुर संसदीय क्षेत्र में कुल 10 कस्तुरबा विद्यालय तथा 25 जूनियर हाईस्कूल/प्राथमिक विद्यालय स्वीकृत।
50. गोरखपुर संसदीय क्षेत्र में कुल 10 नए सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण।
51. पॉच वर्षो में 50 स्वास्थ्य मेला एवं 50 कृत्रिम अंग उपकरण वितरण कैम्प।

वर्ष 2004-2009



1. दूरदर्शन केन्द्र गोरखपुर के नये भवन तथा स्टूडियो भवन का निर्माण।
2. हेड पोस्ट ऑफिस गोरखपुर के नये भवन का निर्माण।
3. धर्मशाला ओवर ब्रिज़ का निर्माण।
4. राप्ती नदी के नए सेतु का निर्माण।
5. चारफाटक, हुमायूंपुर क्रासिंग (तरंग), सूर्यकुण्ड क्रासिंग पर तीन नए उपरिगामी सेतु स्वीकृत एवं दो पर कार्य प्रारम्भ।
6. रामगढ़ ताल की परियोजना को लेक कन्जर्वेशन स्कीम के अन्तर्गत लाना।
7. शहरी विकास मंत्रालय, भारत सरकार से गोरखपुर महानगर को पेयजल की सौ करोड़ रुपये की परियोजना की स्वीकृति।
8. बी. आर. डी. मेडिकल कालेज में ‘वाइरल रिसर्च सेन्टर’ की स्थापना।
9. जापानी इन्सेफेलाइटिस के उन्मूलन हेतु पहली बार भारत सरकार द्वारा ‘टीकाकरण’ की व्यवस्था करवाना।
10. गोरखपुर को वायु सेवा से जोड़ना।
11. गोरखपुर से दिल्ली गोरखधम सुपरफास्ट ट्रेन तथा गोरखपुर से लखनऊ इण्टरसिटी प्रारम्भ करवाना।
12. गोरखपुर सिटी स्टेशन का निर्माण।
13. गोरखपुर-लखनऊ रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण परियोजना की स्वीकृति करवाना।
14. गोरखपुर-लखनऊ रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण कार्य स्वीकृत करवाना।
15. ताला विद्युत परियोजना के तहत गीडा में 400 केवीए का नया स्टेशन स्थापित करवाना।
16. गीडा में ‘फूड प्रोसेसिंग पार्क’ की स्वीकृति।
17. गीडा में ‘टेक्सटाइल पार्क’ की स्वीकृति।
18. महेसरा सेतु का निर्माण।
19. गोरखपुर-नौतनवां-गोण्डा लूप लाइन का आमान परिवर्तन स्वीकृत करवाना।
20. गोरखपुर-सोनौली राज्य मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग बनवाना।
21. आकाशवाणी में एफ.एम. चैनल की स्वीकृति।
22. गोरखपुर महानगर की बाढ़ से सुरक्षा के लिए ‘माधोपुर तटबन्ध्’ की बोल्डर पिचिंग, हावर्ट तटबन्ध् पर सुरक्षा दीवार          तथा महेवा-अजवनिया-मलौनी तटबन्ध् पर सुरक्षा दीवार की स्वीकृति।
23. गीडा से जगदीशपुर-सोनबरसा तक गोरखपुर बाईपास का कार्य प्रारम्भ करवाना।
24. दहलाघाट(जंगल कौड़िया) के पुल का निर्माण।
25. मानीराम-कुदरिया तटबन्ध् का सुदृढ़ीकरण कार्य।
26. चार वर्षों में 15 स्थानों पर निःशुल्क विकलांग उपकरण वितरण शिविर।
27. चार वर्षों में 22 स्वास्थ्य मेले। लगभग दो लाख गरीब जनता लाभान्वित।
28. प्रधानमंत्री ग्राम्य सड़क योजना के अन्तर्गत गोरखपुर संसदीय क्षेत्र में विभिन्न मार्गों पर कुल 300 किमी. सड़क के          निर्माण की स्वीकृति।
29. गोरखपुर में एक नए केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना।
30. राप्ती नदी पर चार लेन के नए सेतु के निर्माण की स्वीकृति।
31. सही, सस्ती एवं विश्वसनीय चिकित्सीय सुविध के लिए ‘गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय’ की स्थापना।
32. ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए ‘महाराणा प्रताप महाविद्यालय, जंगल धूसड़’ की स्थापना।
33. गोरखपुर जिला चिकित्सालय एवं महिला चिकित्सालय का उत्तर प्रदेश हेल्थ डेवलपमेंट स्कीम के तहत जीर्णोद्धार एवं       अत्याधुनिक सुविध से युक्त करवाना।
34. ग्रामीण क्षेत्रों में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण की स्वीकृति।
35. महिला शिक्षा के उत्थान हेतु ‘महाराणा प्रताप महिला महाविद्यालय, रामदत्तपुर’ एवं बच्चों को संस्कारयुक्त            आधुनिक शिक्षा के लिए ‘महाराणा प्रताप सीनियर सेकेण्ड्री स्कूल’ की स्थापना।
36. ग्रामीण क्षेत्रों में न्याय पंचायत स्तर पर जूनियर हाई स्कूल तथा ग्राम पंचायत स्तर पर प्राथमिक विद्यालय की             स्वीकृति।
37. गोरखपुर संसदीय क्षेत्र के अधिकतर उच्च माध्यमिक विद्यालयों, इण्टरमीडिएट एवं उच्च शिक्षा संस्थानों को सांसद          निधिसे भवन निर्माण हेतु सहायता।
38. ग्रामीण क्षेत्रों के अध्कितर ग्राम पंचायतों में वाचनालय, पुस्तकालय, धर्मशाला का निर्माण सांसद निधिसे तथा राष्ट्रीय       श्रम विकास योजनान्तर्गत सामुदायिक केन्द्रों का निर्माण।
39. भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के मुद्दे को पुरजोर तरीके से संसद में रखना।
40. राजकीय अन्ध् विद्यालय लालडिग्गी के भवन का निर्माण।
41. मूक बधिर विद्यालय, हुमायूंपुर में निर्माण कार्य।
42. ऐतिहासिक धार्मिक स्थल मान सरोवर, पुराना गोरखपुर के जीर्णोद्धार की व्यवस्था।
43. शहीद विजय शंकर शुक्ल, शहीद शिव सिंह की मूर्ति स्थापना।
44. अमर बलिदानी बाबू बन्धू सिंह की मूर्ति स्थापना का मार्ग प्रशस्त करना।
45. शहीद मेजर उदय सिंह के स्मारक के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना।
46. चन्द्रलोक कुष्ठ आश्रम का जीर्णोद्धार तथा कुष्ठ रोगियों के बच्चों को निःशुल्क पढ़ाने की आधुनिक व्यवस्था करना।
47. शक्ति पीठ बाँस स्थान का जीर्णोद्धार।
48. निर्बल आवास योजना में जनपद गोरखपुर के लिए 2 हजार आवास प्रतिवर्ष अतिरिक्त आवंटित करवाना।
49. विद्युतीकरण योजना में सांसद निधि से कुल 200 ग्राम सभाओं में तथा ग्रामीण विद्युतीकरण योजनान्तर्गत कुल          300 गाँवों में विद्युतीकरण।
50. पिछले पाँच वर्षों में कुल 15 टेलीफोन एक्सचेंज, 10 पोस्ट आफिस तथा 6 पशु चिकित्सालय स्थापित किए गए।

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